1 जनवरी 2026, Baddi: नए साल की सुबह हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले के औद्योगिक केंद्र Baddi में एक रहस्यमयी विस्फोट ने पूरे इलाके को दहला दिया। नलागढ़ पुलिस स्टेशन के ठीक बगल में हुए इस धमाके का असर 400-500 मीटर के दायरे में महसूस किया गया, जिससे आसपास की इमारतों की खिड़कियां टूट गईं और दीवारों पर दरारें पड़ गईं। सौभाग्य से कोई हताहत नहीं हुआ, लेकिन घटना ने स्थानीय निवासियों में व्यापक दहशत फैला दी। हिमाचल प्रदेश पुलिस और केंद्रीय एजेंसियों ने तत्काल जांच शुरू कर दी है, जिसमें संभावित आतंकी साजिश या अवैध विस्फोटक भंडारण की आशंका जताई जा रही है। यह घटना राज्य के औद्योगिक बेल्ट में सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रही है, जहां पहले भी छोटी-मोटी दुर्घटनाएं दर्ज हो चुकी हैं।
घटना गुरुवार सुबह करीब 9:40 बजे घटी, जब Baddi शहर में लोग नए साल के जश्न के बाद सामान्य दिनचर्या में लौट रहे थे। नलागढ़ पुलिस स्टेशन, जो सोलन जिले के प्रमुख सुरक्षा केंद्रों में से एक है, के निकट एक खाली प्लॉट पर विस्फोट हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, धमाका इतना जोरदार था कि यह 35-40 फीट दूर तक सुनाई दिया, और आसपास के दुकानों व आवासीय भवनों से लोग घबराहट में बाहर भागे। “आवाज इतनी तेज थी कि हमने सोचा कोई बड़ा हादसा हो गया है। घर की खिड़कियां हिल गईं, और धूल का गुबार उठ गया,” बताया एक स्थानीय व्यापारी ने। विस्फोट स्थल पुलिस स्टेशन से महज 50 मीटर दूर था, जहां हाल ही में कुछ निर्माण कार्य चल रहा था। मलबे में विस्फोटक के अवशेष मिले हैं, जिन्हें फॉरेंसिक टीम ने कलेक्ट कर लिया है।
Baddi सुपरिंटेंडेंट ऑफ पुलिस (SP) विनोद धीमान ने बताया कि विस्फोट के तुरंत बाद इलाके को घेराबंदी कर ली गई। “घटना सुबह 9:40 बजे हुई। फॉरेंसिक टीम ने विभिन्न स्थानों से सैंपल एकत्र किए हैं। प्रारंभिक जांच में यह संदिग्ध लग रहा है, लेकिन हम किसी भी संभावना को नकार नहीं रहे।” उन्होंने कहा कि ड्रोन सर्वेक्षण और सीसीटीवी फुटेज की जांच की जा रही है। डिप्टी एसपी ने भी पुष्टि की कि विस्फोट का रेंज 400-500 मीटर तक था, जिससे नजदीकी भवनों को नुकसान पहुंचा। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में लोग डरते हुए भागते और धमाके की गूंज सुनाई देती नजर आ रही है। एक यूट्यूब वीडियो में घटनास्थल के फुटेज दिखाए गए हैं, जहां मलबा बिखरा पड़ा है।
यह विस्फोट हिमाचल के औद्योगिक हब बद्दी-नलागढ़ क्षेत्र में सुरक्षा चिंताओं को और गहरा रहा है। Baddi फार्मास्यूटिकल, टेक्सटाइल और केमिकल इंडस्ट्री का केंद्र है, जहां हजारों मजदूर कार्यरत हैं। यहां पहले भी विस्फोटक दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। मात्र तीन दिन पहले, 28 दिसंबर 2025 को बद्दी-नलागढ़ इंडस्ट्रियल एरिया में एक ब्लास्ट से दो लोग झुलस गए थे, जब गर्म तरल पदार्थ उन पर गिर गया। उस घटना में स्थानीय लोगों की तत्परता से जान बच गई, लेकिन अब यह नया हादसा सवाल उठा रहा है कि क्या औद्योगिक सुरक्षा मानकों का पालन हो रहा है? विशेषज्ञों का मानना है कि अवैध पटाखों का भंडारण या रासायनिक पदार्थों की लापरवाही से ऐसा हो सकता है। नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) और एंटी-टेररिस्ट स्क्वॉड (ATS) की टीमें भी जांच में जुड़ चुकी हैं, क्योंकि नए साल के जश्न के बीच अवैध विस्फोटकों का इस्तेमाल संदिग्ध लग रहा है।
स्थानीय निवासियों में भय का माहौल है। “बच्चों को बाहर खेलने नहीं भेज रहे, क्योंकि कौन जाने अगला धमाका कब हो,” एक महिला ने कहा। नलागढ़ के मेयर ने जिला प्रशासन से तत्काल सुरक्षा ऑडिट की मांग की है। हिमाचल सरकार ने भी बयान जारी कर कहा कि जांच में किसी भी लापरवाही पर सख्त कार्रवाई होगी। पर्यटन और उद्योग पर असर पड़ना लाजमी है, क्योंकि Baddi पर्यटकों के लिए भी आकर्षण का केंद्र है। नए साल के ठीक बाद यह घटना राज्य की छवि को प्रभावित कर सकती है। विशेषज्ञों ने सुझाव दिया कि औद्योगिक क्षेत्रों में रैंडम चेक और विस्फोटक भंडारण पर निगरानी बढ़ाई जाए।
यह घटना हमें याद दिलाती है कि विकास के साथ सुरक्षा को प्राथमिकता देनी होगी। क्या यह महज दुर्घटना है या बड़ी साजिश का हिस्सा? फॉरेंसिक रिपोर्ट के आने तक सस्पेंस बना रहेगा। फिलहाल, प्रशासन ने शांति बनाए रखने की अपील की है और हेल्पलाइन नंबर जारी किया है। हिमाचल के इस शांतिपूर्ण राज्य में ऐसा वाकया दुर्भाग्यपूर्ण है, लेकिन मजबूत जांच से ही भविष्य सुरक्षित बनेगा।
Sources: टाइम्स ऑफ इंडिया