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3 जनवरी 2026, IndiGO– विमानन क्षेत्र में लगातार बढ़ती उथल-पुथल के बीच दिल्ली इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर आज एक बार फिर हंगामा मच गया। IndiGO एयरलाइंस की फ्लाइट 6E 9076, जो दिल्ली से बिहार के पूर्णिया एयरपोर्ट के लिए निर्धारित थी, कल (2 जनवरी) रद्द होने के बाद आज भी देरी का शिकार हो गई। यात्रियों ने बोर्डिंग काउंटर पर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया, जिससे एयरपोर्ट पर अफरा-तफरी मच गई। यह घटना न केवल यात्रियों की योजनाओं को पटरी से उतार रही है, बल्कि भारतीय विमानन उद्योग की बढ़ती समस्याओं का आईना भी पेश कर रही है। इस रिपोर्ट में हम इस घटना की गहराई में उतरेंगे, जहां मौसम की मार के साथ-साथ एयरलाइन की ऑपरेशनल कमजोरियां भी सामने आ रही हैं।

भारतीय विमानन क्षेत्र का संकट: पायलट शॉर्टेज और कोहरे की मार

भारतीय विमानन क्षेत्र हाल के महीनों से ही संकटों से जूझ रहा है। दिसंबर 2025 से शुरू हुए पायलट शॉर्टेज के कारण IndiGO ने हजारों फ्लाइट्स कैंसल कीं, जिससे लाखों यात्री प्रभावित हुए। डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (DGCA) ने 10 दिसंबर 2024 से 10 फरवरी 2025 तक को ‘फॉग विंडो’ घोषित किया था, जिसमें कम दृश्यता के कारण फ्लाइट ऑपरेशंस प्रभावित होते रहते हैं। इसी कड़ी में 29 दिसंबर 2024 को इंडिगो ने 118 फ्लाइट्स कैंसल कीं, जिनमें से 6 ऑपरेशनल कारणों से थीं, बाकी मौसम से। 25 दिसंबर को 67 और आज 57 फ्लाइट्स रद्द हुईं। पूर्णिया जैसी छोटी एयरस्ट्रिप्स पर पहुंचने वाली फ्लाइट्स तो और भी ज्यादा प्रभावित हो रही हैं, क्योंकि वहां के मौसम की अनिश्चितता और सीमित संसाधन चुनौतियां बढ़ाते हैं।

घटना की शुरुआत: कल से आज तक की कहानी

आज की घटना की शुरुआत कल से ही हो गई थी। फ्लाइट 6E 9076, जो दोपहर 2:30 बजे दिल्ली से रवाना होकर शाम 4:15 बजे पूर्णिया पहुंचने वाली थी, मौसम की वजह से कैंसल कर दी गई। यात्रियों को तत्काल वैकल्पिक व्यवस्था की सलाह दी गई, लेकिन कईयों को रात भर एयरपोर्ट पर ही रुकना पड़ा। आज सुबह दोबारा शेड्यूल होने पर फ्लाइट को फिर से डिले किया गया। एयरलाइन ने आधिकारिक तौर पर ‘कम दृश्यता और कोहरे’ को कारण बताया, लेकिन कई यात्रियों ने आरोप लगाया कि वास्तविक वजह पायलट की अनुपलब्धता थी। एक यात्री ने बताया, “कल कैंसलेशन के बाद हमने पूरी रात प्लान बदले, लेकिन आज फिर वही कहानी। स्टाफ ने कहा पायलट नहीं आया, तो मौसम का बहाना क्यों?” यह आरोप दिसंबर के पायलट क्राइसिस की याद दिलाते हैं, जब सुप्रीम कोर्ट के फ्लाइट ड्यूटी नियमों के सख्ती से IndiGO के 50% से ज्यादा फ्लाइट्स प्रभावित हुईं।

हंगामे का चरम: यात्रियों का गुस्सा और सिक्योरिटी का हस्तक्षेप

दोपहर करीब 1 बजे बोर्डिंग काउंटर पर हंगामा चरम पर पहुंच गया। दर्जनों यात्री, जिनमें परिवारों सहित बुजुर्ग और बच्चे शामिल थे, चिल्लाने लगे। “हमारी मेहनत की कमाई बर्बाद हो रही है!” चीखें गूंजने लगीं। कुछ ने काउंटर पर धक्का-मुक्की की कोशिश की, जबकि अन्य ने सोशल मीडिया पर वीडियो शेयर कर एयरलाइन को घेरना शुरू कर दिया। नेशनप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, “यात्रियों का गुस्सा इतना भड़का कि सिक्योरिटी स्टाफ को हस्तक्षेप करना पड़ा।” एक मां ने अपनी व्यथा सुनाई, “मेरा बेटा पूर्णिया में बीमार है, इमरजेंसी में आना था। अब क्या करूं?” यह दृश्य एयरपोर्ट के टर्मिनल 3 में फैल गया, जहां अन्य फ्लाइट्स के यात्री भी प्रभावित हुए। हंगामे के दौरान कोई चोटिल नहीं हुआ, लेकिन माहौल इतना तनावपूर्ण था कि कई यात्रियों को वैकल्पिक फ्लाइट्स बुक करनी पड़ीं।

यात्रियों की नाराजगी: आर्थिक नुकसान और मुआवजे की मांग

यात्रियों की नाराजगी जायज लगती है। पूर्णिया एयरपोर्ट, जो 2025 में शुरू हुआ, अभी भी विकास के दौर में है। यहां पहुंचने वाली फ्लाइट्स सीमित हैं, मुख्यतः दिल्ली और मुंबई से। कैंसिलेशन से न केवल समय बर्बाद होता है, बल्कि आर्थिक नुकसान भी होता है – होटल, लोकल ट्रांसपोर्ट और काम के नुकसान का। एक व्यवसायी यात्री ने कहा, “मैं मीटिंग मिस कर रहा हूं, जो करोड़ों का सौदा था। IndiGO को मुआवजा देना चाहिए।” DGCA के नियमों के तहत 2 घंटे से ज्यादा डिले पर मुआवजा मिलना चाहिए, लेकिन IndiGO ने अभी तक कोई घोषणा नहीं की। कुछ यात्रियों ने कंज्यूमर फोरम में शिकायत दर्ज करने की धमकी दी है।

एयरलाइन की प्रतिक्रिया: माफी और सुधार की जरूरत

IndiGO की ओर से प्रतिक्रिया में देरी हुई। कंपनी ने ट्विटर (अब X) पर एडवाइजरी जारी कर कहा, “फॉग के कारण डिले हो रही हैं, कृपया धैर्य रखें।” लेकिन पायलट की कमी के आरोपों पर चुप्पी साधी। CEO पीयूष अग्रवाल ने दिसंबर में माफी मांगी थी, लेकिन आज की घटना से लगता है समस्या बरकरार है। DGCA ने इंडिगो को शो-कॉज नोटिस जारी किया है, जिसमें प्लानिंग और ओवरसाइट में लापरवाही का आरोप है। विशेषज्ञों का मानना है कि एयरलाइन को पायलट ट्रेनिंग और बैकअप क्रू बढ़ाने की जरूरत है।

पूर्णिया पर असर: क्षेत्रीय कनेक्टिविटी की चुनौतियां

इस घटना का असर पूर्णिया जैसे क्षेत्रीय हब पर ज्यादा पड़ रहा है। बिहार के इस कोने में एयर कनेक्टिविटी अभी नई है, और ऐसी परेशानियां निवेश और पर्यटन को प्रभावित कर सकती हैं। यात्रियों को सलाह है कि ऐप से रीयल-टाइम अपडेट चेक करें और वैकल्पिक एयरलाइंस पर नजर रखें। सरकार को भी फॉग सीजन के लिए बेहतर प्लानिंग पर जोर देना चाहिए।

कुल मिलाकर, यह हंगामा केवल एक फ्लाइट की कहानी नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम की कमजोरी का प्रतीक है। जब तक एयरलाइंस और रेगुलेटर मिलकर काम नहीं करेंगे, यात्री परेशान होते रहेंगे। क्या यह क्राइसिस IndiGO को सबक सिखाएगा? समय बताएगा।

Sources: डीडी न्यूज़

By Mohd Abdush Shahid

Mohd Abdush Shahid is Founder and content creator at www.views24.in, specializing in news analysis, feature reporting, and in-depth storytelling. With a keen eye for detail and a passion for uncovering impactful narratives, Mohd Abdush Shahid delivers trusted, engaging content that keeps readers informed and inspired.

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