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24 दिसंबर 2025, Bihar– Bihar में सर्दी की कड़ाके की ठंड ने शिक्षा व्यवस्था को प्रभावित कर दिया है। Bihar सरकार ने सभी सरकारी, सहायता प्राप्त और निजी स्कूलों को 31 दिसंबर तक बंद रखने का आदेश जारी कर दिया है। यह फैसला न केवल ठंड की असहनीय लहर को ध्यान में रखते हुए लिया गया है, बल्कि क्रिसमस और नए साल की छुट्टियों को भी समाहित करता है। शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव संजय कुमार सिंह ने एक आधिकारिक अधिसूचना में कहा कि यह कदम छात्रों की सुरक्षा और स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए उठाया गया है। Bihar के अधिकांश जिलों में तापमान 5 डिग्री सेल्सियस नीचे लुढ़क चुका है, जिससे स्कूल जाने वाले रास्तों पर खतरा बढ़ गया है। इस फैसले से राज्य के करीब 2 करोड़ छात्र लाभान्वित होंगे, लेकिन लंबे अवकाश से शैक्षणिक सत्र पर असर पड़ने की आशंका भी जताई जा रही है।

Bihar में सर्दियों का मौसम हमेशा से ही चुनौतीपूर्ण रहा है। इस वर्ष दिसंबर की शुरुआत से ही ठंड ने रफ्तार पकड़ ली है। मौसम विभाग के अनुसार, 20 दिसंबर से राज्य के उत्तरी और मध्य जिलों में कोहरे और शीतलहर ने तांडव मचा दिया है। पटना, मुजफ्फरपुर, दरभंगा और भागलपुर जैसे प्रमुख शहरों में न्यूनतम तापमान 3-4 डिग्री तक गिर गया है, जबकि पहाड़ी जिलों जैसे कैमूर और रोहतास में यह 1 डिग्री से नीचे पहुंच चुका है। ग्रामीण इलाकों में तो हालात और भी खराब हैं, जहां सड़कें फिसलन भरी हो गई हैं और परिवहन सेवाएं बाधित हैं। शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह बंदी प्राथमिक से लेकर उच्च माध्यमिक स्तर तक सभी स्कूलों पर लागू होगी, जिसमें अंग्रेजी माध्यम के निजी संस्थान भी शामिल हैं। केवल विशेष आवश्यकता वाले स्कूल, जैसे दिव्यांग बच्चों के लिए, को छूट दी गई है, लेकिन उनकी उपस्थिति वैकल्पिक रखी गई है।

सरकार का यह फैसला अभिभावकों के लिए राहत की सांस है। पटना की रहने वाली एक मां, रीता देवी ने बताया, “बच्चों को सुबह 7 बजे स्कूल भेजना जोखिम भरा हो गया था। कोहरा इतना घना है कि दृश्यता शून्य है। अब वे घर पर सुरक्षित रहेंगे।” इसी तरह, मुजफ्फरपुर के एक शिक्षक राजेश कुमार ने कहा कि ठंड से छात्रों में सर्दी-खांसी जैसी बीमारियां बढ़ रही थीं, जो कक्षाओं में उपस्थिति प्रभावित कर रही थीं। पिछले सप्ताह ही कई जिलों में उपस्थिति दर 40% से नीचे गिर गई थी। सरकार ने यह भी निर्देश दिया है कि स्कूलों में ऑनलाइन कक्षाएं या होमवर्क के माध्यम से पढ़ाई जारी रखी जाए, ताकि सिलेबस में देरी न हो। लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में इंटरनेट की कमी इस प्रयास को चुनौती दे रही है। शिक्षा मंत्री चंद्रशेखर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “हम छात्रों के स्वास्थ्य को सर्वोपरि मानते हैं। जनवरी से शैक्षणिक सत्र को समायोजित करने के लिए विशेष योजना बनाई जाएगी।”

यह फैसला Bihar में सर्दियों के दौरान स्कूल बंदी का एक हिस्सा है। पिछले वर्ष 2024 में भी ठंड के कारण 25 दिसंबर से 5 जनवरी तक अवकाश घोषित किया गया था, जब तापमान रिकॉर्ड कम 2.5 डिग्री तक पहुंचा था। 2023 में कोविड के बाद पहली बार ऐसा कदम उठाया गया, जब 20 स्कूलों में ठंड से संबंधित स्वास्थ्य समस्याओं के कारण 500 से अधिक छात्र प्रभावित हुए थे। विशेषज्ञों का मानना है कि जलवायु परिवर्तन के कारण बिहार में सर्दियां अब अधिक कठोर हो रही हैं। मौसम वैज्ञानिक डॉ. अनुराग कुमार ने बताया, “हिमालय से आने वाली पश्चिमी विक्षोभ की वजह से ठंड की तीव्रता बढ़ी है। अगले कुछ दिनों में तापमान स्थिर हो सकता है, लेकिन जनवरी तक सतर्कता बरतनी होगी।” पर्यावरण कार्यकर्ता भी इसे जलवायु संकट का संकेत मान रहे हैं, जो शिक्षा के अलावा कृषि और अर्थव्यवस्था को भी प्रभावित कर रहा है।

इस बंदी का शैक्षणिक प्रभाव गहरा हो सकता है। Bihar में पहले से ही शैक्षणिक सत्र में देरी की समस्या है, जहां बोर्ड परीक्षाएं अक्सर फरवरी में शिफ्ट होती हैं। लंबे अवकाश से शिक्षकों को नई चुनौतियां मिलेंगी, खासकर ग्रामीण स्कूलों में जहां संसाधन सीमित हैं। एक सर्वे के अनुसार, 70% अभिभावक ऑनलाइन शिक्षा से संतुष्ट नहीं हैं, क्योंकि स्मार्टफोन और इंटरनेट की पहुंच केवल 40% घरों तक है। सरकार ने डिजिटल इंडिया के तहत प्रयास तेज करने का वादा किया है, लेकिन क्रियान्वयन में देरी है। विपक्षी दल आरजेडी ने इस फैसले की सराहना तो की, लेकिन सरकार से मांग की कि अवकाश के दौरान छात्रों के लिए पोषण योजना जारी रखी जाए। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने ट्वीट कर कहा, “ठंड से बचाव के लिए स्कूल बंद सही है, लेकिन गरीब बच्चों के मिड-डे मील का क्या? यह सुनिश्चित करें।”

अन्य राज्यों में भी समान कदम उठाए जा रहे हैं। उत्तर प्रदेश ने 28 दिसंबर तक स्कूल बंद किए हैं, जबकि झारखंड में 2 जनवरी तक अवकाश है। दिल्ली में भी ठंड के कारण विशेष छुट्टियां घोषित की गई हैं। Bihar सरकार ने स्वास्थ्य विभाग के साथ मिलकर हेल्पलाइन नंबर 104 जारी किया है, जहां ठंड से संबंधित शिकायतें दर्ज की जा सकती हैं। साथ ही, आंगनवाड़ी केंद्रों को गर्माहट प्रदान करने के निर्देश दिए गए हैं। यह फैसला न केवल तात्कालिक राहत देगा, बल्कि भविष्य की आपातकालीन योजनाओं को मजबूत करेगा।

कुल मिलाकर, यह स्कूल बंदी Bihar के लिए एक आवश्यक लेकिन विचारणीय कदम है। ठंड की मार से छात्र सुरक्षित तो होंगे, लेकिन शिक्षा की निरंतरता सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है। जैसे-जैसे सर्दी कमजोर पड़ेगी, स्कूलों की बहाली पर नजर रहेगी। फिलहाल, Bihar की सड़कें शांत हैं, और घरों में किताबों की जगह गर्माहट ने ले ली है। उम्मीद है कि नया साल नई ऊर्जा के साथ शिक्षा को पटरी पर लाएगा।

By Mohd Abdush Shahid

Mohd Abdush Shahid is Founder and content creator at www.views24.in, specializing in news analysis, feature reporting, and in-depth storytelling. With a keen eye for detail and a passion for uncovering impactful narratives, Mohd Abdush Shahid delivers trusted, engaging content that keeps readers informed and inspired.

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