SENSEX NIFTYSENSEX NIFTY

26 दिसंबर 2025, Sensex & NIFTY: भारतीय शेयर बाजार ने शुक्रवार को फिर से निराशा का सामना किया, जब बेंचमार्क इंडेक्स Sensex और NIFTY में गिरावट: तीसरे लगातार दिन लाल निशान, बाजार पर मंडराया अनिश्चितता का साया और NIFTY तीसरे लगातार सत्र में लाल निशान पर बंद हुए। विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की बिकवाली, लाभ बुकिंग और वैश्विक संकेतकों की अनुपस्थिति ने बाजार को दबाव में डाल दिया। Sensex 367.25 अंकों की गिरावट के साथ 85,041.45 पर समाप्त हुआ, जबकि NIFTY 99.80 अंकों की कमी से 26,042.30 पर ठहर गया। यह गिरावट न केवल वर्ष के अंतिम दिनों में निवेशकों के उत्साह को फीका कर रही है, बल्कि आगामी 2026 के लिए भी चिंताएं पैदा कर रही है। इस रिपोर्ट में हम बाजार के इस प्रदर्शन के पीछे के कारणों, सेक्टर-वार विश्लेषण और विशेषज्ञों की राय पर विस्तार से चर्चा करेंगे।

बाजार का समापन: संख्याओं में छिपी चिंता

शुक्रवार का कारोबार शुरू में सतर्क रहा, लेकिन दोपहर बाद बिकवाली का दौर तेज हो गया। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) पर Sensex में 0.43% की गिरावट दर्ज की गई, जो पिछले दो दिनों की कुल 700 अंकों से अधिक की कमी के बाद और गहरी हो गई। इसी तरह, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर NIFTY 50 इंडेक्स 0.38% लुढ़क गया, जो 26,050 के महत्वपूर्ण स्तर से नीचे आ गया। यह स्तर निवेशकों के लिए मनोवैज्ञानिक महत्व रखता है, और इसका भंग होना आगे की अस्थिरता का संकेत देता है।

बाजार की कुल ट्रेडिंग वॉल्यूम कम रही, जो छुट्टियों के कारण पतली भागीदारी को दर्शाता है। ब्रॉडर मार्केट में मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स ने बड़े शेयरों से बेहतर प्रदर्शन किया, लेकिन कुल मिलाकर 3,249 शेयरों में से केवल 1,285 में बढ़त देखी गई, जबकि 1,867 में गिरावट आई। रुपये की कीमत भी दबाव में रही, जो 89.8550 प्रति डॉलर पर 0.1% कमजोर हुई। यह गिरावट FII की बिकवाली से प्रेरित थी, जहां विदेशी निवेशकों ने हाल के दिनों में भारी मात्रा में शेयर बेचे हैं।

गिरावट के प्रमुख कारण: FII बिकवाली और लाभ बुकिंग का दबाव

इस गिरावट के पीछे कई कारक जिम्मेदार हैं। सबसे बड़ा कारण FII की लगातार बिकवाली है। डेटा के अनुसार, विदेशी निवेशकों ने दिसंबर में अब तक 15,000 करोड़ रुपये से अधिक की बिक्री की है, जो अमेरिकी बाजारों की मजबूती और उच्च ब्याज दरों के कारण है। अमेरिकी जीडीपी वृद्धि (Q3 2025 में 4.3%) और AI-आधारित कंपनियों की उच्च लाभप्रदता ने FII को भारत से पूंजी निकालने के लिए प्रेरित किया है। इसके अलावा, कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि (ब्रेंट क्रूड 78 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर) ने आयात-निर्भर अर्थव्यवस्था पर अतिरिक्त बोझ डाला।

लाभ बुकिंग भी एक बड़ा कारक रही। वर्ष के अंत में निवेशक रिकॉर्ड ऊंचाइयों के पास मुनाफा कटाई कर रहे हैं, खासकर जब सांता क्लॉज रैली (दिसंबर की पारंपरिक तेजी) की उम्मीदें धूमिल पड़ गईं। नए उत्प्रेरक जैसे यूएस-भारत व्यापार समझौते की प्रगति की कमी ने बाजार को स्थिरता से वंचित रखा। डॉ. वीके विजयकुमार, जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट, का कहना है, “FII बिकवाली अमेरिकी बाजारों की मजबूती से प्रेरित है, लेकिन DII (घरेलू संस्थागत निवेशक) की खरीदारी बाजार को गहरी गिरावट से बचा रही है।” इसके बावजूद, पतली ट्रेडिंग वॉल्यूम ने बाजार को संवेदनशील बना दिया।

सेक्टर-वार प्रदर्शन: मिश्रित संकेत, IT और ऑटो पर दबाव

सेक्टरों का प्रदर्शन मिश्रित रहा, जो बाजार की चुनिंदा कमजोरी को दर्शाता है। मेटल्स सेक्टर ने सबसे मजबूत प्रदर्शन किया, जहां NIFTY मेटल इंडेक्स 0.65% ऊपर बंद हुआ (YTD 25% की वृद्धि)। एफएमसीजी 0.14% की मामूली बढ़त के साथ सकारात्मक रहा, जबकि कंज्यूमर ड्यूरेबल्स 0.5% ऊपर रहा। रियल्टी और एनर्जी सेक्टरों में भी हल्की रिकवरी देखी गई।

हालांकि, आईटी सेक्टर ने बाजार को सबसे अधिक खींचा, जहां NIFTY आईटी इंडेक्स 0.96% गिरा (YTD -10.93%)। फार्मा 0.34% और ऑटो 0.48% नीचे रहा। बैंकिंग और फाइनेंशियल्स पर भी दबाव पड़ा, जहां PSU बैंक फ्लैट रहे लेकिन प्राइवेट बैंक कमजोर हुए। मीडिया सेक्टर 0.49% लुढ़का (YTD -22.28%)। यह रोटेशन घरेलू थीम्स (जैसे मेटल्स) की ओर इशारा करता है, जबकि निर्यात-उन्मुख सेक्टर (IT, ऑटो) पर वैश्विक दबाव बढ़ा। विनोद नायर, जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के हेड ऑफ रिसर्च, कहते हैं, “बड़े कैप शेयरों में कमजोरी आई, जबकि मिड और स्मॉलकैप ने बेहतर प्रदर्शन किया। मेटल्स और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स में चुनिंदा ताकत दिखी, लेकिन IT, ऑटो और बैंकिंग पर बिकवाली का दबाव रहा।”

प्रमुख गेनर्स और लूजर्स: टाइटन चमका, IT शेयर लुढ़के

NIFTY 50 में टाइटन कंपनी टॉप गेनर रही, जो 2.11% ऊपर बंद हुई और 52-सप्ताह के उच्च स्तर पर पहुंची। यूबीएस के अपग्रेड के बाद ज्वेलरी सेक्टर में सकारात्मक माहौल बना। भारत इलेक्ट्रॉनिक्स (BEL) 0.82% और अदानी एंटरप्राइजेज 0.66% ऊपर रहे। ब्रॉडर मार्केट में MMTC 13.16%, रेल विकास निगम (RVNL) 12.08% और हिंदुस्तान कॉपर 8.84% की जबरदस्त छलांग लगाई।

दूसरी ओर, श्रीराम फाइनेंस 1.42%, सन फार्मा 1.28%, टेक महिंद्रा 1.10%, टीसीएस 1% और एशियन पेंट्स 0.91% गिरे। LTIMindtree 2% और कोफोर्ज 3.79% की भारी गिरावट IT सेक्टर की कमजोरी को रेखांकित करती है। VIP इंडस्ट्रीज 5.19% नीचे रहा। ये आंकड़े दर्शाते हैं कि निवेशक गुणवत्ता वाले बड़े शेयरों में सतर्क हैं।

विशेषज्ञ दृष्टिकोण: सतर्क रहें, लेकिन अवसर तलाशें

विशेषज्ञों का मानना है कि बाजार रेंज-बाउंड रहेगा। डॉ. विजयकुमार आगे कहते हैं, “2025 के चार ट्रेडिंग दिनों में सांता रैली थम चुकी है। बाजार वर्तमान स्तरों पर समेकित होगा, बिना नए ट्रिगर्स के। उच्च गुणवत्ता वाले बड़े कैप में निवेश बरकरार रखें और गिरावट पर जमा करें। 2026 की शुरुआत में रैली की संभावना है, लेकिन वैल्यू स्टॉक्स पर फोकस करें।” देवेन चोकसी का कहना है, “भारतीय IT वैल्यूएशंस आरामदायक हैं, नीचे जाने की गुंजाइश सीमित है।” कुल मिलाकर, अस्थिरता बनी रहेगी, लेकिन DII की खरीदारी बाजार को सहारा देगी।

भविष्य की संभावनाएं: 2026 में रोटेशन और सतर्कता

2026 की दहलीज पर खड़े बाजार के लिए, विशेषज्ञ रोटेशन की सलाह देते हैं। घरेलू खपत और मेटल्स जैसे सेक्टरों में अवसर दिख रहे हैं, जबकि IT और ऑटो पर सतर्क रहें। यदि FII बिकवाली जारी रही, तो निफ्टी 25,800 तक जा सकता है, लेकिन DII सपोर्ट से 26,500 की रिकवरी संभव है। निवेशकों को डाइवर्सिफिकेशन और लॉन्ग-टर्म फोकस पर जोर देना चाहिए।

निष्कर्ष: अनिश्चितता में अवसर

तीसरे लगातार लाल दिन ने भारतीय बाजार को सतर्क कर दिया है, लेकिन यह वर्ष के अंत की सामान्य सुधार प्रक्रिया का हिस्सा लगता है। FII बिकवाली और लाभ बुकिंग के बावजूद, घरेलू ताकत बाजार को मजबूत रखेगी। निवेशक वर्ष के अंत में सतर्क रहें, लेकिन गुणवत्ता वाले अवसरों को न छोड़ें। 2026 नई शुरुआत ला सकता है, यदि वैश्विक संकेत सकारात्मक हुए।

Sources: मनी कंट्रोल

By Mohd Abdush Shahid

Mohd Abdush Shahid is Founder and content creator at www.views24.in, specializing in news analysis, feature reporting, and in-depth storytelling. With a keen eye for detail and a passion for uncovering impactful narratives, Mohd Abdush Shahid delivers trusted, engaging content that keeps readers informed and inspired.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *