11 जनवरी 2026, Congress से निष्कासित विधायक राहुल ममकूटाथिल गिरफ्तार: केरल के पलक्कड़ से Congress के पूर्व विधायक राहुल ममकूटाथिल को 10 जनवरी 2026 की आधी रात को पलक्कड़ के एक होटल से गिरफ्तार किया गया। यह गिरफ्तारी एक नई शिकायत के आधार पर हुई, जिसमें उन पर बलात्कार और गर्भपात में सहायता के आरोप लगाए गए हैं। यह मामला राहुल के खिलाफ तीसरा यौन उत्पीड़न का केस है, जो उनके राजनीतिक करियर को गंभीर झटका दे सकता है। राहुल, जो युवा Congress के प्रमुख पद पर रह चुके हैं, को हाल ही में पार्टी से निष्कासित किया गया था, जब पहली दो शिकायतें सामने आईं।
राहुल ममकूटाथिल का राजनीतिक सफर 2021 में शुरू हुआ, जब उन्होंने पलक्कड़ विधानसभा सीट से चुनाव जीता। वे Congress की युवा शाखा के सक्रिय सदस्य थे और स्थानीय मुद्दों जैसे किसान अधिकार और शिक्षा सुधार पर काम करने के लिए जाने जाते थे। हालांकि, 2025 के अंत में उनके खिलाफ पहली यौन उत्पीड़न की शिकायत दर्ज हुई, जिसके बाद पार्टी ने जांच शुरू की। दूसरी शिकायत आने के बाद Congress ने उन्हें निष्कासित कर दिया, और अब तीसरी शिकायत ने मामले को और जटिल बना दिया है। पुलिस का कहना है कि गिरफ्तारी के समय राहुल होटल में छिपे हुए थे, और उन्हें बिना किसी प्रतिरोध के हिरासत में लिया गया।
राजनीतिक पृष्ठभूमि
राहुल का निष्कासन कांग्रेस के लिए एक बड़ा झटका है, खासकर केरल में जहां पार्टी विपक्ष की भूमिका निभा रही है। केरल Congress के प्रमुख के सुधाकरन ने कहा कि पार्टी ऐसे मामलों में जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाती है, और राहुल के खिलाफ सबूत मजबूत होने पर कार्रवाई की गई। राहुल ने खुद को निर्दोष बताते हुए दावा किया कि यह राजनीतिक साजिश है, जो उनके विरोधियों द्वारा रची गई है। उनके समर्थकों का कहना है कि वे स्थानीय स्तर पर लोकप्रिय हैं और यह आरोप उन्हें बदनाम करने का प्रयास है। हालांकि, महिला अधिकार संगठनों ने इस गिरफ्तारी को न्याय की दिशा में एक कदम बताया है।
गिरफ्तारी के विवरण
केरल क्राइम ब्रांच ने राहुल को पलक्कड़ के एक होटल से गिरफ्तार किया, जहां वे कथित तौर पर छिपे हुए थे। गिरफ्तारी 10 जनवरी की रात करीब 12 बजे हुई, और पुलिस ने उन्हें सुबह 11 जनवरी को कोर्ट में पेश किया। कोर्ट ने उन्हें 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, शिकायतकर्ता एक महिला है जो कई महीनों से राहुल के संपर्क में थी, और आरोप है कि राहुल ने उसका यौन शोषण किया और गर्भपात में मदद की।
गिरफ्तारी के दौरान राहुल की मां को सदमा लगा, क्योंकि पुलिस ने उनके घर पर भी छापा मारा था। पुलिस का कहना है कि सबूतों में चैट रिकॉर्ड्स, फोन कॉल्स और मेडिकल रिपोर्ट्स शामिल हैं, जो जांच को मजबूत बनाते हैं। राहुल के वकील ने जमानत की मांग की, लेकिन कोर्ट ने इसे खारिज कर दिया, यह कहते हुए कि जांच अभी प्रारंभिक चरण में है।
आरोपों की प्रकृति
यह तीसरा मामला है, जहां राहुल पर बलात्कार (IPC 376), यौन उत्पीड़न (IPC 354) और गर्भपात में सहायता (IPC 312) के आरोप हैं। पहली दो शिकायतें भी इसी तरह की थीं, लेकिन वे अलग-अलग महिलाओं से संबंधित हैं। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि राहुल ने अपने पद का दुरुपयोग किया और उन्हें धमकी दी। पुलिस ने कहा कि जांच में और सबूत जुटाए जा रहे हैं, और संभवतः और मामले सामने आ सकते हैं। महिला आयोग ने इस मामले की स्वतंत्र जांच की मांग की है, ताकि पीड़िताओं को न्याय मिल सके।
राजनीतिक प्रतिक्रियाएं
Congress ने राहुल के निष्कासन को सही ठहराते हुए कहा कि पार्टी महिलाओं के अधिकारों की रक्षा करती है। विपक्षी पार्टियां जैसे भाजपा और सीपीएम ने कांग्रेस पर हमला बोला, यह कहते हुए कि वे ऐसे नेताओं को संरक्षण देती है। केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने कहा कि कानून सभी के लिए समान है, और जांच निष्पक्ष होगी। राहुल के समर्थकों ने पलक्कड़ में विरोध प्रदर्शन किया, दावा करते हुए कि यह साजिश है।
विपक्ष का हमला
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि Congress में महिलाओं की सुरक्षा नहीं है, और राहुल जैसे नेता पार्टी की छवि खराब कर रहे हैं। सीपीएम ने विधानसभा से राहुल की सदस्यता रद्द करने की मांग की। स्पीकर ने कहा कि अगर दोष सिद्ध होता है, तो अयोग्यता की कार्रवाई होगी।
जनता और मीडिया की प्रतिक्रिया
महिला अधिकार कार्यकर्ताओं ने गिरफ्तारी का स्वागत किया, लेकिन कहा कि जांच में देरी नहीं होनी चाहिए। पलक्कड़ के स्थानीय निवासियों का मिश्रित रिएक्शन है; कुछ राहुल को निर्दोष मानते हैं, जबकि अन्य न्याय की मांग कर रहे हैं।
सामाजिक प्रभाव
यह मामला केरल में महिलाओं की सुरक्षा पर बहस छेड़ रहा है, खासकर राजनीतिक हलकों में। संगठनों ने राजनीतिक पार्टियों से महिलाओं के खिलाफ अपराधों पर सख्त नीति अपनाने की मांग की है।
कानूनी प्रक्रिया और भविष्य
राहुल को 14 दिनों की हिरासत में भेजा गया है, जहां पुलिस पूछताछ करेगी। अगर आरोप सिद्ध होते हैं, तो उन्हें उम्रकैद हो सकती है। उनके वकील अपील की तैयारी कर रहे हैं। विधानसभा सदस्यता पर खतरा मंडरा रहा है, और कांग्रेस को आगामी चुनावों में नुकसान हो सकता है।
संभावित परिणाम
अगर जांच में और सबूत मिले, तो और गिरफ्तारियां हो सकती हैं। यह केस राजनीति में नैतिकता पर सवाल उठा रहा है।
निष्कर्ष
राहुल ममकूटाथिल की गिरफ्तारी यौन उत्पीड़न के मामलों में न्याय की दिशा में एक कदम है, लेकिन यह Congress के लिए चुनौती है। जांच जारी है, और आने वाले दिन निर्णायक होंगे।