13 जनवरी 2026, Bihar में गंभीर हिंसक अपराधों में ऐतिहासिक गिरावट: Bihar, जो कभी अपराध और अराजकता के लिए बदनाम था, अब एक नई दिशा में आगे बढ़ रहा है। 2025 में राज्य में हत्या, डकैती और दंगों जैसे गंभीर हिंसक अपराधों में ऐतिहासिक गिरावट दर्ज की गई है। ये अपराध पिछले 25 वर्षों के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गए हैं। विशेष रूप से डकैती के मामलों में 80 प्रतिशत से अधिक की कमी आई है। यह उपलब्धि राज्य सरकार की मजबूत कानून व्यवस्था और पुलिस की प्रभावी कार्रवाई का परिणाम है। इस रिपोर्ट में हम इस गिरावट के आंकड़ों, कारणों, प्रभावों और भविष्य की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा करेंगे।
अपराध के आंकड़ों का विश्लेषण
Bihar पुलिस द्वारा जारी 2025 की वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार, राज्य में गंभीर अपराधों में उल्लेखनीय कमी आई है। हत्या के मामलों में 8.3 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई, जहां 2024 में 2,786 मामले थे, वहीं 2025 में यह संख्या घटकर 2,556 रह गई। यह पिछले 25 वर्षों में सबसे कम है, क्योंकि 2000 के दशक में हत्या के मामले सालाना 3,000 से ऊपर रहते थे। इसी तरह, डकैती के मामलों में 26.9 प्रतिशत की कमी आई, जो 2024 के 238 मामलों से घटकर 2025 में 174 रह गए। यदि हम लंबे समय के रुझान को देखें, तो 2000 के शुरुआती वर्षों में डकैती के 1,200 से अधिक मामले दर्ज होते थे, जो अब 80 प्रतिशत से अधिक घट चुके हैं।
दंगों के मामलों में भी 21.5 प्रतिशत की कमी देखी गई। 2024 में 3,186 दंगे दर्ज हुए थे, जो 2025 में घटकर 2,502 रह गए। यह संख्या 2001 के बाद सबसे कम है। 2014 में दंगों के मामले चरम पर थे, जब 13,566 मामले दर्ज हुए थे, लेकिन उसके बाद से इसमें निरंतर गिरावट आई है। कुल मिलाकर, गंभीर हिंसक अपराधों में 25 वर्षों का सबसे निचला स्तर दर्ज किया गया। हालांकि, कुल संज्ञेय अपराधों में वृद्धि हुई है, जो मुख्य रूप से चोरी, सेंधमारी और साइबर अपराधों के कारण है।
बैंक डकैतियों में 80 प्रतिशत की गिरावट आई है, जो पुलिस की सतर्कता का प्रमाण है। इसके अलावा, बलात्कार के मामलों में भी 8.2 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई, जहां 2024 के 2,205 मामलों से घटकर 2025 में 2,025 रह गए। माओवादी हिंसा में भी शून्य स्तर पर पहुंच गई है, और पिछले 3-4 वर्षों में कोई ऐसी घटना नहीं हुई। ये आंकड़े बिहार पुलिस के डीजीपी विनय कुमार द्वारा जारी रिपोर्ट से लिए गए हैं, जो राज्य में कानून व्यवस्था की मजबूती को दर्शाते हैं।
गिरावट के प्रमुख कारण
इस ऐतिहासिक गिरावट के पीछे कई कारक हैं। सबसे महत्वपूर्ण है पुलिस की त्वरित और प्रभावी कार्रवाई। 2025 में 3,61,364 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, जिसमें हत्या से जुड़े 6,106, डकैती से 1,133 और लूट से 2,264 मामले शामिल हैं। पुलिस ने हथियारों की जब्ती, संगठित अपराध पर कार्रवाई और साइबर अपराधों पर फोकस बढ़ाया है। फोरेंसिक विज्ञान, इमरजेंसी रिस्पॉन्स और मैनपावर में सुधार ने भी योगदान दिया।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सरकार ने कानून व्यवस्था को प्राथमिकता दी है। उनके शासनकाल में अपराध दर में निरंतर कमी आई है, जो 2025 के चुनावों में उनकी जीत का एक प्रमुख कारण भी बना। ‘बाइडेन सिंड्रोम’ के बावजूद, अपराध में कमी ने मतदाताओं का विश्वास जीता। इसके अलावा, शराबबंदी कानून को सख्ती से लागू किया गया, जिससे अपराधों में कमी आई। माओवादी क्षेत्रों में विकास कार्यों ने हिंसा को रोका।
पुलिस की तकनीकी उन्नति भी महत्वपूर्ण है। साइबर सेल को मजबूत किया गया, जिससे साइबर अपराधों पर नियंत्रण बढ़ा, हालांकि ये मामले बढ़े हैं। कुल मिलाकर, लक्षित प्रवर्तन और पुलिसिंग ने अपराधियों में भय पैदा किया है।
समाज और अर्थव्यवस्था पर प्रभाव
इस गिरावट का समाज पर सकारात्मक प्रभाव पड़ा है। लोग अब सुरक्षित महसूस करते हैं, जिससे सामाजिक सद्भाव बढ़ा है। महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा में सुधार हुआ है, हालांकि बलात्कार जैसे मामलों पर अभी और काम की जरूरत है। आर्थिक रूप से, कम अपराध निवेशकों को आकर्षित करता है। बिहार अब ‘जंगल राज’ की छवि से मुक्त हो रहा है, जो विकास के लिए आवश्यक है। पर्यटन और व्यापार में वृद्धि की संभावना बढ़ी है।
हालांकि, चुनौतियां बाकी हैं। साइबर अपराधों में वृद्धि (जो कुल अपराधों को बढ़ा रही है) पर ध्यान देना होगा। ग्रामीण क्षेत्रों में पुलिस की पहुंच बढ़ानी होगी।
भविष्य की संभावनाएं
भविष्य में, इस रुझान को बनाए रखने के लिए पुलिस को और आधुनिक बनाना होगा। एआई और डेटा एनालिटिक्स का उपयोग अपराध पूर्वानुमान के लिए किया जा सकता है। सामुदायिक पुलिसिंग को बढ़ावा दें, ताकि जनता और पुलिस के बीच विश्वास मजबूत हो। शिक्षा और रोजगार पर फोकस से अपराध की जड़ें काटी जा सकती हैं।
2025 Bihar के लिए एक मील का पत्थर है। गंभीर अपराधों में यह गिरावट राज्य की प्रगति का प्रमाण है। यदि यह जारी रहा, तो बिहार एक सुरक्षित और समृद्ध राज्य के रूप में उभरेगा।
Sources: इंडियन एक्सप्रेस