7 जनवरी 2026, Purnia में कोहरा-शीतलहर का प्रकोप: बिहार के Purnia जिले में कड़ाके की ठंड और घने कोहरे ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने जिले में 7 और 8 जनवरी 2026 के लिए कोहरा और शीतलहर को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। मंगलवार (6 जनवरी 2026) को सीजन का सबसे सर्द दिन दर्ज किया गया, जब न्यूनतम तापमान 7.7 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया। यह स्थिति पूरे उत्तर भारत में व्याप्त शीतलहर का हिस्सा है, जो हिमालय से आने वाली ठंडी हवाओं के कारण उत्पन्न हुई है। इस रिपोर्ट में हम इस मौसमी घटना के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा करेंगे, जिसमें मौसम की वर्तमान स्थिति, कारण, प्रभाव, प्रशासनिक कदम, तथा इससे निपटने के उपाय शामिल हैं।
मौसम की वर्तमान स्थिति और पूर्वानुमान
IMD की रिपोर्ट के अनुसार, Purnia में पिछले 24 घंटों में घना कोहरा छाया रहा, जहां दृश्यता 50-199 मीटर तक सीमित थी। मंगलवार को न्यूनतम तापमान 7.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 3-5 डिग्री कम है। दिन का अधिकतम तापमान भी 15 डिग्री के आसपास रहा, जिससे ‘कोल्ड डे’ की स्थिति बनी। ऑरेंज अलर्ट का मतलब है कि कोहरा और शीतलहर से यातायात, स्वास्थ्य और दैनिक गतिविधियों पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है। आईएमडी ने चेतावनी दी है कि 7 और 8 जनवरी को घना से बहुत घना कोहरा रहेगा, खासकर सुबह के समय, और शीतलहर की स्थिति जारी रहेगी।
यह शीतलहर उत्तर-पश्चिमी भारत से फैल रही है, जहां पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय है। पूर्णिया, जो नेपाल की सीमा से सटा हुआ है, में ठंड की तीव्रता अधिक है क्योंकि यहां की भौगोलिक स्थिति ठंडी हवाओं को आसानी से प्रभावित करती है। आईएमडी के अनुसार, बिहार के अन्य हिस्सों जैसे पटना, भागलपुर और Purnia में दृश्यता कम होने से विमान और ट्रेन सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। अगले 3-4 दिनों में न्यूनतम तापमान में 2-3 डिग्री की और गिरावट की संभावना है, लेकिन 10 जनवरी के बाद हल्की राहत मिल सकती है। जलवायु विशेषज्ञों का कहना है कि यह स्थिति जलवायु परिवर्तन के कारण अधिक बार और तीव्र हो रही है, जहां ग्लोबल वार्मिंग से मौसम के चरम रूप बढ़ रहे हैं।
शीतलहर और कोहरे के कारण
यह मौसमी परिवर्तन मुख्य रूप से हिमालय से आने वाली ठंडी उत्तर-पश्चिमी हवाओं के कारण है। आईएमडी की रिपोर्ट में उल्लेख है कि उत्तर भारत में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ ने ठंड को बढ़ावा दिया है। Purnia जैसे मैदानी इलाकों में नमी की अधिकता से कोहरा बनता है, जो सुबह और शाम को घना हो जाता है। पिछले वर्षों की तुलना में इस बार ठंड 20-30% अधिक तीव्र है, क्योंकि अल नीनो प्रभाव कमजोर हो रहा है और ला नीना की शुरुआत हो रही है। पर्यावरणीय कारक जैसे वनों की कटाई और प्रदूषण ने स्थिति को बदतर बनाया है। Purnia में औद्योगिक प्रदूषण और वाहनों से निकलने वाला धुआं कोहरे को गाढ़ा कर रहा है, जिससे स्वास्थ्य जोखिम बढ़ गए हैं।
जनजीवन पर प्रभाव
Purnia जिले में ठंड और कोहरे ने आम जनजीवन को ठप कर दिया है। सुबह के समय दृश्यता कम होने से सड़क दुर्घटनाओं की संख्या बढ़ गई है। राष्ट्रीय राजमार्ग 57 पर कई वाहन टकराव की घटनाएं रिपोर्ट हुईं। रेल सेवाएं देरी से चल रही हैं, और Purnia एयरपोर्ट पर उड़ानें रद्द हो रही हैं। कृषि क्षेत्र प्रभावित है, क्योंकि ठंड से फसलें जैसे गेहूं और सब्जियां क्षतिग्रस्त हो रही हैं। किसान रामेश्वर महतो ने बताया, “ठंड से हमारी फसलें सूख रही हैं, और कोहरे से सिंचाई मुश्किल हो गई है।” बाजारों में लोग कम निकल रहे हैं, जिससे व्यापार प्रभावित है।
शिक्षा पर भी असर पड़ा है। जिला प्रशासन ने कक्षा 8 तक के स्कूलों को 9 जनवरी तक बंद करने का आदेश दिया है, ताकि छात्रों को ठंड से बचाया जा सके। ग्रामीण इलाकों में जहां अधिकांश आबादी गरीबी रेखा से नीचे है, लोग अलाव जलाकर गर्मी ले रहे हैं, लेकिन ईंधन की कमी एक समस्या है। ठंड से संबंधित बीमारियां जैसे सर्दी, खांसी और निमोनिया बढ़ गई हैं। स्वास्थ्य विभाग ने रिपोर्ट किया कि पिछले सप्ताह में ऐसे मामलों में 30% वृद्धि हुई है। महिलाएं और बच्चे सबसे अधिक प्रभावित हैं, क्योंकि वे घरेलू कामों में अधिक समय बाहर बिताते हैं।
प्रशासनिक कदम और राहत measures
Purnia के जिला मजिस्ट्रेट (DM) ने स्थिति की समीक्षा की और राहत शिविर लगाने के निर्देश दिए। IMD की चेतावनी के आधार पर, ट्रैफिक पुलिस को कोहरे में ड्राइविंग के लिए सलाह जारी की गई है। स्वास्थ्य विभाग ने ठंड से बचाव के लिए कंबल वितरण शुरू किया है, और बेघरों के लिए नाइट शेल्टर खोले गए हैं। राज्य सरकार ने 5 लाख रुपये का फंड जारी किया है राहत कार्यों के लिए। डीएम ने कहा, “हमारी प्राथमिकता लोगों की सुरक्षा है, इसलिए स्कूल बंद किए गए हैं और स्वास्थ्य सेवाएं अलर्ट पर हैं।” एनजीओ जैसे रेड क्रॉस कंबल और गर्म कपड़े बांट रहे हैं।
अन्य जिलों से तुलना
Purnia की स्थिति बिहार के अन्य जिलों से मिलती-जुलती है। पटना में ऑरेंज अलर्ट जारी है, जहां तापमान 8 डिग्री तक गिरा है। किशनगंज और अररिया में भी स्कूल बंद हैं। उत्तर प्रदेश और राजस्थान में ठंड अधिक तीव्र है, जहां न्यूनतम तापमान 3 डिग्री तक पहुंचा है। राष्ट्रीय स्तर पर, आईएमडी ने उत्तर भारत में 10-12 जनवरी तक ठंड जारी रहने की भविष्यवाणी की है।
स्वास्थ्य और सामाजिक प्रभाव
ठंड से मौतों की संख्या बढ़ रही है, खासकर बुजुर्गों और बच्चों में। स्वास्थ्य विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि गर्म कपड़े पहनें, गर्म पानी पिएं और बाहर कम निकलें। सामाजिक रूप से, यह असमानता उजागर करता है, जहां अमीर ऑनलाइन काम कर सकते हैं, लेकिन गरीब मजदूर प्रभावित हैं।
निष्कर्ष
Purnia में यह शीतलहर एक चेतावनी है कि जलवायु परिवर्तन से निपटने की जरूरत है। प्रशासन के कदम सराहनीय हैं, लेकिन लंबे समय के समाधान जैसे वनीकरण और प्रदूषण नियंत्रण जरूरी हैं। उम्मीद है कि जल्द राहत मिलेगी।
Sources: IMD वेबसाइट, द हिन्दू