24 दिसंबर 2025, Virat Kohli– भारतीय क्रिकेट के ‘किंग’ Virat Kohli ने एक बार फिर अपनी काबिलियत साबित कर दी है। Vijay Hazare Trophy 2025-26 के एक रोमांचक मुकाबले में दिल्ली के लिए खेलते हुए उन्होंने उत्तर प्रदेश के खिलाफ अपनी 58वीं लिस्ट-ए सेंचुरी जड़ दी, जिसके साथ ही वे लिस्ट-ए क्रिकेट में 16,000 रनों का आंकड़ा पार करने वाले सबसे तेज बल्लेबाज बन गए। यह उपलब्धि न केवल कोहली की लगातार उत्कृष्टता को दर्शाती है, बल्कि घरेलू क्रिकेट में उनकी वापसी को भी यादगार बना देती है। दिल्ली ने इस मैच को 7 विकेट से जीत लिया, जहां कोहली की 112 रनों की नाबाद पारी ने टीम को लक्ष्य हासिल करने में अहम भूमिका निभाई। यह उनका लंबे समय बाद घरेलू सफेद गेंद क्रिकेट में कमबैक था, जो आईपीएल और अंतरराष्ट्रीय दौरे की व्यस्तता के बीच आया।
मैच दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में खेला गया, जहां उत्तर प्रदेश ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 50 ओवरों में 248 रन बनाए। उत्तर प्रदेश की पारी में विकेटकीपर-बल्लेबाज ऋषभ पंत ने 89 रनों की उपयोगी पारी खेली, लेकिन दिल्ली के गेंदबाजों ने उन्हें 7 विकेट पर रोक लिया। जवाब में दिल्ली को 31 रनों पर दो विकेट खोने के बाद Virat Kohli ने मोर्चा संभाला। उन्होंने युवा सलामी बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल के साथ 120 रनों की साझेदारी की, जो दिल्ली की पारी को पटरी पर लाई। कोहली ने अपनी पारी में 10 चौके और 4 छक्के लगाए, जिसमें स्ट्राइक रेट 105 से ऊपर रहा। 85वें गेंद पर उन्होंने अपना अर्धशतक पूरा किया, और 112 गेंदों पर सेंचुरी ठोकी। अंत में, उन्होंने नाबाद 112 रन बनाए, जिससे दिल्ली ने 42.3 ओवरों में लक्ष्य हासिल कर लिया। यह पारी कोहली की क्लासिकल स्टाइल का नमूना थी – सटीक ड्राइव्स, पुल शॉट्स और लेट कट्स का बेहतरीन प्रदर्शन।
यह सेंचुरी Virat Kohli की लिस्ट-ए करियर की 58वीं है, जो उन्हें इस फॉर्मेट में सबसे अधिक सेंचुरी बनाने वाले भारतीय बल्लेबाज बनाती है। इससे पहले, उनकी कुल लिस्ट-ए पारियां 342 थीं, जिसमें 15,999 रन थे। इस मैच के बाद उनके नाम पर 16,130 रन दर्ज हो गए, औसत 57.6 के साथ। यह आंकड़ा सचिन तेंदुलकर के 16,000 रनों के रिकॉर्ड को तोड़ने वाला है, और कोहली ने इसे सबसे कम पारियों (343) में हासिल किया। तेंदुलकर ने 418 पारियों में यह मील का पत्थर पार किया था। कोहली ने मैच के बाद कहा, “घरेलू क्रिकेट हमेशा मेरे लिए खास रहा है। यह सेंचुरी मेरी फिटनेस और मानसिक मजबूती का नतीजा है। युवाओं को प्रेरित करने के लिए मैं यहां लौटा हूं।” यह बयान उनके आईपीएल और टी20 लीग्स से ब्रेक लेकर घरेलू क्रिकेट पर फोकस करने के फैसले को सही ठहराता है।
Vijay Hazare Trophy में कोहली का रिकॉर्ड हमेशा से शानदार रहा है। उन्होंने अब तक इस टूर्नामेंट में 12 मैच खेले हैं, जिसमें 1,200 से अधिक रन बनाए हैं, औसत 70 से ऊपर। उनका उच्चतम स्कोर 183 रन है, जो 2010 में आंध्र प्रदेश के खिलाफ था। इस सीजन में दिल्ली की कप्तानी संभालते हुए Virat Kohli ने टीम को मजबूत बनाया है। दिल्ली ने अब तक 4 मैच जीते हैं, और कोहली के नेतृत्व में वे सेमीफाइनल की दौड़ में मजबूत दावेदार हैं। पूर्व कोच रवि शास्त्री ने इस पारी को “मास्टरक्लास” करार दिया, कहा कि कोहली की फॉर्म टी20 वर्ल्ड कप 2026 के लिए शुभ संकेत है।
यह उपलब्धि भारतीय क्रिकेट के लिए बड़ा संदेश है। Virat Kohli, जो 37 वर्ष के हो चुके हैं, अभी भी फिटनेस के बेंचमार्क हैं। उनकी डाइट, योग और वर्कआउट रूटीन ने उन्हें चोटों से दूर रखा है। लिस्ट-ए क्रिकेट में उनका रिकॉर्ड अब वैश्विक स्तर पर तुलनीय है – सनथ जयसूर्या के 16,128 रनों से आगे निकल गए। Rohit Sharma ने भी इसी टूर्नामेंट में 150+ स्कोर बनाकर रिकॉर्ड बराबरी की, लेकिन कोहली का यह मील का पत्थर सबसे चर्चित रहा। सोशल मीडिया पर #KingKohli58 और #16000Club ट्रेंड कर रहा है, जहां प्रशंसक उनकी पुरानी पारियों के वीडियो शेयर कर रहे हैं। बीसीसीआई ने भी ट्वीट कर बधाई दी, कहा कि “विराट का जुनून प्रेरणा है।”
घरेलू क्रिकेट में सितारों की भागीदारी बढ़ाने के लिए बीसीसीआई के प्रयास रंग ला रहे हैं। Virat Kohli के अलावा Rohit Sharma, KL Rahul और Rishabh Pant जैसे सीनियर खिलाड़ी भी सक्रिय हैं। यह टूर्नामेंट युवाओं को मौका देता है, लेकिन सितारों की मौजूदगी से स्तर ऊंचा होता है। बिहार की तरफ से वैभव सूर्यवंशी ने भी रिकॉर्ड तोड़ा, लेकिन कोहली की पारी ने सुर्खियां बटोरीं। विशेषज्ञों का मानना है कि यह फॉर्म ओडीआई सीरीज में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ उपयोगी साबित होगा।
Virat Kohli की यात्रा प्रेरणादायक है – दिल्ली के गलियों से विश्व क्रिकेट के शिखर तक। 2008 में डेब्यू के बाद से उन्होंने लिस्ट-ए में 84 अर्धशतक भी बनाए हैं, जो उनकी निरंतरता दिखाते हैं। यह सेंचुरी न केवल आंकड़ों का खेल है, बल्कि मानसिक विजय भी। जैसे-जैसे टूर्नामेंट आगे बढ़ेगा, कोहली की नजरें फाइनल पर होंगी। दिल्ली क्रिकेट एसोसिएशन ने उन्हें ‘लाइफटाइम अचीवमेंट’ अवॉर्ड देने की घोषणा की है।
अंत में, यह पारी हमें याद दिलाती है कि उम्र केवल आंकड़ा है। Virat Kohli का जुनून भारतीय क्रिकेट को नई ऊर्जा दे रहा है। उम्मीद है कि यह सीजन उनके लिए और उपलब्धियां लाएगा।