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26 दिसंबर 2025, Purnia: बिहार के युवाओं के लिए एक नई उम्मीद की किरण उभर रही है। पूर्व विधायक प्रत्याशी और सामाजिक कार्यकर्ता राणा रंजीत सिंह अपनी महत्वाकांक्षी पहल “बिहार डिजिटल फैक्ट्री” के तहत कल यानी 27 दिसंबर को Purnia पहुंच रहे हैं। दोपहर 1 बजे विद्या विहार इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी में आयोजित इस विशेष बैठक में डिजिटल स्किल्स, स्टार्टअप कल्चर और टेक्नोलॉजी आधारित रोजगार के अवसरों पर गहन चर्चा होगी। यह मिशन न केवल बिहार को डिजिटल हब बनाने का सपना बुन रहा है, बल्कि ग्रामीण युवाओं को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने की दिशा में ठोस कदम उठा रहा है। अगर आप बिहार के सहरसा, Purnia या अररिया जैसे जिलों के निवासी हैं, तो यह अवसर आपके करियर को नई दिशा दे सकता है।

राणा रंजीत सिंह का नाम बिहार की राजनीति और सामाजिक क्षेत्र में नया नहीं है। पूर्वी चंपारण के ढाका विधानसभा क्षेत्र से विधायक प्रत्याशी रह चुके राणा जी पूर्व सांसद प्रत्याशी के रूप में भी सक्रिय रहे हैं। वे एक ऐसे नेता हैं जो पारंपरिक राजनीति से इतर युवाओं के सशक्तिकरण पर फोकस करते हैं। उनकी “बिहार डिजिटल फैक्ट्री” पहल इसी सोच का प्रतिफल है। यह एक ऐसा प्लेटफॉर्म है जहां युवा वेब डेवलपमेंट, डिजिटल मार्केटिंग, ग्राफिक डिजाइन, एआई टूल्स और ई-कॉमर्स जैसे स्किल्स सीख सकेंगे। मिशन का उद्देश्य स्पष्ट है—बिहार के लाखों युवाओं को सस्ते और प्रैक्टिकल ट्रेनिंग देकर उन्हें फ्रीलांसिंग या स्टार्टअप के जरिए आत्मनिर्भर बनाना। राणा जी का मानना है कि बिहार का भविष्य डिजिटल इंडिया के साथ जुड़ा है, और इसके बिना राज्य का विकास अधूरा रहेगा।

इस पहल की शुरुआत हाल ही में सीतामढ़ी से हुई थी, जहां 21 दिसंबर को पहली बैठक आयोजित की गई। वहां सैकड़ों युवाओं ने भाग लिया और डिजिटल ट्रेनिंग के वर्कशॉप में हिस्सा लिया। अब Purnia में यह मिशन पूर्वी बिहार के कोसी और सीमांचल क्षेत्र को लक्षित कर रहा है। कल की बैठक में राणा रंजीत सिंह मुख्य अतिथि होंगे, साथ ही स्थानीय क्रिएटिव ट्रेनर्स, उद्यमी और शिक्षा विशेषज्ञ भी मौजूद रहेंगे। एजेंडा में शामिल प्रमुख टॉपिक्स हैं: डिजिटल मार्केटिंग के बेसिक्स, वेबसाइट बिल्डिंग टूल्स का इस्तेमाल, सोशल मीडिया पर बिजनेस ग्रोथ और स्टार्टअप फंडिंग के अवसर। बैठक के बाद एक इंटरैक्टिव सेशन होगा, जहां प्रतिभागी अपनी समस्याएं रख सकेंगे और तत्काल सलाह ले सकेंगे।

यह इवेंट विद्या विहार इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के ऑडिटोरियम में होगा, जो BIADA इंडस्ट्रियल ग्रोथ सेंटर, मरंगा, NH-31 पर स्थित है। स्थान का चयन रणनीतिक है—यह Purnia शहर से महज 10 किलोमीटर दूर है और आसानी से पहुंचा जा सकता है। रजिस्ट्रेशन के लिए एक साधारण फॉर्म भरना होगा, जो राणा जी के फेसबुक पेज या संपर्क नंबर (+91 80028 24406) के जरिए उपलब्ध है। बैठक निःशुल्क है, लेकिन सीमित सीटों के कारण जल्दी रजिस्टर करें। अगर आप ऑनलाइन जुड़ना चाहें, तो आज शाम 2 बजे जूम मीटिंग का लिंक भी शेयर किया जा रहा है।

बिहार डिजिटल फैक्ट्री का महत्व तब समझ आता है जब हम राज्य की वर्तमान स्थिति को देखते हैं। बिहार में बेरोजगारी दर 15% से ऊपर है, और ग्रामीण युवाओं के पास पारंपरिक नौकरियों के अलावा कोई विकल्प नहीं। डिजिटल स्किल्स की कमी के कारण लाखों युवा दिल्ली-मुंबई की ओर पलायन कर रहे हैं। राणा रंजीत सिंह का यह मिशन इसी पलायन को रोकने का प्रयास है। कल की बैठक में चर्चा होगी कि कैसे एक स्मार्टफोन और इंटरनेट कनेक्शन से घर बैठे कमाई शुरू की जा सकती है। उदाहरण के तौर पर, फ्रीलांस प्लेटफॉर्म्स जैसे अपवर्क या फाइवर पर प्रोजेक्ट्स लेकर महीने के लाखों कमा सकते हैं। ट्रेनिंग मॉड्यूल्स में प्रैक्टिकल प्रोजेक्ट्स शामिल होंगे, जैसे अपनी वेबसाइट बनाना या सोशल मीडिया कैंपेन रन करना।

यह मिशन सिर्फ ट्रेनिंग तक सीमित नहीं है। राणा जी की टीम स्थानीय स्टार्टअप्स को मेंटरिंग और फंडिंग सपोर्ट भी देगी। Purnia जैसे जिले, जहां कृषि और छोटे व्यवसाय प्रमुख हैं, के लिए डिजिटल टूल्स क्रांतिकारी साबित हो सकते हैं। कल्पना कीजिए—एक किसान का बेटा ड्रोन टेक्नोलॉजी सीखकर स्मार्ट फार्मिंग शुरू कर दे, या एक लड़की डिजिटल मार्केटिंग से अपने हैंडमेड प्रोडक्ट्स को ऑनलाइन बेचने लगे। राणा जी ने कहा है, “बिहार का हर युवा एक डिजिटल वॉरियर बन सकता है। हमारा मिशन है कि कोई पीछे न छूटे।” यह बातें उनकी हालिया सोशल मीडिया पोस्ट्स से ली गई हैं, जो युवाओं में उत्साह भर रही हैं।

Purnia का चयन भी सोच-समझकर किया गया है। यह जिला सीमांचल का गेटवे है, जहां शिक्षा और रोजगार के अवसर सीमित हैं। विद्या विहार इंस्टीट्यूट एक प्रतिष्ठित संस्थान है, जो इंजीनियरिंग और टेक्नोलॉजी कोर्सेस के लिए जाना जाता है। यहां की सुविधाएं—प्रोजेक्टर, वाई-फाई और वर्कशॉप रूम—बैठक को इंटरैक्टिव बनाने में मदद करेंगी। स्थानीय एनएसएस वॉलंटियर्स और स्टूडेंट्स भी सहयोग कर रहे हैं, जिससे इवेंट का दायरा बढ़ेगा। अगर मौसम की बात करें, तो ठंड का प्रकोप है, इसलिए गर्म कपड़े पहनकर आएं। ट्रांसपोर्टेशन के लिए ऑटो या ई-रिक्शा आसानी से मिल जाएंगे।

इस मिशन से जुड़ने के फायदे अनगिनत हैं। सबसे पहले, फ्री ट्रेनिंग सर्टिफिकेट मिलेगा, जो रिज्यूमे को मजबूत बनाएगा। दूसरा, नेटवर्किंग का मौका—राणा जी की टीम में उद्योगपति और मेंटर्स होंगे। तीसरा, फॉलो-अप सेशन्स जहां प्रोजेक्ट्स पर फीडबैक मिलेगा। बिहार सरकार की डिजिटल बिहार पहल के साथ यह मिशन तालमेल बिठा सकता है, जिससे सरकारी स्कीम्स का लाभ भी मिलेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे लोकल इनिशिएटिव्स से बिहार का जीडीपी 5% तक बढ़ सकता है, क्योंकि डिजिटल इकोनॉमी 2030 तक 1 ट्रिलियन डॉलर का बाजार बनेगी।

अंत में, अगर आप बिहार के भविष्य में विश्वास रखते हैं, तो कल Purnia जरूर आएं। राणा रंजीत सिंह का यह दौरा सिर्फ एक बैठक नहीं, बल्कि डिजिटल क्रांति की शुरुआत है। युवा ऊर्जा, टेक्नोलॉजी और नेतृत्व का यह संगम बिहार को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा। रजिस्टर करें, भाग लें और बदलाव का हिस्सा बनें। अधिक जानकारी के लिए संपर्क करें: +91 62020 16482। बिहार डिजिटल फैक्ट्री—आपका भविष्य, हमारी जिम्मेदारी!

Sources: राणा रंजीत सिंह

By Mohd Abdush Shahid

Mohd Abdush Shahid is Founder and content creator at www.views24.in, specializing in news analysis, feature reporting, and in-depth storytelling. With a keen eye for detail and a passion for uncovering impactful narratives, Mohd Abdush Shahid delivers trusted, engaging content that keeps readers informed and inspired.

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