4 जनवरी 2026, PM Modi ने 72वें राष्ट्रीय वॉलीबॉल टूर्नामेंट का उद्घाटन किया– प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज दोपहर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उत्तर प्रदेश के वाराणसी में 72वें सीनियर नेशनल वॉलीबॉल चैंपियनशिप (पुरुष एवं महिला) का उद्घाटन किया। यह आयोजन डॉ. सम्पूर्णानंद स्टेडियम में 4 से 11 जनवरी तक आयोजित हो रहा है, जिसमें देशभर से 58 टीमें भाग ले रही हैं। पीएम मोदी ने खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए वॉलीबॉल को ‘सहयोग और संतुलन की कला’ बताया और इसे भारत की विकास यात्रा से जोड़ा। उन्होंने 2036 ओलंपिक की मेजबानी के लिए भारत की तैयारियों पर भरोसा जताते हुए कहा कि खेल क्षेत्र में निवेश से राष्ट्र निर्माण को गति मिलेगी। यह उद्घाटन न केवल खेल उत्सव का प्रारंभ है, बल्कि ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की भावना को मजबूत करने का माध्यम भी बन गया।
कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। पीएम मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंस से जुड़ते हुए खिलाड़ियों का अभिनंदन किया और कहा, “वॉलीबॉल एक ऐसा खेल है जहां कोई भी जीत अकेले हासिल नहीं की जाती। यह टीमवर्क, संतुलन और एक-दूसरे पर विश्वास का प्रतीक है। ठीक वैसे ही, भारत का विकास भी सामूहिक प्रयासों से ही संभव है।” उन्होंने खेल को सामाजिक एकता का साधन बताते हुए कहा कि ग्रामीण स्तर से लेकर राष्ट्रीय पटल तक खेलों को बढ़ावा देकर हम युवाओं को सशक्त बना रहे हैं।
आयोजन का पृष्ठभूमि और महत्व
72वें सीनियर नेशनल वॉलीबॉल चैंपियनशिप का आयोजन वाराणसी जैसे सांस्कृतिक धरोहर वाले शहर में होना प्रतीकात्मक है। वॉलीबॉल फेडरेशन ऑफ इंडिया (VFI) के तहत आयोजित यह टूर्नामेंट पुरुष और महिला वर्ग में 29-29 टीमों के साथ कुल 58 दलों को एक मंच पर लाता है। उद्घाटन समारोह में पारंपरिक संगीत और सांस्कृतिक प्रदर्शनों के साथ खिलाड़ियों ने प्रदर्शनी मैच खेला। सीएम योगी ने कहा, “वाराणसी खेल का नया केंद्र बनेगा। पीएम मोदी के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश खेल बुनियादी ढांचे में अग्रणी राज्य है।” यह आयोजन 2023 के एशियन गेम्स में भारत की वॉलीबॉल टीमों की सफलता के बाद और भी प्रासंगिक हो गया है, जहां भारतीय खिलाड़ियों ने कांस्य पदक जीता था।
PM Modi ने अपने संबोधन में खेल मंत्रालय की योजनाओं का जिक्र किया। उन्होंने ‘खेलो इंडिया’ कार्यक्रम को सराहते हुए कहा कि इससे 2 करोड़ से अधिक युवाओं को लाभ मिला है। “हम 2036 ओलंपिक की मेजबानी के लिए कड़ी मेहनत कर रहे हैं। वॉलीबॉल जैसे खेलों में उत्कृष्टता से हम वैश्विक पटल पर मजबूत स्थिति बनाएंगे,” उन्होंने जोर देकर कहा। यह बयान भारत की ओलंपिक महत्वाकांक्षा को रेखांकित करता है, जहां सरकार ने 2025 में ही 2036 की बोली लगाने का ऐलान किया था। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे आयोजनों से न केवल टैलेंट पूल बढ़ेगा, बल्कि पर्यटन और रोजगार सृजन भी होगा। वाराणसी में स्टेडियम का विस्तार और नए खेल सुविधाओं का निर्माण इसी दिशा में कदम है।
PM Modi के संदेश: टीमवर्क से राष्ट्र निर्माण
PM Modi का संदेश खेल से परे था। उन्होंने वॉलीबॉल के नियमों – जैसे नेट पार फेंकना और टीम सहयोग – को भारत की आर्थिक व सामाजिक प्रगति से जोड़ा। “जैसे वॉलीबॉल में हर खिलाड़ी की भूमिका महत्वपूर्ण होती है, वैसे ही विकास में हर नागरिक का योगदान जरूरी है। कोई भी लक्ष्य अकेले हासिल नहीं होता,” उन्होंने कहा। यह बात ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ पहल से जुड़ी हुई लगी, जो विभिन्न राज्यों के बीच सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ावा देती है। टूर्नामेंट में विभिन्न राज्यों की टीमें भाग ले रही हैं, जो विविधता में एकता का प्रतीक है।
उद्घाटन के दौरान PM Modi ने महिला खिलाड़ियों की सराहना की। “महिलाओं की भागीदारी खेलों में बढ़ रही है, जो समाज के सशक्तिकरण का संकेत है।” VFI के अनुसार, महिला वर्ग में तमिलनाडु, केरल और महाराष्ट्र जैसी टीमें मजबूत दावेदार हैं। पुरुष वर्ग में सेना और रेलवे की टीमें प्रबल प्रतिस्पर्धा में हैं। आयोजन के दौरान कोविड प्रोटोकॉल का पालन सुनिश्चित किया गया है, साथ ही दर्शकों के लिए लाइव स्ट्रीमिंग की व्यवस्था है।
चुनौतियां और भविष्य की संभावनाएं
भारतीय वॉलीबॉल का सफर चुनौतीपूर्ण रहा है। एशियन स्तर पर सफलता के बावजूद ओलंपिक में पदक से वंचित रहना एक कमी है। PM Modi ने इस पर कहा, “हम सुविधाओं, कोचिंग और प्रोत्साहन पर निवेश बढ़ा रहे हैं।” खेल बजट में 2025-26 के लिए 3,000 करोड़ का प्रावधान इसी दिशा में है। वाराणसी आयोजन से स्थानीय अर्थव्यवस्था को लाभ होगा – होटल, परिवहन और खान-पान क्षेत्र में उछाल आएगा। पर्यावरण के अनुकूल आयोजन पर जोर दिया गया है, जैसे प्लास्टिक-मुक्त जोन।
विश्लेषकों का कहना है कि यह टूर्नामेंट युवाओं को प्रेरित करेगा। पूर्व खिलाड़ी जिम्मी जॉर्ज ने कहा, “PM Modi का संदेश प्रेरणादायक है। इससे ग्रामीण स्तर पर वॉलीबॉल को बढ़ावा मिलेगा।” टूर्नामेंट के फाइनल मुकाबले 11 जनवरी को होंगे, जहां विजेता को राष्ट्रीय सम्मान मिलेगा।
संक्षेप में, 72वें राष्ट्रीय वॉलीबॉल टूर्नामेंट का उद्घाटन खेल उत्सव से अधिक है – यह राष्ट्र की एकजुटता और महत्वाकांक्षा का प्रतीक है। PM Modi के नेतृत्व में भारत खेल शक्ति बनने की राह पर अग्रसर है। क्या यह आयोजन 2036 ओलंपिक की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा? समय बताएगा।
Sources: पीएम इंडिया वेबसाइट, द हिंदू