5 जनवरी 2026,Katihar- Jan Suraaj ने गठित की 25 सदस्यीय जिला समिति: बिहार की उभरती राजनीतिक ताकत Jan Suraaj अभियान ने कटिहार जिले में अपनी जड़ें मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। रविवार को मिर्चाईबाड़ी स्थित जिला कार्यालय में आयोजित एक महत्वपूर्ण बैठक में संगठन ने 25 सदस्यीय जिला समिति का गठन किया। इस बैठक में सैकड़ों सक्रिय सदस्यों ने भाग लिया, जो ठंड के बावजूद अपनी उपस्थिति दर्ज कराकर संगठन के प्रति समर्पण का परिचय दिया। बैठक की अध्यक्षता संगठन के संरक्षक प्रद्युम्न ओझा ने की, जबकि स्टेट ऑब्जर्वर सत्य नारायण शर्मा और अली रजा प्रमुख रूप से उपस्थित रहे। यह गठन संगठन विस्तार और जमीनी स्तर पर मजबूती लाने के उद्देश्य से किया गया है, जो बिहार की राजनीति में जन सुराज की वापसी का संकेत देता है।
बैठक का मुख्य एजेंडा संगठन की संरचना को पुनर्गठित करना और भविष्य की रणनीतियों पर चर्चा करना था। Jan Suraaj, जो प्रशांत किशोर के नेतृत्व में 2022 से सक्रिय है, ने पिछले विधानसभा चुनावों में 238 उम्मीदवार उतारकर अपनी मौजूदगी दर्ज की थी। अब, चुनावी हार के बाद संगठन ने पुनरुद्धार पर जोर दिया है। स्टेट ऑब्जर्वर सत्य नारायण शर्मा ने कहा, “ठंड के बावजूद सदस्यों की अच्छी उपस्थिति पार्टी के लिए सकारात्मक संकेत है। हम बिना जातिवाद के चुनाव लड़ने वाले पहले संगठन के रूप में इतिहास रच चुके हैं, और अब मुख्य विपक्ष की भूमिका निभाएंगे।” यह बयान न केवल संगठन की महत्वाकांक्षा को दर्शाता है बल्कि बिहार की राजनीति में बदलाव की बयार को भी।
25 सदस्यीय समिति: गठन और जिम्मेदारियां
25 सदस्यीय जिला समिति का गठन संगठन के विस्तार को गति देने के लिए एक रणनीतिक कदम है। यह समिति पंचायत, ग्राम और प्रखंड स्तर पर नई कमेटियों का निर्माण करेगी, जिसके बाद मतदान के माध्यम से जिलाध्यक्ष का चुनाव होगा। हालांकि, समिति के सदस्यों के नाम अभी सार्वजनिक नहीं किए गए हैं, लेकिन संगठन ने स्पष्ट किया है कि इसमें युवा, महिलाएं और सामाजिक कार्यकर्ता प्रमुख भूमिका निभाएंगे। समिति का फोकस ग्रामीण क्षेत्रों में जन संपर्क बढ़ाना, स्थानीय मुद्दों पर जागरूकता फैलाना और नए सदस्यों को जोड़ना होगा।
संगठन विस्तार की रणनीति
Jan Suraaj का मानना है कि बिहार की समस्याओं—जैसे शिक्षा की कमी, बेरोजगारी और पलायन—का समाधान जमीनी स्तर पर ही संभव है। इसलिए, समिति को निर्देश दिया गया है कि वह प्रत्येक प्रखंड में कम से कम 10-15 सक्रिय सदस्यों की टीम तैयार करे। स्टेट ऑब्जर्वर शर्मा ने बताया कि संगठन अब युवाओं पर विशेष फोकस करेगा, क्योंकि वे परिवर्तन के वाहक हैं। इसके अलावा, महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा, जिसमें स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को प्राथमिकता दी जाएगी। संगठन ने प्रदेश स्तर पर सभी पुरानी इकाइयों को भंग करने का फैसला भी लिया है, ताकि नई ऊर्जा के साथ पुनर्गठन हो सके।
यह गठन कटिहार जैसे सीमांचल क्षेत्र के लिए खास महत्वपूर्ण है, जहां प्रवासन और बाढ़ जैसी समस्याएं आम हैं। समिति को स्थानीय स्तर पर जन सुनवाई शिविर आयोजित करने का जिम्मा सौंपा गया है, जहां लोगों की शिकायतें सुनी जाएंगी और समाधान के लिए सरकार से दबाव बनाया जाएगा। प्रद्युम्न ओझा ने बैठक में कहा, “हमारा लक्ष्य बिहार को आत्मनिर्भर बनाना है, और इसके लिए संगठन की जड़ें गहरी होनी चाहिए।”
बिहार राजनीति में Jan Suraaj की भूमिका: चुनौतियां और अवसर
Jan Suraaj का यह कदम बिहार की राजनीति में नया अध्याय जोड़ सकता है। 2025 के विधानसभा चुनावों में पार्टी को अपेक्षित सफलता नहीं मिली, लेकिन 238 सीटों पर लड़ा जाना एक उपलब्धि थी। अब, संगठन ने परामर्श प्रक्रिया को मजबूत करने का अभियान शुरू किया है, जिसमें पंचायत से जिला स्तर तक नेटवर्किंग पर जोर है। कटिहार में, जहां जदयू-राजद गठबंधन मजबूत है, Jan Suraaj को युवा वोट बैंक पर दांव लगाना पड़ेगा।
भविष्य की योजनाएं: रोडमैप और कार्यक्रम
बैठक में संगठन की कार्यशैली, आगामी कार्यक्रमों और जमीनी स्तर पर मजबूती पर विस्तृत चर्चा हुई। अगले तीन महीनों में कटिहार के सभी प्रखंडों में पदयात्राएं और जागरूकता सभाएं आयोजित की जाएंगी। इसके अलावा, डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से युवाओं को जोड़ने के लिए सोशल मीडिया कैंपेन शुरू होगा। शर्मा ने कहा, “हम सक्षम और ईमानदार लोगों को जोड़ेंगे, ताकि बिहार का भविष्य उज्ज्वल हो।” संगठन ने 2027 के लोकसभा चुनावों की तैयारी भी शुरू कर दी है, जिसमें कटिहार लोकसभा क्षेत्र को प्राथमिकता दी जाएगी।
यह रोडमैप न केवल संगठनात्मक बल्कि वैचारिक स्तर पर भी मजबूत है। Jan Suraaj शिक्षा सुधार, रोजगार सृजन और ग्रामीण विकास पर जोर देगा, जो बिहार के 70% ग्रामीण आबादी के लिए प्रासंगिक है।
प्रतिक्रियाएं: समर्थन और आलोचना
बैठक के बाद स्थानीय नेताओं और कार्यकर्ताओं से सकारात्मक प्रतिक्रियाएं आईं। एक युवा सदस्य ने कहा, “यह गठन हमें नई ऊर्जा देगा। हम जाति-धर्म से ऊपर उठकर काम करेंगे।” हालांकि, विपक्षी दलों ने इसे चुनावी स्टंट बताया। आरजेडी नेता ने ट्वीट किया, “जन सुराज की यह कोशिश अच्छी है, लेकिन जमीनी मुद्दों पर अमल कहां?” संगठन ने इन आलोचनाओं को खारिज करते हुए कहा कि समय उनकी मेहनत का फल देगा। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह विस्तार सफल रहा, तो Jan Suraaj बिहार की तीसरी ताकत बन सकती है।
निष्कर्ष: परिवर्तन की नई शुरुआत
कटिहार में 25 सदस्यीय जिला समिति का गठन Jan Suraaj के लिए एक मील का पत्थर है। यह न केवल संगठन विस्तार पर फोकस करता है बल्कि बिहार के युवाओं को सशक्त बनाने की दिशा में एक कदम है। ठंडी हवाओं के बीच हुई यह बैठक गर्मजोशी से भरी थी, जो आने वाले दिनों में और तेज होगी। यदि जन सुराज अपनी रणनीति पर अमल करता रहा, तो बिहार की राजनीति में नया दौर शुरू हो सकता है। कटिहार के लाखों युवाओं की नजरें अब इस समिति पर टिकी हैं
Sources: दैनिक भास्कर, प्रभात खबर