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11 जनवरी 2026, Water Contamination: बिहार में Water Contamination एक गंभीर समस्या बन चुकी है, जहां लाखों लोग प्रभावित हैं। हाल ही में जारी बिहार इकोनॉमिक सर्वे 2024-25 में इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया गया है। सर्वे के अनुसार, राज्य के 38 में से 31 जिलों में ग्रामीण इलाकों के 30,207 वार्ड्स में पानी में आर्सेनिक, फ्लोराइड और आयरन की मात्रा अनुमेय सीमा से अधिक पाई गई है। इनमें किशनगंज और अररिया जैसे जिले शामिल हैं, जहां स्थानीय निवासी स्वास्थ्य जोखिमों का सामना कर रहे हैं। यह रिपोर्ट इस संकट की गहराई, प्रभावित क्षेत्रों, स्वास्थ्य प्रभावों और सरकारी उपायों पर विस्तार से चर्चा करती है।

संकट का परिदृश्य और आंकड़े

बिहार इकोनॉमिक सर्वे ने राज्य के ग्रामीण वार्ड्स में Water Contamination की विस्तृत मैपिंग की है। कुल 30,207 वार्ड्स प्रभावित हैं, जो राज्य के कुल ग्रामीण वार्ड्स का लगभग 26% है। यह समस्या मुख्य रूप से भूजल पर निर्भर ग्रामीण आबादी को प्रभावित कर रही है।

प्रभावित जिले और Contamination का प्रकार

प्रमुख संदूषक: आर्सेनिक, फ्लोराइड और आयरन

सर्वे में तीन प्रमुख Contamination पर फोकस किया गया है:

  • आर्सेनिक: 4,709 वार्ड्स में पाया गया, जो मुख्य रूप से गंगा नदी के किनारे वाले जिलों में है। आर्सेनिक की अधिकता से त्वचा रोग, कैंसर और अन्य स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं।
  • फ्लोराइड: 3,789 वार्ड्स प्रभावित, जो दक्षिणी जिलों में अधिक है। अधिक फ्लोराइड से दांतों और हड्डियों की समस्याएं फ्लोरोसिस होती है।
  • आयरन: 21,709 वार्ड्स में अतिरिक्त आयरन, जो पूर्वी और उत्तर-पूर्वी जिलों में प्रमुख है। यह पानी को खराब स्वाद देता है और स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है।

प्रभावित जिले

सर्वे में 31 जिलों का उल्लेख है, जिनमें शामिल हैं: बक्सर, भोजपुर, पटना, सारण, वैशाली, लखीसराय, दरभंगा, समस्तीपुर, बेगूसराय, खगड़िया, मुंगेर, कटिहार, भागलपुर, सीतामढ़ी, कैमूर, रोहतास, औरंगाबाद, गया, नालंदा, नवादा, शेखपुरा, जमुई, बांका, सुपौल, मधेपुरा, सहरसा, अररिया और किशनगंज। किशनगंज और अररिया जैसे सीमावर्ती जिले विशेष रूप से प्रभावित हैं, जहां भूजल पर निर्भरता अधिक है। इन जिलों में गंगा और कोसी बेसिन के प्रभाव से Water Contamination बढ़ा है।

स्वास्थ्य और पर्यावरणीय प्रभाव

स्वास्थ्य जोखिम

Water Contamination से लाखों लोग प्रभावित हैं। आर्सेनिक से त्वचा कैंसर, फ्लोराइड से फ्लोरोसिस और आयरन से एनीमिया जैसी बीमारियां बढ़ रही हैं। सर्वे में उल्लेख है कि ये संदूषक फसलों में भी पहुंच रहे हैं, जिससे सब्जियां और अनाज असुरक्षित हो रहे हैं। किशनगंज और अररिया में स्थानीय रिपोर्ट्स में बच्चों और महिलाओं में स्वास्थ्य समस्याओं की वृद्धि दर्ज की गई है।

पर्यावरणीय कारण

यह समस्या मुख्य रूप से भूवैज्ञानिक (जियोजेनिक) है, जहां गंगा मैदान में प्राकृतिक रूप से ये तत्व मौजूद हैं। बाढ़ और सिंचाई से स्थिति बदतर हो रही है। बिहार में 40% जिलों में आर्सेनिक समस्या है, और हाल के अध्ययनों में रेमेडिएशन यूनिट्स की मैपिंग की गई है।

सरकारी उपाय और चुनौतियां

चल रही योजनाएं

बिहार सरकार ने पब्लिक हेल्थ इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट (PHED) के तहत रेमेडिएशन यूनिट्स स्थापित किए हैं। 2016 से आर्सेनिक, फ्लोराइड और आयरन के लिए फिल्टर और उपचार इकाइयां लगाई जा रही हैं। ‘हर घर नल का जल’ योजना के तहत हैंडपंप हटाकर सुरक्षित पानी पहुंचाने की योजना है। सर्वे में मासिक टेस्टिंग प्रोटोकॉल का उल्लेख है, जहां प्रभावित क्षेत्रों में नियमित जांच होती है।

चुनौतियां और सुझाव

चुनौतियां अपर्याप्त जागरूकता, संसाधनों की कमी और जलवायु परिवर्तन से बढ़ती समस्या। विशेषज्ञ सुझाव देते हैं कि वैकल्पिक जल स्रोतों जैसे सतही जल का उपयोग बढ़ाया जाए। किशनगंज और अररिया में स्थानीय स्तर पर जागरूकता अभियान चलाने की जरूरत है। सरकार ने कृषि, स्वास्थ्य और जल संसाधन विभागों की संयुक्त बैठकें आयोजित की हैं।

निष्कर्ष: आगे की राह

बिहार इकोनॉमिक सर्वे ने Water Contamination को एक प्रमुख चुनौती के रूप में चिह्नित किया है, जो राज्य की अर्थव्यवस्था और स्वास्थ्य को प्रभावित कर रहा है। किशनगंज और अररिया जैसे जिलों में तत्काल कार्रवाई की जरूरत है। अगर समय रहते उपाय किए गए, तो लाखों लोगों की जान बचाई जा सकती है। यह संकट न केवल स्थानीय बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर ध्यान देने योग्य है।

Sources: द इकनोमिक जर्नल

By Mohd Abdush Shahid

Mohd Abdush Shahid is Founder and content creator at www.views24.in, specializing in news analysis, feature reporting, and in-depth storytelling. With a keen eye for detail and a passion for uncovering impactful narratives, Mohd Abdush Shahid delivers trusted, engaging content that keeps readers informed and inspired.

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