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5 जनवरी 2026, Araria में आग की चपेट में 6 घर: बिहार के Araria जिले के शहर क्षेत्र में एक दर्दनाक आगजनी की घटना ने छह परिवारों की जिंदगी उजाड़ दी। रविवार रात करीब 11 बजे पुराने शहर के एक घनी आबादी वाले मुहल्ले में अचानक लगी आग ने महज कुछ घंटों में छह घरों को अपनी चपेट में ले लिया। अनुमानित नुकसान लाखों रुपये का है, जिसमें घरेलू सामान, अनाज और नकदी सब कुछ जलकर राख हो गया। पीड़ित परिवारों ने प्रशासन से तत्काल मुआवजे और राहत सामग्री की गुहार लगाई है, जबकि आग बुझाने में फायर ब्रिगेड को तीन घंटे से अधिक मशक्कत करनी पड़ी। यह घटना स्थानीय लोगों में दहशत फैला रही है, जहां बिजली के शॉर्ट सर्किट को आग का मुख्य कारण माना जा रहा है।

घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोग दौड़े, लेकिन आग की तेज लपटों ने सबको पीछे धकेल दिया। फायर ब्रिगेड की दो गाड़ियां मौके पर पहुंचीं, लेकिन संकरी गलियों के कारण उन्हें देरी हुई। जिला अग्निशमन अधिकारी रवि शंकर ने बताया, “आग शॉर्ट सर्किट से शुरू हुई लगती है। हम जांच कर रहे हैं, लेकिन प्रारंभिक रिपोर्ट में बिजली तारों की खराब स्थिति जिम्मेदार है।” इस हादसे में कोई जानलेवा चोट नहीं लगी, लेकिन छह परिवार बेघर हो गए। पीड़ितों में मुस्लिम बहुल इलाके के निवासी शामिल हैं, जिन्होंने रमजान की तैयारियां भी प्रभावित बताईं।

घटनाक्रम: रात की खामोशी टूटा कोहराम से

आग की शुरुआत मुहल्ले के एक पुराने घर से हुई, जहां परिवार सो रहा था। मकान मालिक मोहम्मद अली ने बताया, “रात को अचानक धुआं उठा देखा, तो घर के अंदर घुसा लेकिन लपटें इतनी तेज थीं कि बाहर भागना पड़ा। मेरी पत्नी और तीन बच्चे बाल-बाल बचे।” आग तेजी से फैली और पड़ोसी घरों—जिनमें कच्चे-पक्के मकान थे—को भी लील लिया। स्थानीय निवासी अब्दुल रहमान ने कहा, “हमने बाल्टी से पानी डाला, लेकिन फायर ब्रिगेड आने में देरी हो गई। अगर जल्दी पहुंचते तो नुकसान कम होता।” कुल छह घर पूरी तरह जल गए, जबकि दो मकानों को आंशिक क्षति पहुंची। नुकसान का आकलन 15-20 लाख रुपये किया जा रहा है, जिसमें सोना-चांदी के आभूषण भी शामिल हैं।

आग के कारण और सबक: बिजली व्यवस्था पर सवाल

प्रारंभिक जांच में बिजली विभाग की लापरवाही सामने आई है। Araria शहर में पुरानी वायरिंग और ओवरलोडेड ट्रांसफॉर्मर आम समस्या हैं। जिला मजिस्ट्रेट विनोद सिंह ने घटनास्थल का दौरा कर पीड़ितों को आश्वासन दिया, “हम तुरंत राहत प्रदान करेंगे और जांच रिपोर्ट के आधार पर दोषियों पर कार्रवाई होगी।” विशेषज्ञों का मानना है कि शहरीकरण के साथ आगजनी के मामले बढ़ रहे हैं, और जागरूकता अभियान की जरूरत है। पिछले साल अररिया में 25 ऐसी घटनाएं हुईं, जिनमें 5 लाख का नुकसान हुआ। इस हादसे ने फिर सवाल खड़े कर दिए—क्या प्रशासन की तैयारी पर्याप्त है?

पीड़ितों की व्यथा: बेघर परिवारों की पुकार

आग के बाद छह परिवार सड़क पर आ गए। मोहम्मद शफीक, जिनका घर पूरी तरह जल गया, ने रोते हुए कहा, “हमारे पास कुछ नहीं बचा। बच्चे ठंड में कांप रहे हैं। सरकार से मकान निर्माण के लिए 2 लाख का मुआवजा चाहिए।” महिलाओं ने विशेष रूप से प्रभावित होने की बात कही, क्योंकि रसोई का सामान और कपड़े सब नष्ट हो गए। स्थानीय एनजीओ ने तत्काल भोजन और कंबल वितरित किए, लेकिन पीड़ितों का कहना है कि यह अस्थायी राहत है। एक महिला, फातिमा बी, ने कहा, “हमारे पति मजदूरी करते हैं, अब कहां जाएं? प्रशासन की योजना ‘प्रधानमंत्री आवास’ के तहत घर बनवाना चाहते हैं।”

मुआवजे की मांग: प्रशासन पर दबाव

पीड़ितों ने जिला कलेक्ट्रेट के बाहर धरना देने की चेतावनी दी है। उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को पत्र लिखा, जिसमें 50 हजार रुपये प्रति परिवार का तत्काल मुआवजा और स्थायी आवास की मांग की गई। विपक्षी नेता प्रदीप कुमार ने ट्वीट किया, “अररिया में आगजनी के शिकार परिवारों को न्याय दो। सरकार की लापरवाही न बर्दाश्त।” प्रशासन ने 10 हजार रुपये की अग्रिम सहायता देने का ऐलान किया, लेकिन पीड़ित संतुष्ट नहीं। राहत शिविर लगाने और चिकित्सा जांच का वादा किया गया है।

प्रशासन की प्रतिक्रिया: राहत और जांच का आश्वासन

Araria जिला प्रशासन ने त्वरित कदम उठाए। DM विनोद सिंह ने फायर ब्रिगेड को संकरी गलियों के लिए नई रणनीति बनाने का निर्देश दिया। बिजली विभाग को सर्वे का आदेश जारी, जहां 500 घरों की वायरिंग चेक होगी। स्थानीय विधायक रंजीत रंजन ने कहा, “हम पीड़ितों के साथ हैं। विधायक निधि से 1 लाख रुपये प्रति परिवार देंगे।” NDRF की टीम ने भी साइट विजिट की, और भविष्य के लिए ट्रेनिंग सेशन की योजना बनाई।

यह घटना Araria के विकास मॉडल पर सवाल खड़ी करती है। शहर में 50% घर कच्चे हैं, और अग्निशमन स्टेशन की कमी है। विशेषज्ञों ने सुझाव दिया कि स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट में फायर सेफ्टी को प्राथमिकता दें। सोशल मीडिया पर #ArariaFire ट्रेंड कर रहा, जहां लोग दान के लिए लिंक शेयर कर रहे हैं।

निष्कर्ष: सुरक्षा की अनदेखी का सबक

Araria की इस आगजनी ने न केवल संपत्ति का नुकसान किया बल्कि मानवीय संवेदनाओं को भी झकझोर दिया। लाखों का नुकसान तो ठीक, लेकिन परिवारों का दर्द अनमोल है। सरकार को अब मुआवजे के साथ-साथ रोकथाम पर फोकस करना होगा। यदि ऐसी घटनाएं बार-बार होंगी, तो विकास का दावा खोखला साबित होगा। पीड़ितों को न्याय मिले, यही प्रार्थना है। अररिया के निवासी अब सतर्क हैं—क्या यह जागृति लंबे समय तक बनी रहेगी?

Sources: दैनिक भास्कर, हिंदुस्तान

By Mohd Abdush Shahid

Mohd Abdush Shahid is Founder and content creator at www.views24.in, specializing in news analysis, feature reporting, and in-depth storytelling. With a keen eye for detail and a passion for uncovering impactful narratives, Mohd Abdush Shahid delivers trusted, engaging content that keeps readers informed and inspired.

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