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23 दिसंबर 2025, Sensex: भारतीय शेयर बाजार में आज एक बार फिर उतार-चढ़ाव का दौर देखने को मिला। Sensex दिन के उच्चतम स्तर से लगभग 200 अंकों की गिरावट के बाद 100 अंकों से अधिक लुढ़क गया, जबकि निफ्टी 26,200 के स्तर से नीचे चला गया। विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) के बहिर्वाह ने दो दिनों की तेजी पर ब्रेक लगा दिया, जिससे बाजार रेंजबाउंड मोड में फंस गया। अंत में Sensex 42.64 अंकों (0.05%) की मामूली गिरावट के साथ 85,524.84 पर बंद हुआ, वहीं निफ्टी 4.75 अंकों (0.02%) की हल्की बढ़त के साथ 26,177.15 पर समाप्त हुआ। यह गिरावट साप्ताहिक एक्सपायरी के दिन की सुस्ती और वैश्विक संकेतों के बीच आई, जहां आईटी सेक्टर ने बाजार को सबसे अधिक नुकसान पहुंचाया।

बाजार खुलते ही सकारात्मक शुरुआत हुई। गिफ्ट निफ्टी ने फ्लैट से पॉजिटिव ओपनिंग का संकेत दिया था, लेकिन जल्द ही बिकवाली का दबाव बढ़ गया। Sensex दिन के उच्चतम स्तर 85,725 के आसपास पहुंचा, लेकिन उसके बाद लगातार गिरावट जारी रही। दोपहर तक यह 100 अंकों से अधिक नीचे आ गया, जबकि निफ्टी 26,200 के महत्वपूर्ण समर्थन स्तर को तोड़ते हुए 26,150 तक लुढ़क गया। व्यापारियों के अनुसार, एफआईआई ने आज लगभग 1,200 करोड़ रुपये की बिकवाली की, जो पिछले दो दिनों की खरीदारी को उलटने वाली साबित हुई। घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) ने कुछ राहत दी, लेकिन यह पर्याप्त नहीं था। कुल मिलाकर, बाजार ने 1.2 लाख करोड़ रुपये का मार्केट कैप खोया, हालांकि क्लोजिंग में मामूली रिकवरी हुई।

बाजार गिरावट के पीछे 5 प्रमुख कारण

आज की गिरावट के पीछे कई कारक जिम्मेदार थे। विशेषज्ञों ने पांच मुख्य कारणों की पहचान की है, जो बाजार की दिशा को प्रभावित करने वाले थे:

  1. ओपनिंग गेन पर टिक न पाना: बाजार ने सुबह सकारात्मक शुरुआत की, लेकिन खरीदारों की कमी से यह टिक नहीं सका। Sensex दिन के हाई से 200 अंकों की गिरावट के साथ बंद हुआ, जो निवेशकों के सतर्क रुख को दर्शाता है।
  2. दो दिनों की तेजी पर ब्रेक: पिछले दो सत्रों में बाजार ने मजबूत रिकवरी दिखाई थी, लेकिन आज एफआईआई बहिर्वाह ने इस सकारात्मक मोमेंटम को तोड़ दिया। विदेशी निवेशक वैश्विक अनिश्चितताओं के कारण जोखिम कम करने में जुटे रहे।
  3. आईटी सेक्टर का ड्रैग: निफ्टी आईटी इंडेक्स 0.80% की गिरावट के साथ 39,173.70 पर बंद हुआ, जो बाजार का सबसे बड़ा लूजर रहा। इंफोसिस (-1.26%) और टेक महिंद्रा जैसे शेयरों की कमजोरी ने समग्र बाजार को नीचे खींचा। अमेरिकी टेक सेक्टर की सुस्ती और कमजोर तिमाही परिणामों की आशंकाओं ने इसमें योगदान दिया।
  4. फार्मा में चुनिंदा दबाव: फार्मा सेक्टर में भी चुनिंदा बिकवाली देखी गई, जहां सिप्ला जैसे स्टॉक्स में गिरावट आई। वैश्विक दवा मूल्यों में अस्थिरता और नियामकीय चिंताओं ने निवेशकों को सतर्क किया।
  5. साप्ताहिक एक्सपायरी की सुस्ती: डेरिवेटिव्स एक्सपायरी के दिन बाजार में आमतौर पर वॉलेटिलिटी बढ़ती है, लेकिन आज यह रेंजबाउंड रही। अंतिम घंटे में मामूली नरमी ने क्लोजिंग को प्रभावित किया, क्योंकि व्यापारी नए साल की छुट्टियों को देखते हुए पोजीशन समेटने में व्यस्त रहे।

ये कारण बाजार की संवेदनशीलता को उजागर करते हैं, जहां वैश्विक संकेत घरेलू बाजार को निर्देशित कर रहे हैं।

सेक्टर-वार प्रदर्शन: मेटल चमका, आईटी फीका

सेक्टरों में मिश्रित रुझान दिखा। निफ्टी मेटल सबसे मजबूत रहा, जो 0.54% की बढ़त के साथ 10,727 पर बंद हुआ। स्टील और माइनिंग कंपनियों में खरीदारी देखी गई, क्योंकि कच्चे माल की कीमतों में स्थिरता आई। एफएमसीजी और एनर्जी सेक्टरों में भी हल्की खरीदारी रही, जहां रिलायंस इंडस्ट्रीज और एचयूएल जैसे नाम चमके। इसके विपरीत, आईटी और फार्मा लूजर्स रहे। बैंकिंग सेक्टर फ्लैट रहा, लेकिन एक्सिस बैंक जैसे स्टॉक्स में दबाव पड़ा। मिडकैप इंडेक्स फ्लैट बंद हुआ, जबकि स्मॉलकैप 0.4% ऊपर रहा, जो बाजार की चौड़ाई को दर्शाता है।

टॉप गेनर्स और लूजर्स: कोल इंडिया चमका, इंफोसिस लुढ़का

निफ्टी पर टॉप गेनर्स में कोल इंडिया 3.66% (14.15 अंक) ऊपर रही, जो 400.40 पर बंद हुई। इसके अलावा श्रiram फाइनेंस, अल्ट्राटेक सीमेंट, टाटा मोटर्स और पावर ग्रिड कॉर्प ने मजबूत प्रदर्शन किया। दूसरी ओर, इंफोसिस 1.26% (21.30 अंक) गिरकर 1,668.30 पर रही। भारती एयरटेल, सिप्ला, टेक महिंद्रा और एक्सिस बैंक प्रमुख लूजर्स रहे। ब्रॉडर मार्केट में स्मॉलकैप्स ने आउटपरफॉर्म किया, लेकिन ब्लूपॉइंट्स पर दबाव बना रहा।

वैश्विक संकेत: छुट्टियों की सतर्कता

वैश्विक बाजारों में हॉलिडे-शॉर्टेंड वीक के कारण सतर्कता बरती गई। अमेरिकी फेड रिजर्व की मीटिंग से पहले निवेशक इंतजार मोड में थे, जबकि यूरोपीय बाजार फ्लैट रहे। एशियाई बाजारों में मिश्रित रुझान दिखा, जहां चाइनीज स्टॉक्स में गिरावट आई। एफआईआई फ्लोज मिक्स्ड रहे, लेकिन नेट सेलिंग प्रेशर ने भारतीय बाजार को प्रभावित किया। रुपया डॉलर के मुकाबले 83.50 पर कमजोर रहा, जो निर्यातकों के लिए फायदेमंद लेकिन इंपोर्टर्स के लिए चुनौतीपूर्ण है।

आगे की राह: सतर्क आशावाद

कलाकारों का मानना है कि बाजार 26,000-26,200 के बीच रेंज में रह सकता है। यदि निफ्टी 26,150 के ऊपर टिका, तो 26,500 की ओर बढ़ोतरी संभव है। हालांकि, फेड की नीति और अमेरिकी डेटा पर नजरें टिकी हैं। विशेषज्ञों ने सलाह दी है कि निवेशक क्वालिटी स्टॉक्स पर फोकस करें, खासकर मेटल और एनर्जी में। लॉन्ग टर्म में, भारत की जीडीपी ग्रोथ 7% से ऊपर रहने से बाजार मजबूत रहेगा, लेकिन शॉर्ट टर्म में वॉलेटिलिटी बनी रहेगी।

कुल मिलाकर, आज का सत्र बाजार की लचीलापन दिखाता है। मामूली गिरावट के बावजूद, स्मॉलकैप्स की मजबूती और सेक्टरल रोटेशन सकारात्मक संकेत हैं। निवेशकों को सलाह है कि पैनिक न करें और फंडामेंटल्स पर नजर रखें। नए साल की शुरुआत में बाजार नई ऊंचाइयों को छू सकता है, लेकिन धैर्य जरूरी है।

By Mohd Abdush Shahid

Mohd Abdush Shahid is Founder and content creator at www.views24.in, specializing in news analysis, feature reporting, and in-depth storytelling. With a keen eye for detail and a passion for uncovering impactful narratives, Mohd Abdush Shahid delivers trusted, engaging content that keeps readers informed and inspired.

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