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6 जनवरी 2026, Bihar से छह राज्यों के लिए बसें: Bihar परिवहन विभाग ने राज्य से दिल्ली और झारखंड समेत छह राज्यों के लिए बस सेवाओं की विशेष तैयारी की है। इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत दिल्ली, उत्तर प्रदेश, झारखंड, पश्चिम बंगाल, राजस्थान और पंजाब जैसे राज्यों को जोड़ने वाली बसें चलाई जाएंगी। विभाग ने पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल के माध्यम से 650 बसें संचालित करने की योजना बनाई है, जिसमें 200 एयर-कंडीशंड (AC), 400 नॉन-एसी और 50 लग्जरी बसें शामिल हैं। अगले छह महीनों में ये सेवाएं शुरू हो जाएंगी, जिसमें पहले दो महीनों में 150 बसें सड़क पर उतारी जाएंगी। यह पहल Bihar के लोगों को सुविधाजनक, सुरक्षित और किफायती यात्रा विकल्प प्रदान करेगी, खासकर प्रवासी मजदूरों, व्यापारियों और पर्यटकों के लिए। इस रिपोर्ट में हम योजना की पृष्ठभूमि, तैयारी, प्रभाव और चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा करेंगे।

योजना की पृष्ठभूमि और उद्देश्य

Bihar में सार्वजनिक परिवहन की कमी लंबे समय से एक बड़ी समस्या रही है। राज्य के लोग दूसरे राज्यों में जाने के लिए मुख्य रूप से ट्रेनों पर निर्भर रहते हैं, जो अक्सर ओवरबुक होती हैं और यात्रा को असुविधाजनक बनाती हैं। बिहार राज्य सड़क परिवहन निगम (BSRTC) के अधिकारियों के अनुसार, यह योजना Bihar की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए शुरू की गई है। 2025 में दुर्गा पूजा से पहले ही 500 बसें छह राज्यों के लिए शुरू करने की योजना थी, लेकिन अब इसे 2026 में विस्तार दिया जा रहा है।

उद्देश्य स्पष्ट हैं: ग्रामीण और शहरी इलाकों को जोड़ना, रोजगार सृजन करना और पर्यटन को बढ़ावा देना। योजना के तहत 60 से अधिक शहरों को जोड़ा जाएगा, जिसमें दिल्ली, लखनऊ, रांची, कोलकाता, जयपुर और चंडीगढ़ जैसे प्रमुख शहर शामिल हैं। पीपीपी मॉडल से सरकारी बोझ कम होगा और सेवाएं अधिक कुशल होंगी। Bihar की अर्थव्यवस्था कृषि और सेवा क्षेत्र पर निर्भर है, और अंतरराज्यीय यात्रा की सुविधा से व्यापार, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच आसान होगी। उदाहरण के लिए, दिल्ली और पंजाब में काम करने वाले बिहारी प्रवासियों को अब ट्रेन टिकट की मारामारी से राहत मिलेगी। योजना में नेपाल के लिए लग्जरी बस सेवाएं भी शामिल हैं, हालांकि मुख्य फोकस छह भारतीय राज्यों पर है।

2025 में होली से पहले 149 नई डीलक्स बसें शुरू की गई थीं, जिसमें 75 एसी और 74 नॉन-एसी बसें शामिल थीं। इनसे दिल्ली, उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा और पश्चिम बंगाल को जोड़ा गया। अब योजना को विस्तार देते हुए झारखंड और राजस्थान को प्रमुखता दी जा रही है।

छह राज्यों और रूटों का विवरण

छह राज्य इस प्रकार हैं: दिल्ली, झारखंड, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, राजस्थान और पंजाब। कुल 235 रूटों पर बसें चलेंगी, लेकिन हाल की घोषणाओं में कुल 1675 नए रूट शामिल हैं, जिसमें 900 इंट्रा-स्टेट और 775 अंतरराज्यीय हैं। झारखंड के लिए सबसे अधिक रूट हैं, क्योंकि यह पड़ोसी राज्य है और व्यापारिक संबंध मजबूत हैं।

पश्चिम बंगाल के लिए कोलकाता और सिलीगुड़ी जैसे शहरों को जोड़ा जाएगा। दिल्ली के लिए पटना से सीधे 10 रूट होंगे। उत्तर प्रदेश के वाराणसी और लखनऊ, राजस्थान के जयपुर, पंजाब के अमृतसर और झारखंड के रांची जैसे शहर प्रमुख हैं। बसों के प्रकार विविध हैं: नॉन-एसी सस्ती यात्रा के लिए, एसी आरामदायक यात्रा के लिए और लग्जरी बसें प्रीमियम सुविधाओं जैसे वाई-फाई और मनोरंजन के साथ। कुल 650 बसें संचालित होंगी, जिसमें निजी ऑपरेटरों की भागीदारी महत्वपूर्ण है।

इसके अलावा, एमओयू पंजाब, राजस्थान, मध्य प्रदेश, झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल के साथ साइन किए गए हैं, हालांकि मुख्य छह राज्यों पर फोकस है।

परिवहन विभाग की तैयारी

विभाग ने योजना को अमली जामा पहनाने के लिए गहन तैयारी की है। PPP मॉडल के तहत निजी बस मालिकों से आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। वर्तमान में 1200 बसें PPP मोड में चल रही हैं, और नई योजना से यह संख्या बढ़ेगी। बस स्टैंडों का आधुनिकीकरण शुरू हो गया है, जिसमें जीविका दीदियों द्वारा किचन स्थापित किए जा रहे हैं ताकि यात्रियों को घर जैसा खाना मिले।

फरवरी 2026 से पर्यटन के लिए ई-बस सेवाएं शुरू होंगी, जिसमें 40 इलेक्ट्रिक बसें पटना को पर्यटन स्थलों से जोड़ेंगी। लाइव ट्रैकिंग सिस्टम मार्च 2026 से सभी बसों में लागू होगा। विभाग ने 190 से अधिक नई बसें उतारने की तैयारी की है, जिसमें महिला यात्रियों के लिए सुरक्षित बस सेवाएं शामिल हैं। छह प्रमंडलों में नए बस डिपो विकसित किए जा रहे हैं।

सुरक्षा पर जोर है: बसों में CCTV, GPS और इमरजेंसी बटन होंगे। चालकों की ट्रेनिंग और स्वास्थ्य जांच अनिवार्य है। टोल फ्री नंबर और ऐप विकसित किया गया है।

योजना का प्रभाव और चुनौतियां

यह योजना Bihar की अर्थव्यवस्था पर सकारात्मक प्रभाव डालेगी। अंतरराज्यीय कनेक्टिविटी से व्यापार बढ़ेगा, पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और प्रवासी कामगारों को सुविधा होगी। 2024-25 में 2.6 करोड़ यात्री बीएसआरटीसी बसों से यात्रा कर चुके हैं, और नई योजना से यह संख्या बढ़ेगी। ग्रामीण इलाकों में रोजगार सृजन होगा।

चुनौतियां: सड़कों की स्थिति, ट्रैफिक और मौसम। ठंड में परिवहन प्रभावित होता है। निजी ऑपरेटरों को सब्सिडी की जरूरत है।

जनता की प्रतिक्रियाएं

लोग उत्साहित हैं। पटना के एक व्यापारी ने कहा, “दिल्ली जाना आसान होगा।” सोशल मीडिया पर #BiharBusService ट्रेंड कर रहा है। हालांकि, किराया सस्ता रखने की मांग है।

वैकल्पिक व्यवस्थाएं और सुझाव

योजना शुरू होने तक ट्रेन या निजी वाहन इस्तेमाल करें। सरकार को ऑनलाइन बुकिंग विकसित करनी चाहिए। ई-बसों को बढ़ावा दें।

निष्कर्ष

यह योजना Bihar की परिवहन व्यवस्था में क्रांति लाएगी। सरकार को समय पर अमल सुनिश्चित करना चाहिए। यह कदम बिहार को विकसित राज्यों की श्रेणी में ले जाएगा।

Sources: लिंक्ड इन

By Mohd Abdush Shahid

Mohd Abdush Shahid is Founder and content creator at www.views24.in, specializing in news analysis, feature reporting, and in-depth storytelling. With a keen eye for detail and a passion for uncovering impactful narratives, Mohd Abdush Shahid delivers trusted, engaging content that keeps readers informed and inspired.

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