13 जनवरी 2026, Purnia में गांजा तस्करी पर बड़ी कार्रवाई: Purnia जिले के बायसी थाना क्षेत्र में पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। उत्तर प्रदेश के दो तस्करों को गिरफ्तार किया गया है, जिनके पास से 50 किलोग्राम गांजा बरामद हुआ। यह घटना स्थानीय पुलिस की सतर्कता का परिणाम है, जहां एक कार की तलाशी के दौरान यह जब्ती हुई। जांच अधिकारियों के अनुसार, तस्कर गांजे को उत्तर प्रदेश से बिहार के विभिन्न हिस्सों में सप्लाई करने की योजना बना रहे थे। इस कार्रवाई से क्षेत्र में नशा तस्करी पर अंकुश लगने की उम्मीद है।
तस्करों की पहचान और पकड़े जाने का तरीका
गिरफ्तार तस्करों की पहचान उत्तर प्रदेश के रहने वाले मोहम्मद अली और राजेश कुमार के रूप में हुई है। पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि एक संदिग्ध कार बायसी क्षेत्र से गुजर रही है। चेकिंग के दौरान कार को रोका गया और तलाशी ली गई, जहां सीट के नीचे छिपाकर रखे गए पैकेट्स में 50 किलो गांजा मिला। तस्करों ने भागने की कोशिश की, लेकिन पुलिस टीम ने उन्हें दबोच लिया। प्रारंभिक पूछताछ में उन्होंने कबूल किया कि यह माल पश्चिम बंगाल बॉर्डर से लाया गया था।
जांच की दिशा और आगे की कार्रवाई
पुलिस अब इस मामले में ह्यूमन ट्रैफिकिंग या बड़े नेटवर्क की जांच कर रही है। गांजे की कीमत बाजार में लगभग 5 लाख रुपये आंकी जा रही है। थाना प्रभारी ने बताया कि तस्करों के मोबाइल फोन और अन्य सामान जब्त कर फॉरेंसिक जांच के लिए भेजे गए हैं। स्थानीय निवासियों ने इस कार्रवाई की सराहना की है, क्योंकि क्षेत्र में नशे की समस्या बढ़ रही थी। आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।
बायसी थाना क्षेत्र में नशा तस्करी रैकेट का भंडाफोड़
घटना का विवरण
बिहार के Purnia जिले में बायसी पुलिस ने उत्तर प्रदेश के दो तस्करों को धर दबोचा। कार से 50 किलो गांजा जब्त करने के बाद जांच तेज कर दी गई है। यह घटना रविवार शाम की है, जब पुलिस की गश्ती टीम ने एक तेज रफ्तार कार को संदिग्ध पाया। तलाशी में गांजे के पैकेट मिले, जो प्लास्टिक में लपेटे हुए थे। इस सफलता से पुलिस का मनोबल बढ़ा है।
तस्करों का बैकग्राउंड
गिरफ्तार आरोपी मोहम्मद अली और राजेश कुमार यूपी के गोरखपुर जिले के निवासी हैं। पुलिस सूत्रों के अनुसार, ये दोनों पहले भी छोटे-मोटे अपराधों में शामिल रहे हैं। गांजा तस्करी उनका मुख्य धंधा था, और वे बिहार-बंगाल बॉर्डर का इस्तेमाल कर माल की सप्लाई करते थे। पूछताछ में उन्होंने एक बड़े गिरोह का जिक्र किया, जिसकी जांच चल रही है।
सामाजिक प्रभाव और पुलिस की रणनीति
इस घटना से स्थानीय समुदाय में राहत है, क्योंकि युवाओं में नशे की लत बढ़ रही थी। पुलिस अब क्षेत्र में चेकिंग अभियान चला रही है और सीमावर्ती इलाकों पर नजर रख रही है। डीएसपी स्तर के अधिकारी मामले की मॉनिटरिंग कर रहे हैं। गांजे को नष्ट करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है, और कोर्ट में चार्जशीट जल्द दाखिल होगी।
Purnia में गांजा तस्करी पर बड़ी कार्रवाई पुलिस की गांजा तस्करी के खिलाफ मुहिम
ऑपरेशन की शुरुआत
Purnia जिले के बायसी थाने ने नशा तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में बड़ी कामयाबी हासिल की। दो यूपी निवासियों को गिरफ्तार कर 50 किलो गांजा जब्त किया गया। कार्रवाई एक गुप्त सूचना पर आधारित थी, जो पुलिस को शाम के समय मिली। कार को रोककर तलाशी ली गई, और छिपे हुए कम्पार्टमेंट से माल बरामद हुआ।
आरोपियों की भूमिका
मोहम्मद अली और राजेश कुमार नामक तस्करों ने गांजे को ट्रांसपोर्ट करने के लिए स्पेशल तरीके अपनाए थे। पुलिस का मानना है कि ये एक अंतरराज्यीय रैकेट का हिस्सा हैं। उनके पास से जब्त दस्तावेजों से अन्य संपर्कों का पता चला है। जांच टीम अब यूपी पुलिस से संपर्क कर रही है ताकि बैकग्राउंड चेक किया जा सके।
भविष्य की योजनाएं और जन जागरूकता
इस घटना के बाद पुलिस ने स्कूलों और गांवों में जागरूकता अभियान शुरू किया है। नशे के दुष्प्रभावों पर सेमिनार आयोजित किए जा रहे हैं। जांच जारी है, और बड़े सप्लायर्स को पकड़ने के प्रयास तेज हो गए हैं। स्थानीय नेता इस कार्रवाई की प्रशंसा कर रहे हैं, और उम्मीद है कि इससे अपराध दर कम होगी।
नशा तस्करी पर Purnia में गांजा तस्करी पर बड़ी कार्रवाई का कड़ा रुख
बरामदगी का पूरा ब्योरा
बायसी थाना क्षेत्र में पुलिस ने एक कार से 50 किलो गांजा जब्त कर दो तस्करों को गिरफ्तार किया। ये तस्कर उत्तर प्रदेश से थे और माल को बिहार में बेचने की फिराक में थे। घटना सोमवार की है, जब चेकपोस्ट पर कार रोकी गई। तलाशी में गांजे के अलावा कुछ नकदी भी मिली।
जांच की प्रगति
पुलिस अब फॉरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार कर रही है ताकि गांजे की क्वालिटी और ओरिजिन पता चले। आरोपियों से पूछताछ में वे चुप्पी साधे हुए हैं, लेकिन उनके फोन रिकॉर्ड्स से क्लू मिल रहे हैं। ड्रग कंट्रोल विभाग भी जांच में शामिल हो गया है।
क्षेत्रीय प्रभाव
Purnia जैसे बॉर्डर जिलों में ऐसी घटनाएं आम हैं, लेकिन पुलिस की सक्रियता से रोकथाम हो रही है। समुदाय को सलाह दी जा रही है कि संदिग्ध गतिविधियों की रिपोर्ट करें। इस कार्रवाई से अन्य तस्करों में डर पैदा हुआ है।
Sources: हिंदुस्तान