8 जनवरी 2026, Trump का बयान: अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने एक साक्षात्कार में कहा है कि वेनेजुएला पर अमेरिकी निगरानी कितने समय तक रहेगी, यह “केवल समय ही बताएगा”। यह बयान ऐसे समय में आया है जब अमेरिका ने वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मदुरो को गिरफ्तार कर लिया है और देश में सैन्य हस्तक्षेप किया है। Trump ने कोलंबिया में हस्तक्षेप न करने का संकेत दिया, लेकिन मेक्सिको और कोलंबिया पर आगे सैन्य कार्रवाई की संभावना जताई अगर वे सहयोग न करें। यह घटना वैश्विक राजनीति में एक बड़ा मोड़ है, जो लैटिन अमेरिका की स्थिरता पर असर डाल सकती है। इस रिपोर्ट में हम Trump के बयान, पृष्ठभूमि, प्रतिक्रियाओं और संभावित प्रभावों पर विस्तार से चर्चा करेंगे।
बयान का विवरण
Trump का यह बयान 8 जनवरी 2026 को न्यूयॉर्क टाइम्स को दिए गए साक्षात्कार में आया। उन्होंने कहा कि अमेरिका वेनेजुएला का “पुनर्निर्माण” करेगा और देश की निगरानी कितने सालों तक चलेगी, यह समय पर निर्भर करेगा। जब उनसे पूछा गया कि क्या यह तीन महीने, तीन साल या 30 साल तक रहेगा, तो Trump ने जवाब दिया, “केवल समय ही बताएगा।” उन्होंने स्पष्ट किया कि अमेरिका का उद्देश्य वेनेजुएला को स्थिर करना है, जहां दशकों से राजनीतिक अस्थिरता और आर्थिक संकट चल रहा है।
न्यूयॉर्क टाइम्स इंटरव्यू की मुख्य बातें
साक्षात्कार में Trump ने वेनेजुएला में अमेरिकी हस्तक्षेप को सही ठहराया। उन्होंने कहा कि मदुरो की सरकार ड्रग्स तस्करी और अपराध को बढ़ावा दे रही थी, जिससे अमेरिका को खतरा था। Trump ने दावा किया कि अमेरिकी सेना ने मदुरो को हिरासत में लेने के लिए 3 जनवरी को ऑपरेशन चलाया, लेकिन मौसम की वजह से इसमें देरी हुई। अब अमेरिका वेनेजुएला से 50,000 कैदियों को भेजने की योजना बना रहा है, जो अमेरिकी जेलों में स्थानांतरित किए जाएंगे। Trump ने यह भी कहा कि वेनेजुएला का तेल अमेरिका के लिए महत्वपूर्ण है और हस्तक्षेप से ऊर्जा सुरक्षा मजबूत होगी।
पृष्ठभूमि
वेनेजुएला का संकट 2013 से चला आ रहा है, जब मदुरो ने ह्यूगो चावेज की मौत के बाद सत्ता संभाली। मदुरो की सरकार पर भ्रष्टाचार, मानवाधिकार उल्लंघन और आर्थिक कुप्रबंधन के आरोप लगे। 2019 में अमेरिका ने जुआन गुआइडो को अंतरिम राष्ट्रपति मान्यता दी, लेकिन मदुरो सत्ता में बने रहे। 2024 में मदुरो ने विवादित चुनाव जीता, जिसे अमेरिका ने अस्वीकार कर दिया। Trump के दूसरे कार्यकाल में अमेरिका ने मदुरो पर ड्रग तस्करी के आरोप लगाए और इनाम घोषित किया। 4 जनवरी 2026 को अमेरिकी सेना ने मदुरो को गिरफ्तार कर लिया, जिसे Trump ने “ऑपरेशन जस्टिस” नाम दिया।
अमेरिकी हस्तक्षेप का कारण
Trump प्रशासन का दावा है कि वेनेजुएला ड्रग्स और अपराध का केंद्र बन गया था, जो अमेरिकी सीमाओं को प्रभावित कर रहा था। मदुरो पर कोकेन तस्करी में शामिल होने का आरोप था। हस्तक्षेप से अमेरिका वेनेजुएला के तेल संसाधनों पर नियंत्रण चाहता है, जो दुनिया के सबसे बड़े भंडार हैं। Trump ने कहा कि यह कदम “अमेरिका फर्स्ट” नीति का हिस्सा है, जो लैटिन अमेरिका में प्रभाव बढ़ाएगा। हालांकि, आलोचकों का कहना है कि यह साम्राज्यवादी कदम है।
कोलंबिया पर Trump का रुख
Trump ने साक्षात्कार में कोलंबिया में हस्तक्षेप न करने का संकेत दिया। उन्होंने कहा कि अगर कोलंबिया सहयोग करता है, तो कोई सैन्य कार्रवाई नहीं होगी। हालांकि, उन्होंने चेतावनी दी कि अगर ड्रग तस्करी जारी रही, तो कोलंबिया और मेक्सिको पर हमले संभव हैं। कोलंबिया के राष्ट्रपति गुस्तावो पेट्रो ने इस बयान पर चिंता जताई, लेकिन अमेरिका के साथ सहयोग की बात कही। यह बयान लैटिन अमेरिका में तनाव बढ़ा सकता है, जहां कई देश अमेरिकी हस्तक्षेप का विरोध करते हैं।
पड़ोसी देशों की भूमिका
कोलंबिया वेनेजुएला का पड़ोसी है और लाखों शरणार्थियों को शरण दे चुका है। Trump का बयान कोलंबिया को राहत देता है, लेकिन मेक्सिको पर दबाव बढ़ाता है। मेक्सिकन राष्ट्रपति क्लाउडिया शाइनबॉम ने अमेरिकी धमकी की निंदा की और कहा कि यह संप्रभुता का उल्लंघन है। ब्राजील और अर्जेंटीना जैसे देशों ने भी अमेरिकी कार्रवाई की आलोचना की।
अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रियाएं
Trump के बयान पर विश्व स्तर पर मिश्रित प्रतिक्रियाएं आईं। संयुक्त राष्ट्र ने हस्तक्षेप की निंदा की और कहा कि यह अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन है। रूस और चीन, जो मदुरो के समर्थक थे, ने अमेरिका पर आरोप लगाया कि यह “नई शीत युद्ध” की शुरुआत है। यूरोपीय संघ ने चिंता जताई लेकिन अमेरिका के साथ सहयोग की बात कही। अमेरिका में डेमोक्रेट्स ने ट्रंप की आलोचना की, जबकि रिपब्लिकन्स ने समर्थन किया।
मीडिया और विशेषज्ञों की राय
न्यूयॉर्क टाइम्स ने इसे “Trump की आक्रामक विदेश नीति” बताया। विशेषज्ञों का मानना है कि यह हस्तक्षेप लंबे समय तक चलेगा, जिससे वेनेजुएला में अस्थिरता बढ़ सकती है। कुछ का कहना है कि अमेरिका तेल के लिए यह कर रहा है, जबकि अन्य इसे ड्रग्स युद्ध का हिस्सा मानते हैं।
संभावित प्रभाव
यह बयान वैश्विक तेल बाजार पर असर डालेगा, क्योंकि वेनेजुएला का उत्पादन बढ़ सकता है। लैटिन अमेरिका में अमेरिकी प्रभाव बढ़ेगा, लेकिन विरोध भी। वेनेजुएला में मानवीय संकट गहरा सकता है, जहां पहले से ही भुखमरी और गरीबी है। Trump की नीति से अमेरिका-रूस संबंध बिगड़ सकते हैं।
भविष्य की संभावनाएं
Trump ने कहा कि अगर वेनेजुएला सहयोग नहीं करता, तो दूसरा हमला संभव है। यह 2026 में वैश्विक राजनीति को प्रभावित करेगा, खासकर जब अमेरिका अन्य मुद्दों जैसे यूक्रेन युद्ध से जूझ रहा है।
निष्कर्ष
Trump का बयान वेनेजुएला पर अमेरिकी रणनीति को स्पष्ट करता है, लेकिन अनिश्चितता बढ़ाता है। यह हस्तक्षेप लैटिन अमेरिका की राजनीति बदल सकता है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय विरोध का सामना करेगा। समय ही बताएगा कि यह कितना सफल होगा।
Sources: एबीसी न्यूज़