PURNA DEVI MANDIR PURNIAPURNA DEVI MANDIR PURNIA

1 जनवरी 2026, Purnia: बिहार के Purnia जिले में स्थित प्राचीन पूरण देवी मंदिर ने नए साल 2026 की शुरुआत भक्ति और उत्साह के रंग में रंग दी। गुरुवार को नए साल के पहले दिन करीब 2.5 लाख श्रद्धालुओं ने मां पूरण देवी के दर्शन किए। सुबह 4 बजे से ही मंदिर के बाहर 3 किलोमीटर लंबी कतारें लग गईं, जो घने कोहरे और कड़ाके की ठंड के बावजूद नहीं टूटीं। भक्तों की आस्था पर भारी पड़ी सर्दी, और मंदिर परिसर में घंटे-घड़ियाल की गूंज से वातावरण गुंजायमान हो गया। यह सैलाब न केवल स्थानीय स्तर पर, बल्कि पूरे बिहार और पड़ोसी राज्यों से आने वाले तीर्थयात्रियों का था, जो मां के आशीर्वाद से वर्ष की समृद्धि और खुशहाली की कामना कर रहे थे।

घटना की शुरुआत रात 12 बजे नए साल के स्वागत के साथ हुई। मंदिर समिति ने विशेष पूजा-अर्चना का आयोजन किया, जिसमें पंडितों ने वैदिक मंत्रों के साथ मां की आरती उतारी। सुबह के समय जब सूर्योदय हुआ, तो हजारों भक्त मंदिर के मुख्य द्वार पर पहुंच चुके थे। कतारें इतनी लंबी थीं कि Purnia शहर से लेकर मंदिर तक सड़कें जाम हो गईं। स्थानीय पुलिस और जिला प्रशासन ने भारी सुरक्षा व्यवस्था की थी—200 से अधिक पुलिसकर्मी, 50 वाहन और ड्रोन सर्विलांस तैनात किए गए। एसपी निधि सिन्हा ने बताया, “श्रद्धालुओं की सुरक्षा हमारी प्राथमिकता है। किसी भी प्रकार की अफरा-तफरी नहीं होने दी जाएगी।” लाइन में लगे भक्तों को गर्म चाय, बिस्कुट और कंबल वितरित किए गए, ताकि ठंड का असर कम हो।

मां पूरण देवी मंदिर Purnia का एक प्रमुख धार्मिक स्थल है, जिसकी स्थापना 16वीं शताब्दी में मानी जाती है। यह शक्तिपीठ के रूप में प्रसिद्ध है, जहां मां दुर्गा के पूरण रूप की पूजा होती है। मंदिर का इतिहास पौराणिक कथाओं से जुड़ा है—कहा जाता है कि यहां मां ने असुरों का संहार किया था। हर साल मकर संक्रांति पर यहां लाखों की भीड़ उमड़ती है, लेकिन नए साल पर यह पहली बार इतना विशाल सैलाब देखा गया। 2025 में मंदिर का सौंदर्यीकरण कार्य 34.50 करोड़ रुपये की लागत से पूरा हुआ, जिसमें सोने-चांदी का छत्र, नई घंटियां और डिजिटल दर्शन सुविधा शामिल है। इससे दर्शन प्रक्रिया तेज हुई है—एक घंटे में 5,000 से अधिक भक्त दर्शन कर पा रहे हैं। मंदिर समिति के सचिव रामेश्वर ठाकुर ने कहा, “नए साल पर हमने वर्चुअल दर्शन ऐप लॉन्च किया, जिससे दूर-दराज के भक्त घर बैठे आशीर्वाद ले सकें।”

श्रद्धालुओं की संख्या इतनी अधिक थी कि दोपहर तक 2.30 लाख से ज्यादा दर्शन कर चुके थे। पटना, मुजफ्फरपुर, सिलीगुड़ी और कोलकाता से विशेष ट्रेनें और बसें चलाई गईं। एक बुजुर्ग भक्त मीरा देवी ने बताया, “ठंड में कांपते हुए भी मां के दर्शन का सुख कुछ और है। 2026 में परिवार की खुशहाली के लिए प्रार्थना की।” युवा पीढ़ी भी कम नहीं थी—सोशल मीडिया पर #PuranDeviNewYear2026 ट्रेंड कर रहा था, जहां भक्त वीडियो शेयर कर रहे थे। हालांकि, कुछ असुविधाओं की शिकायतें भी आईं, जैसे पार्किंग की कमी और पानी की व्यवस्था। प्रशासन ने तुरंत 20 अतिरिक्त वाटर टैंक लगाए। एक अन्य भक्त, राजेश कुमार ने कहा, “3 किमी लाइन में 4 घंटे लगे, लेकिन मां का प्रसाद मिला तो सब भूल गया।”

यह सैलाब बिहार के धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा दे रहा है। Purnia जिला प्रशासन ने 2026 को ‘धार्मिक पर्यटन वर्ष’ घोषित किया है, जिसमें पूरण देवी मंदिर को केंद्र बनाकर 10 नए सर्किट विकसित किए जाएंगे। केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय ने भी 5 करोड़ रुपये की सहायता स्वीकृत की है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसी घटनाएं स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करती हैं—मंदिर के आसपास होटल, ढाबे और दुकानें चहल-पहल से गुलजार हो गईं। लेकिन चुनौतियां भी हैं: कोविड के बाद भीड़ प्रबंधन और पर्यावरण संरक्षण जरूरी। मंदिर परिसर में प्लास्टिक मुक्त अभियान चलाया गया, और जैविक प्रसाद वितरित किया।

नए साल पर Purnia के अन्य मंदिरों जैसे सिटी काली मंदिर और माता मंदिर में भी भीड़ रही। राज्य स्तर पर बिहार के 38 जिलों में मंदिरों में सैलाब उमड़ा, जो सांस्कृतिक एकता का प्रतीक है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने ट्वीट कर भक्तों को बधाई दी और शांति की कामना की। विपक्षी नेता तेजस्वी यादव ने भी मंदिर विकास की सराहना की। कुल मिलाकर, पूरण देवी मंदिर का यह आयोजन 2026 की शुरुआत को यादगार बना गया। भक्ति की यह लहर न केवल आस्था जगाती है, बल्कि सामाजिक सद्भाव को भी मजबूत करती है। आने वाले दिनों में मकर संक्रांति पर और बड़ा सैलाब अपेक्षित है।

Sources: दैनिक भास्कर

By Mohd Abdush Shahid

Mohd Abdush Shahid is Founder and content creator at www.views24.in, specializing in news analysis, feature reporting, and in-depth storytelling. With a keen eye for detail and a passion for uncovering impactful narratives, Mohd Abdush Shahid delivers trusted, engaging content that keeps readers informed and inspired.

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