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12 जनवरी 2026, Bihar के मेडिकल कॉलेजों में 1445 जूनियर डॉक्टरों की नियुक्ति: Bihar स्वास्थ्य विभाग ने राज्य के मेडिकल कॉलेजों में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए एक बड़ी पहल की है। 12 जनवरी 2026 को घोषित इस योजना के तहत 1445 जूनियर डॉक्टरों की जल्द नियुक्ति की जाएगी, जिन्हें 65 हजार रुपये मासिक मानदेय दिया जाएगा। यह कदम Bihar में चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे को उन्नत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण है, विशेष रूप से ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में डॉक्टरों की कमी को पूरा करने के लिए। राज्य स्वास्थ्य सोसाइटी (एसएचएस) Bihar के माध्यम से यह भर्ती प्रक्रिया संचालित होगी, जो राज्य के 9 सरकारी मेडिकल कॉलेजों और अन्य स्वास्थ्य संस्थानों में पदों को भरने पर फोकस करेगी। इस पहल से न केवल युवा डॉक्टरों को रोजगार मिलेगा, बल्कि मरीजों को बेहतर इलाज भी उपलब्ध होगा।

स्वास्थ्य विभाग की पृष्ठभूमि और चुनौतियां

Bihar में स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति लंबे समय से चुनौतीपूर्ण रही है। राज्य में डॉक्टर-मरीज अनुपात राष्ट्रीय औसत से कम है, जहां प्रति 10 लाख आबादी पर मात्र 300-400 डॉक्टर उपलब्ध हैं। कोविड-19 महामारी के बाद से स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की मांग बढ़ी है। स्वास्थ्य विभाग ने पिछले वर्षों में कई सुधार किए हैं, जैसे नए मेडिकल कॉलेजों का निर्माण और इंटर्न्स के स्टाइपेंड में वृद्धि। 2025 में इंटर्न्स का स्टाइपेंड 20 हजार से बढ़ाकर 27 हजार रुपये किया गया था। हालांकि, जूनियर रेजिडेंट्स (जेआर) के लिए वेतन 2019 से ही 65 हजार रुपये तय है, जो गैर-अकादमिक जेआर के लिए लागू है।

राज्य में 13 सरकारी मेडिकल कॉलेज हैं, जिनमें पटना मेडिकल कॉलेज, दरभंगा मेडिकल कॉलेज और आईजीआईएमएस पटना जैसे प्रमुख संस्थान शामिल हैं। इनमें जूनियर डॉक्टरों की कमी के कारण ओपीडी, इमरजेंसी और सर्जरी विभाग प्रभावित होते हैं। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा है कि यह नियुक्ति ग्रामीण स्वास्थ्य केंद्रों और जिला अस्पतालों को भी मजबूत करेगी। लखीसराय जैसे क्षेत्रों में, जहां उपयोगकर्ता स्थित हैं, स्थानीय स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार की उम्मीद है।

पिछली भर्तियां और हड़तालें

पिछले वर्षों में जूनियर डॉक्टरों ने स्टाइपेंड बढ़ोतरी और सुरक्षा की मांग को लेकर हड़तालें की हैं। 2025 में एमबीबीएस इंटर्न्स ने 40 हजार स्टाइपेंड की मांग की थी, जबकि जेआर ने बॉन्ड पोस्टिंग को एक वर्ष तक सीमित करने की मांग की। स्वास्थ्य विभाग ने इन मांगों पर विचार किया और अब नई भर्ती के साथ सुधार लागू कर रहा है। 2026 की इस योजना में 1445 पदों में से अधिकांश गैर-अकादमिक जेआर के लिए हैं, जो एमडी/एमएस पूरा करने के बाद अस्पतालों में काम करेंगे।

नियुक्ति की प्रक्रिया और योग्यता

यह भर्ती Bihar संयुक्त प्रवेश प्रतियोगी परीक्षा बोर्ड (बीसीईसीईबी) के माध्यम से होगी। ऑनलाइन आवेदन जल्द शुरू होंगे, और उम्मीदवारों को एमबीबीएस डिग्री, नीट-पीजी क्वालीफाई और बिहार मेडिकल काउंसिल रजिस्ट्रेशन की आवश्यकता होगी। पदों का वितरण मेडिकल कॉलेजों के आधार पर होगा, जैसे पटना में 300, दरभंगा में 200 आदि। महिलाओं और आरक्षित वर्गों के लिए कोटा लागू होगा।

वेतन संरचना और लाभ

जूनियर डॉक्टरों को 65 हजार रुपये मासिक मानदेय मिलेगा, जो मूल वेतन, डीए और अन्य भत्तों सहित है। इसके अलावा, आवास, चिकित्सा बीमा और छुट्टियां उपलब्ध होंगी। यह राशि अन्य राज्यों से तुलनात्मक रूप से प्रतिस्पर्धी है, जहां दिल्ली में जेआर को 90 हजार मिलते हैं, लेकिन बिहार की आर्थिक स्थिति को देखते हुए यह महत्वपूर्ण है। स्वास्थ्य विभाग ने कहा है कि यह पहल डॉक्टरों को राज्य में रहने के लिए प्रोत्साहित करेगी, क्योंकि कई डॉक्टर अन्य राज्यों में चले जाते हैं।

आवेदन और चयन प्रक्रिया

आवेदन एसएचएस Bihar की वेबसाइट पर होंगे। चयन मेरिट और इंटरव्यू पर आधारित होगा। सफल उम्मीदवारों को एक वर्ष की बॉन्ड पोस्टिंग करनी होगी, जिसमें ग्रामीण क्षेत्रों में सेवा अनिवार्य है। विफलता पर 10 लाख रुपये का जुर्माना लग सकता है।

स्वास्थ्य सेवाओं पर प्रभाव

यह नियुक्ति Bihar की स्वास्थ्य प्रणाली को मजबूत करेगी। राज्य में नए मेडिकल कॉलेज खुल रहे हैं, जैसे 2026 में दो नए कॉलेज जनवरी से शुरू होंगे, जो 200 एमबीबीएस सीटें जोड़ेंगे। कुल मिलाकर, 66 हजार स्वास्थ्यकर्मियों की भर्ती की योजना है, जिसमें 38 हजार नियमित और 27 हजार मानदेय आधारित हैं। इससे ग्रामीण स्वास्थ्य केंद्रों में डॉक्टरों की उपलब्धता बढ़ेगी, जो वर्तमान में 50% से कम है।

सामाजिक और आर्थिक प्रभाव

यह योजना युवा डॉक्टरों के लिए रोजगार सृजन करेगी, जो बिहार की बेरोजगारी दर को कम करेगी। महिलाओं के लिए सुरक्षित कार्य वातावरण सुनिश्चित करने पर जोर है। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे मृत्यु दर में कमी आएगी, विशेष रूप से मातृ-शिशु स्वास्थ्य में। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा है कि स्वास्थ्य बजट 2026 में 15% बढ़ाया जाएगा।

चुनौतियां और सुझाव

हालांकि, चुनौतियां हैं जैसे बुनियादी ढांचे की कमी और डॉक्टरों का पलायन। विभाग को ट्रेनिंग और सुरक्षा पर फोकस करना चाहिए। पिछले हड़तालों से सीखते हुए, समय पर भुगतान सुनिश्चित किया जाए।

निष्कर्ष: एक स्वस्थ बिहार की दिशा में कदम

1445 जूनियर डॉक्टरों की नियुक्ति स्वास्थ्य विभाग की दूरदर्शी पहल है, जो Bihar को स्वास्थ्य क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाएगी। यह न केवल चिकित्सा सेवाओं को बेहतर करेगी, बल्कि युवाओं को प्रोत्साहित भी करेगी। इच्छुक उम्मीदवार जल्द आवेदन करें और इस अवसर का लाभ उठाएं।

Sources: दैनिक जागरण

By Mohd Abdush Shahid

Mohd Abdush Shahid is Founder and content creator at www.views24.in, specializing in news analysis, feature reporting, and in-depth storytelling. With a keen eye for detail and a passion for uncovering impactful narratives, Mohd Abdush Shahid delivers trusted, engaging content that keeps readers informed and inspired.

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