27 दिसंबर 2025, Ramzan River– बिहार के किशनगंज जिले में Ramzan River का सौंदर्यीकरण एक महत्वाकांक्षी परियोजना है, जो न केवल पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देगी, बल्कि शहर की सौंदर्यता और पर्यटन को भी नई ऊंचाइयों पर ले जाएगी। शुक्रवार को किशनगंज के सांसद डॉ. मोहम्मद जावेद आजाद और विधायक मोहम्मद कमरुल होदा ने नगर परिषद क्षेत्र अंतर्गत Ramzan River में चल रहे सौंदर्यीकरण कार्य का विस्तृत निरीक्षण किया। इस दौरान दोनों नेताओं ने गुणवत्ता और समयसीमा पर कड़ा जोर दिया, साथ ही किसी भी प्रकार की अनियमितता बर्दाश्त न करने का आश्वासन दिया। यह निरीक्षण जिले के विकास के प्रति प्रतिबद्धता का प्रतीक है, जो स्थानीय निवासियों में उत्साह भर रहा है।
परियोजना की पृष्ठभूमि
Ramzan River किशनगंज शहर की जीवनरेखा रही है, जो महानंदा नदी की सहायक है। वर्षों से प्रदूषण, अतिक्रमण और कचरा जमा होने से यह नदी अपनी प्राकृतिक सुंदरता खो चुकी थी। 2024 में शुरू हुई यह सौंदर्यीकरण परियोजना केंद्र और राज्य सरकार के ‘अमृत 2.0’ मिशन के तहत संचालित है, जिसका अनुमानित बजट 25 करोड़ रुपये है। परियोजना में नदी के किनारों पर वॉकिंग पाथ, पार्क, लाइटिंग सिस्टम, वाटर ट्रीटमेंट प्लांट और हरित पट्टी विकसित करना शामिल है। कुल 5 किलोमीटर लंबे खंड को विकसित करने का लक्ष्य है, जो शहर के मध्य से गुजरता है।
निरीक्षण से पहले सांसद डॉ. जावेद आजाद ने संसद में इस परियोजना को लेकर कई बार आवाज उठाई थी। उन्होंने कहा था कि किशनगंज जैसे सीमावर्ती जिले में नदी संरक्षण न केवल पर्यावरणीय जरूरत है, बल्कि आर्थिक विकास का माध्यम भी। विधायक कमरुल होदा ने स्थानीय स्तर पर नगर परिषद के साथ समन्वय स्थापित किया, जिससे कार्य की गति बढ़ी। अब तक 40 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो चुका है, लेकिन ठंड के मौसम में प्रगति धीमी होने की शिकायतें थीं।
निरीक्षण का विवरण
शुक्रवार सुबह सांसद डॉ. जावेद आजाद और विधायक कमरुल होदा एक टीम के साथ नदी के तट पर पहुंचे। उनके साथ नगर परिषद के कार्यकारी पदाधिकारी, इंजीनियर और पर्यावरण विशेषज्ञ उपस्थित थे। निरीक्षण के दौरान उन्होंने नदी के घाटों, पुलिया निर्माण, पाइपलाइन लेआउट और पौधरोपण क्षेत्र का मुआयना किया। सांसद ने निर्माण सामग्री की गुणवत्ता जांचने के लिए सैंपल टेस्टिंग का आदेश दिया, जबकि विधायक ने मजदूरों से सीधे बातचीत कर कार्य की प्रगति पर संतोष जताया।
डॉ. जावेद आजाद ने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा, “Ramzan River किशनगंज की शान है। हम इसे विश्वस्तरीय पर्यटन स्थल बनाएंगे। गुणवत्ता पर कोई समझौता नहीं होगा, और समयसीमा से पहले कार्य पूरा करने के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे। यदि कहीं अनियमितता पाई गई, तो सख्त कार्रवाई होगी।” विधायक कमरुल होदा ने जोड़ा, “यह परियोजना स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार का स्रोत बनेगी। हम सुनिश्चित करेंगे कि हर पैसे का सदुपयोग हो और नदी स्वच्छ-सुंदर बने।”
निरीक्षण के दौरान कुछ स्थानीय निवासियों ने भी भाग लिया, जिन्होंने अतिक्रमण हटाने और कचरा प्रबंधन पर सुझाव दिए। टीम ने पाया कि वाटर ट्रीटमेंट यूनिट का कार्य तेजी से चल रहा है, लेकिन लाइटिंग इंस्टॉलेशन में थोड़ी देरी है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि 15 दिनों में सभी लंबित कार्य पूर्ण करें।
परियोजना का महत्व
यह सौंदर्यीकरण कार्य किशनगंज के लिए बहुआयामी लाभ लाएगा। पर्यावरणीय दृष्टि से, नदी का स्वच्छीकरण जल स्तर स्थिर रखेगा और बाढ़ की संभावना कम करेगा। शहरवासियों के लिए यह एक मनोरंजन स्थल बनेगा, जहां परिवार घूम सकेंगे। पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था मजबूत होगी। जिले में 60 प्रतिशत आबादी नदी पर निर्भर है, इसलिए यह परियोजना स्वास्थ्य और स्वच्छता के स्तर को ऊंचा उठाएगी।
सरकार की ‘नमामि गंगे’ जैसी योजनाओं से प्रेरित यह प्रोजेक्ट बिहार के अन्य जिलों के लिए मॉडल बनेगा। सांसद डॉ. आजाद ने बताया कि केंद्र से अतिरिक्त फंडिंग के लिए प्रस्ताव भेजा गया है, ताकि नदी पर ब्रिज और व्यू पॉइंट विकसित हो सकें। विधायक होदा ने ग्रामीण भागीदारी पर जोर दिया, जिसमें पौधरोपण अभियान शामिल है। अब तक 5,000 पौधे लगाए जा चुके हैं, जिनमें स्थानीय प्रजातियां जैसे पीपल, बरगद और नीम प्रमुख हैं।
चुनौतियां और समाधान
परियोजना की राह आसान नहीं रही। प्रदूषणकारी फैक्टरियां, अतिक्रमण और बजट की कमी ने बाधाएं पैदा कीं। ठंडी हवाओं के कारण मजदूरों की उपस्थिति प्रभावित हुई, लेकिन अब हीटिंग सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। अनियमितताओं की आशंका को दूर करने के लिए थर्ड-पार्टी ऑडिट का प्रावधान किया गया है। स्थानीय एनजीओ ‘ग्रीन किशनगंज’ ने स्वैच्छिक सफाई अभियान चलाया, जिसमें 500 से अधिक युवा शामिल हुए।
सांसद ने कहा, “हम पारदर्शिता सुनिश्चित करेंगे। कोई भी कमी छूटेगी नहीं।” निरीक्षण के बाद एक समीक्षा बैठक भी हुई, जिसमें अगले चरण की योजना बनी। मार्च 2026 तक पूर्ण होने का लक्ष्य है।
सफलता की झलकियां
पिछले निरीक्षणों में भी सकारात्मक बदलाव दिखे। घाट क्षेत्र में अब जॉगिंग ट्रैक बन गया है, और जल स्तर में सुधार हुआ है। स्थानीय व्यापारी रामेश्वर शर्मा ने बताया, “नदी साफ होने से पर्यटक बढ़ेंगे, हमारा कारोबार फलेगा।” इसी तरह, युवा सकीना खातून ने कहा, “यह जगह महिलाओं के लिए सुरक्षित घूमने लायक बनेगी।”
निष्कर्ष: विकास की नई दिशा
Ramzan River सौंदर्यीकरण का यह निरीक्षण किशनगंज के उज्ज्वल भविष्य का संकेत है। सांसद डॉ. जावेद आजाद और विधायक कमरुल होदा की सक्रियता से परियोजना गति पकड़ रही है। यह न केवल नदी को नया जीवन देगी, बल्कि जिले को पर्यावरण-अनुकूल शहर के रूप में स्थापित करेगी। नागरिकों से अपील है कि वे सफाई में सहयोग करें। अधिक जानकारी के लिए नगर परिषद कार्यालय या आधिकारिक वेबसाइट पर संपर्क करें। किशनगंज अब हरा-भरा और सुंदर बनने की ओर अग्रसर है।