5 जनवरी 2026 Sensex & NIFTY : भारतीय शेयर बाजार ने सोमवार को निराशाजनक प्रदर्शन किया, जहां बेंचमार्क Sensex 322 अंकों की गिरावट के साथ 85,440 पर बंद हुआ। वहीं, NIFTY भी 78 अंकों की कमी के साथ 26,250 के महत्वपूर्ण स्तर से नीचे खिसक गया। वैश्विक संकेतों की कमी, आईटी सेक्टर की कमजोरी और तेल विपणन कंपनियों (OMC) पर दबाव ने निवेशकों का मनोबल तोड़ा। यह गिरावट बाजार को हालिया रिकॉर्ड ऊंचाई से पीछे धकेलने वाली साबित हुई, जिससे डेटा निवेशक खरीदारी के अवसर तलाशने लगे। विशेषज्ञों का मानना है कि यह अस्थायी सुधार है, लेकिन अमेरिकी फेड रिजर्व की नीतियों और घरेलू मुद्रास्फीति पर नजर बनी रहेगी।
वैश्विक संकेतों का असर: अमेरिकी बाजारों की चेतावनी
सोमवार का बाजार सत्र वैश्विक बाजारों के नकारात्मक मूड से प्रभावित रहा। अमेरिकी बाजारों में शुक्रवार को आई गिरावट का असर भारत पर पड़ा, जहां डाउ जोन्स 0.5% और नैस्डैक 0.8% नीचे बंद हुए। यूक्रेन-रूस संघर्ष के कारण ऊर्जा कीमतों में उछाल ने निवेशकों को सतर्क कर दिया। ब्रेंट क्रूड 82 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर पहुंच गया, जिससे OMC शेयरों जैसे BPCL और IOCL में 2-3% की गिरावट आई। एशियाई बाजारों में निक्केई 1.2% और हैंगसेंग 0.9% नीचे रहे, जबकि यूरोपीय सूचकांकों में भी मिश्रित रुझान दिखा।
घरेलू मोर्चे पर, रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) की नवीनतम रिपोर्ट में खुदरा मुद्रास्फीति 5.5% पर स्थिर रहने का संकेत मिला, लेकिन खाद्य कीमतों में वृद्धि ने चिंता बढ़ाई। विशेषज्ञों के अनुसार, फेड की ब्याज दरों में कटौती की उम्मीदें कमजोर पड़ रही हैं, जिससे विदेशी संस्थागत निवेशक (FII) ने 1,200 करोड़ रुपये की बिकवाली की। घरेलू संस्थागत निवेशक (DII) ने 800 करोड़ की खरीदारी से कुछ सहारा दिया, लेकिन यह पर्याप्त नहीं था।
सेक्टर-वार प्रदर्शन: आईटी और बैंकिंग पर दबाव
Sensex के 30 शेयरों में से 18 गिरावट के साथ बंद हुए, जबकि NIFTY के 50 में से 32 लाल निशान पर रहे। आईटी सेक्टर सबसे अधिक प्रभावित रहा, जहां इंफोसिस 2.5%, विप्रो 2.2% और TCS 1.8% नीचे खिसके। अमेरिकी टेक कंपनियों की कमजोरी और रुपये की मजबूती (83.20 प्रति डॉलर) ने निर्यात-आधारित कंपनियों को नुकसान पहुंचाया। बैंकिंग सूचकांक Nifty Bank 0.7% गिरा, HDFC बैंक और ICICI बैंक में 1-1.5% की कमी आई। ऑटो सेक्टर में M&M और टाटा मोटर्स में 1.5% की गिरावट दर्ज हुई, जबकि फार्मा में सन फार्मा और डा. रेड्डी में मामूली लाभ दिखा।
दूसरी ओर, कुछ सेक्टरों ने राहत दी। रियल्टी में सोभा डेवलपर्स 8% चढ़ा, जबकि पावर में SJVN 7.5% ऊपर रहा। मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में मिश्रित रुझान दिखा, Nifty Midcap 100 0.2% ऊपर और Smallcap 0.1% नीचे। कुल कारोबार 12 लाख करोड़ रुपये का रहा, जो पिछले सत्र से 5% कम था। वॉल्यूम में कमी से पता चलता है कि निवेशक सतर्क मोड में हैं।
प्रमुख शेयरों का विश्लेषण: गेनर्स और लूजर्स
टॉप गेनर्स में सोभा लिमिटेड 8.2% ऊपर रही, जिसकी वजह कंपनी की नई प्रोजेक्ट लॉन्चिंग की घोषणा थी। SJVN में 7.8% की तेजी हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट्स की प्रगति से आई, जबकि नेटवेब टेक्नोलॉजीज 7.5% चढ़ा सॉफ्टवेयर अपडेट्स पर। नेस्ले इंडिया 2.5% और भारत इलेक्ट्रॉनिक्स 2% ऊपर रहे।
लूजर्स की सूची में इंफोसिस शीर्ष पर रहा, 2.8% की गिरावट के साथ। HDFC बैंक 2.2%, विप्रो 2.1%, M&M फाइनेंशियल 1.9% और वारे लॉजिस्टिक्स 1.7% नीचे बंद हुए। ये गिरावटें सेक्टर-विशिष्ट जोखिमों को दर्शाती हैं, जैसे आईटी में क्लाइंट स्पेंडिंग में कमी और बैंकिंग में NPA चिंताओं से।
साप्ताहिक आउटलुक: सतर्क आशावाद
विशेषज्ञों का आउटलुक सतर्क है। मोतीलाल ओसवाल के विश्लेषक का कहना है, “निफ्टी 26,000 के सपोर्ट पर टिका है; 26,500 के ऊपर ब्रेकआउट पर तेजी संभव।” इस हफ्ते CESC, इंडियन बैंक और PNB जैसे शेयरों पर फोकस करें। बजाज फाइनेंस और एवेन्यू सुपरमार्ट्स ग्रोथ पर चमक रहे हैं। हालांकि, अमेरिकी नॉन-फार्म पेरोल डेटा और घरेलू जीडीपी आंकड़ों पर नजर रहेगी।
निवेश सलाह: लॉन्ग-टर्म निवेशक डिप्स पर खरीदें, लेकिन शॉर्ट-टर्म ट्रेडर्स स्टॉप-लॉस का उपयोग करें। बाजार पूंजीकरण 450 लाख करोड़ रुपये पर स्थिर रहा, लेकिन FPI आउटफ्लो से सतर्कता जरूरी।
निष्कर्ष: बाजार की लचक बरकरार
यह गिरावट बाजार की लचक को परख रही है। 2025 में 25% की वृद्धि के बाद 2026 में सुधार सामान्य है। सरकारी सुधार जैसे PLI स्कीम और इंफ्रास्ट्रक्चर पुश मजबूत आधार प्रदान करेंगे। निवेशकों को विविधीकरण पर जोर दें। उम्मीद है कि अगले सत्र में वैश्विक संकेत सुधरेंगे।
Sources: BSE इंडिया, NSE इंडिया