nifty 50 graphnifty 50 graph

2 जनवरी 2026, Sensex & NIFTY 50– नए साल की शुरुआत ही भारतीय शेयर बाजार के लिए उत्साहजनक रही। NIFTY 50 ने शुक्रवार को रिकॉर्ड ऊंचाई 26,331.40 छुई, जो 0.71 प्रतिशत की तेजी का प्रतीक है। सेंसेक्स भी 573 अंकों की छलांग लगाकर 85,762.01 पर बंद हुआ। 2026 के पहले ट्रेडिंग सप्ताह में बाजार की यह रौनक वित्तीय और ऊर्जा क्षेत्रों के नेतृत्व में देखी गई। वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच मजबूत घरेलू मूलभूत सिद्धांतों ने निवेशकों का भरोसा बहाल किया है। इस रिपोर्ट में हम बाजार की इस उछाल के पीछे के कारणों, क्षेत्रीय प्रदर्शन, वैश्विक संदर्भ और भविष्य की संभावनाओं का विश्लेषण करेंगे।

बाजार का प्रदर्शन: एक नजर

2026 की शुरुआत में भारतीय बाजार ने जोरदार प्रदर्शन किया। NIFTY 50 ने सत्र के दौरान 193.45 अंकों की बढ़त के साथ 26,340 के स्तर को छुआ, लेकिन लाभ में कटौती के बाद 26,328.55 पर बंद हुआ, जो 182 अंकों या 0.7 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है। Sensex ने 0.67 प्रतिशत की तेजी दिखाई। ब्रॉड-बेस्ड रैली में 30 में से 25 NIFTY स्टॉक्स हरे निशान में रहे। बाजार पूंजीकरण के लिहाज से यह 2025 के अंतिम सत्र से 1.2 प्रतिशत ऊपर है। ट्रेडिंग वॉल्यूम सामान्य से 15 प्रतिशत अधिक रहा, जो खुदरा और संस्थागत निवेशकों की उत्सुकता को दर्शाता है।

प्रमुख इंडेक्स की तुलना

इंडेक्सबंद मूल्यपरिवर्तन (अंक)प्रतिशत वृद्धि
NIFTY 5026,328.55+182+0.70%
SENSEX85,762.01+573+0.67%
NIFTY BANK56,120.45+320+0.57%
NIFTY MIDCAP 15018,450.20+95+0.52%

यह तालिका दर्शाती है कि बैंकिंग और मिडकैप सेगमेंट ने भी मजबूत योगदान दिया।

उछाल के प्रमुख कारण

NIFTY की यह ऊंचाई केवल संयोग नहीं, बल्कि कई कारकों का परिणाम है। सबसे पहले, मजबूत घरेलू अर्थव्यवस्था ने बाजार को बल दिया। 2025 में जीडीपी वृद्धि 7.2 प्रतिशत रही, जो 2026 के लिए 7.5 प्रतिशत के अनुमान पर आधारित है। आरबीआई की नीतिगत दरों में संभावित कटौती (50 आधार अंकों की उम्मीद) ने ऋण वृद्धि को प्रोत्साहित किया है। इसके अलावा, ग्रामीण मांग में सुधार और शहरी उपभोग की वसूली ने उपभोक्ता क्षेत्र को गति दी।

दूसरा, कॉर्पोरेट आय में सुधार प्रमुख है। NIFTY कंपनियों की तीसरी तिमाही आय 12 प्रतिशत साल-दर-साल बढ़ी, खासकर बैंकिंग और टेलीकॉम में। वित्तीय क्षेत्र ने 18 प्रतिशत की आय वृद्धि दर्ज की, जबकि ऊर्जा कंपनियों ने वैश्विक तेल कीमतों के स्थिर होने से लाभ उठाया। विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) 2025 में 18 अरब डॉलर की बिकवाली के बाद 2026 में सतर्क लेकिन सकारात्मक हैं। घरेलू संस्थागत निवेशक (DII) ने 25 अरब डॉलर का निवेश किया, जो बाजार का सहारा बने।

वैश्विक जोखिमों में कमी

वैश्विक स्तर पर, अमेरिकी फेड की दरों में नरमी और यूरोपीय संघ की व्यापार नीतियों में स्थिरता ने उभरते बाजारों को राहत दी। चीन की आर्थिक मंदी के बावजूद, भारत की आपूर्ति श्रृंखला मजबूती ने निर्यात को बढ़ावा दिया।

क्षेत्रीय विश्लेषण: कौन चमका, कौन लंगड़ा?

वित्तीय सेवाएं NIFTY की रैली का इंजन रहीं। एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक और रिलायंस इंडस्ट्रीज जैसे स्टॉक्स में 1-2 प्रतिशत की तेजी आई। ऊर्जा क्षेत्र में ओएनजीसी और रिलायंस ने 1.5 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की, जो वैश्विक ऊर्जा संक्रमण से लाभान्वित हुए।

आईटी क्षेत्र ने मिश्रित प्रदर्शन किया; टीसीएस और इंफोसिस में मामूली गिरावट आई, लेकिन अमेरिकी एआई बूम से लॉन्ग-टर्म आउटलुक सकारात्मक है। ऑटोमोबाइल और हेल्थकेयर में 0.8 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जो उपभोग सुधार को दर्शाती है। हालांकि, मेटल्स और रियल्टी में 0.5 प्रतिशत की गिरावट आई, जो वैश्विक कमोडिटी दबाव से प्रभावित हैं।

टॉप गेनर्स और लूजर्स

  • गेनर्स: एचडीएफसी बैंक (+1.8%), रिलायंस (+1.2%), ओएनजीसी (+1.5%)
  • लूजर्स: एशियन पेंट्स (-0.3%), टाटा स्टील (-0.4%)

वैश्विक संदर्भ: भारत की अलग राह

वैश्विक बाजारों में मिश्रित संकेत हैं। नैस्डैक 0.5 प्रतिशत ऊपर रहा, लेकिन यूरोपीय स्टॉक्स फ्लैट। डॉलर इंडेक्स में 0.2 प्रतिशत की गिरावट ने उभरते बाजारों को फायदा पहुंचाया। भारत का पी/ई रेशियो 21.5x पर है, जो लॉन्ग-टर्म औसत के करीब है। 2025 में NIFTY ने 10.5 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की, जो वैश्विक रूप से सबसे खराब प्रदर्शन था, लेकिन 2026 में 12-15 प्रतिशत रिटर्न की उम्मीद है।

भविष्य का आउटलुक: 29,000-30,000 का लक्ष्य?

विश्लेषकों का मानना है कि NIFTY 2026 के अंत तक 29,150-30,000 छू सकता है। जियोजीत फाइनेंशियल ने 12 प्रतिशत रिटर्न का अनुमान लगाया, जबकि कोटक सिक्योरिटीज ने 29,120 का बेस केस लक्ष्य रखा। जोखिमों में अमेरिकी मंदी और भू-राजनीतिक तनाव शामिल हैं, लेकिन घरेलू नीतियां जैसे बजट में इंफ्रास्ट्रक्चर खर्च बाजार को सहारा देंगे। निवेशकों को सेक्टर रोटेशन पर फोकस करना चाहिए – बैंकिंग और डिफेंस में अवसर।

निवेश रणनीति

  • लॉन्ग-टर्म: ब्लू-चिप स्टॉक्स में एसआईपी जारी रखें।
  • शॉर्ट-टर्म: वोलेटिलिटी के लिए ऑप्शंस का उपयोग।
  • रिस्क मैनेजमेंट: 23,500 को सपोर्ट लेवल मानें।

निष्कर्ष: सतर्क उत्साह का समय

NIFTY 50 की रिकॉर्ड ऊंचाई 2026 के लिए सकारात्मक संकेत है, जो दशक भर की लगातार वृद्धि को मजबूत करती है। लेकिन ‘व्हिप ईयर’ की भविष्यवाणी के अनुसार, अस्थिरता बनी रहेगी। निवेशक सतर्क रहें, क्योंकि आय वृद्धि और नीतिगत समर्थन ही स्थायी उछाल सुनिश्चित करेंगे। भारतीय बाजार वैश्विक पटल पर अपनी मजबूती साबित कर रहा है – आगे की यात्रा रोमांचक होगी।

Sources: इकोनॉमिक टाइम्स

By Mohd Abdush Shahid

Mohd Abdush Shahid is Founder and content creator at www.views24.in, specializing in news analysis, feature reporting, and in-depth storytelling. With a keen eye for detail and a passion for uncovering impactful narratives, Mohd Abdush Shahid delivers trusted, engaging content that keeps readers informed and inspired.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *