people stands in queue in purnia in front fo fertilizer shoppeople stands in queue in purnia in front fo fertilizer shop

27 दिसंबर 2025, Purnia– बिहार के उत्तरी कोसी क्षेत्र में स्थित Purnia जिला कृषि-प्रधान है, जहां धान, गेहूं, मक्का और सब्जियों की खेती लाखों किसानों की आजीविका का आधार है। लेकिन उर्वरकों की कमी, नकली उत्पादों की बिक्री और अधिक मूल्य वसूली जैसी समस्याएं हमेशा किसानों को परेशान करती रही हैं। इस चुनौती से निपटने के लिए जिला प्रशासन ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। Purnia के जिला कृषि पदाधिकारी ने उर्वरक संबंधित शिकायतों के लिए विशेष हेल्पलाइन नंबर 06454-296295 जारी किया है, जिसके माध्यम से किसान अपनी हर समस्या तुरंत दर्ज करा सकेंगे। यह पहल रबी फसल के मौसम में विशेष रूप से उपयोगी साबित होगी, जब उर्वरक की मांग चरम पर होती है।

हेल्पलाइन का उद्देश्य और पृष्ठभूमि

Purnia जिले में करीब 2.5 लाख हेक्टेयर कृषि भूमि है, जहां रासायनिक उर्वरकों का उपयोग फसल उत्पादकता बढ़ाने के लिए अनिवार्य है। लेकिन बाजार में नकली यूरिया, डीएपी और अन्य उर्वरकों की बिक्री से किसानों को भारी नुकसान होता है। बिहार कृषि विभाग के अनुसार, पिछले वर्ष Purnia में ही 15 प्रतिशत उर्वरक नमूनों में मिलावट पाई गई, जिससे हजारों किसानों की फसलें प्रभावित हुईं। ऐसी स्थिति में, जिला प्रशासन ने स्थानीय स्तर पर यह हेल्पलाइन शुरू की है, जो सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक उपलब्ध रहेगी।

यह नंबर न केवल उर्वरक की कमी या अधिक मूल्य की शिकायतों का समाधान करेगा, बल्कि नकली उत्पादों, डीलरों की धांधली और वितरण में अनियमितताओं को भी संबोधित करेगा। जिला कृषि पदाधिकारी डॉ. रामेश्वर पासवान ने एक हालिया बैठक में कहा, “Purnia में उर्वरक की कोई कमी नहीं है और रैक लगातार आ रहे हैं। लेकिन यदि कोई समस्या हो, तो किसान बिना देरी किए 06454-296295 पर कॉल करें। हम त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करेंगे।” इसके अलावा, राज्य स्तर पर बिहार सरकार की हेल्पलाइन 0612-2233555 और व्हाट्सएप नंबर 7766085888 भी उपलब्ध हैं, जो पूर्णिया के किसानों के लिए सहायक होंगे। राष्ट्रीय टोल-फ्री नंबर 1800-180-1551 भी शिकायत दर्ज करने का विकल्प देता है।

हेल्पलाइन कैसे काम करेगी?

यह हेल्पलाइन का उपयोग बेहद आसान है। किसान अपने साधारण मोबाइल से 06454-296295 पर कॉल कर सकते हैं। कॉल कनेक्ट होने पर उन्हें हिंदी या स्थानीय भाषा में मार्गदर्शन मिलेगा। शिकायत दर्ज करते समय निम्नलिखित जानकारी देनी होगी:

  • शिकायत का प्रकार (उर्वरक की कमी, नकली बैच, अधिक मूल्य वसूली आदि)।
  • घटना का स्थान (जैसे, बनमनखी, धमदाहा या अमौर ब्लॉक)।
  • डीलर या विक्रेता का नाम और पता।
  • यदि उपलब्ध हो, तो उर्वरक का बैच नंबर, मात्रा और खरीद की तारीख।

शिकायत दर्ज होने पर एक ट्रैकिंग आईडी दी जाएगी, जिससे किसान अपनी शिकायत की प्रगति फोन या जिला कृषि कार्यालय की वेबसाइट पर चेक कर सकेंगे। विभाग का लक्ष्य है कि हर शिकायत का 24-48 घंटे में प्रारंभिक निपटारा हो। यदि नकली उर्वरक साबित होता है, तो डीलर के खिलाफ एफआईआर दर्ज होगी, लाइसेंस निलंबित होगा और प्रभावित किसान को मुआवजा दिया जाएगा। उदाहरणस्वरूप, यदि नकली डीएपी से फसल खराब हो जाती है, तो नुकसान का आकलन कर सरकारी अनुदान प्रदान किया जा सकता है।

Purnia जिला प्रशासन ने इसके लिए एक कंट्रोल रूम स्थापित किया है, जहां 10 से अधिक कृषि विशेषज्ञ तैनात हैं। नियमित छापामारी और बाजार निरीक्षण भी बढ़ाए गए हैं। किसान यदि इंटरनेट का उपयोग कर सकें, तो बिहार कृषि विभाग की ऐप ‘किसान सहायता’ पर भी शिकायत अपलोड कर सकते हैं। यह सुविधा विशेष रूप से कोसी नदी के किनारे वाले क्षेत्रों के लिए लाभदायक होगी, जहां बाढ़ के बाद उर्वरक की मांग बढ़ जाती है।

इस पहल का महत्व

Purnia के किसानों के लिए यह हेल्पलाइन वरदान साबित होगी। जिले में 80 प्रतिशत से अधिक किसान छोटे और सीमांत हैं, जो आर्थिक रूप से कमजोर हैं। नकली उर्वरकों से होने वाला नुकसान सालाना करोड़ों रुपये का होता है। एक सरकारी सर्वे के मुताबिक, 2024-25 में Purnia में उर्वरक धोखाधड़ी के 200 से अधिक मामले दर्ज हुए। यह हेल्पलाइन न केवल शिकायतों का त्वरित समाधान देगी, बल्कि डीलरों में भय पैदा कर बाजार में पारदर्शिता लाएगी।

यह योजना बिहार सरकार की ‘किसान कल्याण’ नीति का हिस्सा है, जो डिजिटल कृषि को बढ़ावा देती है। विभाग ने जागरूकता के लिए ग्राम पंचायत स्तर पर शिविर लगाए हैं, जहां रेडियो और लोकल एफएम के माध्यम से प्रचार हो रहा है। रबी सीजन में यूरिया (45 किलो बैग ₹266.50) और डीएपी (50 किलो बैग ₹1,350) के निर्धारित मूल्य पर उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए यह हेल्पलाइन महत्वपूर्ण है। इससे किसान आत्मनिर्भर बनेंगे और फसल उत्पादन में वृद्धि होगी, जो Purnia की जीडीपी को मजबूत करेगी।

सफलता की कहानियां और चुनौतियां

हेल्पलाइन शुरू होने के बाद से ही सकारात्मक परिणाम दिख रहे हैं। बनमनखी ब्लॉक के एक किसान रामविलास यादव ने बताया कि उन्होंने नकली यूरिया की शिकायत की, और 36 घंटे में डीलर पर जुर्माना लग गया। इसी तरह, धमदाहा में एक समूह ने सामूहिक शिकायत कर 500 बैग उर्वरक की आपूर्ति सुनिश्चित कर ली। लेकिन चुनौतियां भी हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में स्मार्टफोन की कमी और भाषा बाधा समस्या पैदा कर सकती है। प्रशासन ने इसके लिए आशा कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षित किया है, जो गांव-गांव जाकर जागरूकता फैला रही हैं।

बिहार उर्वरक विभाग की वेबसाइट (agri.bihar.gov.in) पर भी ऑनलाइन पोर्टल उपलब्ध है, जहां शिकायतें दर्ज की जा सकती हैं। यह सुनिश्चित करता है कि हेल्पलाइन के अलावा अन्य माध्यम भी खुले रहें।

निष्कर्ष: किसानों का सशक्तिकरण

Purnia में उर्वरक शिकायत हेल्पलाइन नंबर 06454-296295 जारी होना जिले के लाखों किसानों के लिए एक नई उम्मीद है। यह न केवल तत्काल राहत प्रदान करेगा, बल्कि कृषि क्षेत्र में विश्वास बहाल करेगा। जिला प्रशासन से अपेक्षा है कि यह सेवा 100 प्रतिशत कुशल हो और हर शिकायत का न्यायपूर्ण निपटारा हो। किसान भाइयों-बहनों से आग्रह है कि वे सक्रिय रहें, शिकायत करें और अपनी मेहनत की रक्षा करें। एक कॉल से आपकी फसल सुरक्षित हो सकती है। अधिक जानकारी के लिए नजदीकी कृषि केंद्र या आधिकारिक वेबसाइट पर संपर्क करें।

By Mohd Abdush Shahid

Mohd Abdush Shahid is Founder and content creator at www.views24.in, specializing in news analysis, feature reporting, and in-depth storytelling. With a keen eye for detail and a passion for uncovering impactful narratives, Mohd Abdush Shahid delivers trusted, engaging content that keeps readers informed and inspired.

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