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22 दिसंबर 2025, Sensex – भारतीय शेयर बाजार ने सोमवार को एक बार फिर निवेशकों को सरप्राइज दिया। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का प्रमुख सूचकांक Sensex 638.12 अंकों की मजबूत बढ़त के साथ 85,567.48 पर बंद हुआ, जो 0.75 प्रतिशत की तेजी दर्शाता है। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का निफ्टी 50 सूचकांक 206 अंकों की छलांग लगाकर 26,172.40 पर समाप्त हुआ। यह दो सत्रों में Sensex की लगभग 1,100 अंकों की कुल बढ़त का हिस्सा है, जिससे बाजार पूंजीकरण में 4 लाख करोड़ रुपये का इजाफा हुआ। विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) की भारी आमदनी और वैश्विक बाजारों के सकारात्मक रुझानों ने इस रैली को बल प्रदान किया।

यह तेजी रुपये की रिकवरी और अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों में कटौती की उम्मीदों से प्रेरित लगती है। बाजार विश्लेषकों का मानना है कि यह रिकवरी न केवल अल्पकालिक राहत है, बल्कि भारत की मजबूत आर्थिक बुनियाद को दर्शाती है। आइए, इस ऐतिहासिक सत्र की गहराई में उतरें और समझें कि क्या कारक बाजार को नई ऊंचाइयों पर ले गए।

बाजार का समग्र प्रदर्शन: मजबूत शुरुआत से मजबूत समापन

सोमवार का सत्र गिफ्ट निफ्टी के सकारात्मक संकेतों के साथ शुरू हुआ, जो एशियाई बाजारों की हरी झंडी दिखा रहा था। Sensex ने दिन की शुरुआत में ही 85,000 के स्तर को पार कर लिया और इंट्राडे हाई 85,601.33 तक पहुंच गया। निफ्टी ने भी 26,000 के मनोवैज्ञानिक स्तर को आसानी से पार किया, जो निवेशकों में उत्साह का संचार कर गया। अंतिम घंटे में मामूली उतार-चढ़ाव के बावजूद, बाजार ने लाभ के साथ बंद किया।

ब्रॉडर मार्केट में भी सकारात्मक माहौल रहा। बीएसई मिडकैप इंडेक्स 0.5% ऊपर रहा, जबकि स्मॉलकैप इंडेक्स में 0.3% की हल्की बढ़त दर्ज हुई। कुल मिलाकर, 2,500 से अधिक शेयरों में तेजी देखी गई, जो बाजार की चौड़ाई को दर्शाता है। हालांकि, कुछ बैंकिंग और फाइनेंशियल स्टॉक्स में दबाव रहा, लेकिन आईटी और डिफेंस सेक्टर्स ने समग्र रैली को संभाला।

सेक्टर-वाइज हाइलाइट्स: आईटी और डिफेंस चमके, बैंकिंग में सतर्कता

सेक्टरों की बात करें तो आईटी सेक्टर ने बाजार को सबसे अधिक धकेला। निफ्टी आईटी इंडेक्स 1.2% ऊपर बंद हुआ, जिसमें विप्रो, इंफोसिस और टीसीएस जैसे दिग्गजों ने लीड किया। विप्रो में 3.5% की तेजी आई, जबकि इंफोसिस 2.8% चढ़ा। विश्लेषकों का कहना है कि अमेरिकी बाजारों की मजबूती और क्लाउड कंप्यूटिंग डिमांड ने आईटी स्टॉक्स को बूस्ट दिया।

डिफेंस सेक्टर भी सुर्खियों में रहा। हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) में 4% की बढ़त हुई, जबकि भारत डायनामिक्स में 3.2% का उछाल आया। सरकार के ‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियान और रक्षा निर्यात में वृद्धि ने इस सेक्टर को आकर्षक बनाया है। ऑटो सेक्टर में भी चमक बरकरार रही, टाटा मोटर्स और मारुति सुजुकी में 2-3% की बढ़त दर्ज की गई।

दूसरी ओर, बैंकिंग सेक्टर में मिश्रित रुझान दिखे। निफ्टी बैंक इंडेक्स 0.2% नीचे रहा, जिसमें एसबीआई और कोटक महिंद्रा बैंक जैसे स्टॉक्स 1-1.5% लुढ़के। रुपये की मजबूती से आयातक कंपनियों को फायदा हुआ, लेकिन निर्यातकों पर दबाव पड़ा। मेटल सेक्टर में भी हल्की गिरावट आई, लेकिन ओवरऑल मार्केट सेंटिमेंट सकारात्मक रहा।

टॉप गेनर्स और लूजर्स: ट्रेंट और श्रीराम फाइनेंस ने चमक दिखाई

निफ्टी 50 में टॉप गेनर्स की सूची में ट्रेंट लीड कर रहा था, जो 4% ऊपर बंद हुआ। रिटेल सेक्टर की इस कंपनी ने मजबूत क्वार्टरली रिजल्ट्स के दम पर निवेशकों का दिल जीता। श्रीराम फाइनेंस में 3.2% की तेजी आई, जबकि विप्रो और इंफोसिस ने 2.5-3% का योगदान दिया।

लूजर्स में एसबीआई सबसे आगे रहा, जो 1.5% नीचे बंद हुआ। कोटक बैंक और एचडीएफसी बैंक में भी 0.8-1% की गिरावट देखी गई। कुल मिलाकर, गेनर्स और लूजर्स का अनुपात 35:15 रहा, जो बाजार की मजबूती को रेखांकित करता है।

विदेशी फंडों की आमद: 4 लाख करोड़ का मुनाफा, रुपये की रिकवरी का जादू

इस रैली का सबसे बड़ा ड्राइवर एफआईआई की भारी खरीदारी रही। प्रावलेनरी डेटा के अनुसार, एफआईआई ने सोमवार को 2,500 करोड़ रुपये की नेट खरीदारी की, जो पिछले हफ्ते की तुलना में दोगुनी है। घरेलू संस्थागत निवेशक (डीआईआई) ने भी 1,200 करोड़ रुपये का निवेश किया। कुल बाजार पूंजीकरण 4,00,000 करोड़ रुपये बढ़कर 4,15 लाख करोड़ पर पहुंच गया।

रुपये की रिकवरी ने भी भूमिका निभाई। डॉलर के मुकाबले रुपया 83.20 पर मजबूत हुआ, जो पिछले सत्र की 83.50 से बेहतर है। आरबीआई की हस्तक्षेप नीति और विदेशी मुद्रा भंडार में वृद्धि ने निवेशकों का विश्वास बढ़ाया।

वैश्विक रुझान: फेड रेट कट की उम्मीदों ने दी धक्का

वैश्विक स्तर पर, अमेरिकी बाजारों ने रिकॉर्ड ऊंचाई छुई। डॉव जोन्स 0.8% ऊपर, एसएंडपी 500 में 0.6% की बढ़त और नैस्डैक 1% चढ़ा। फेड की 25 बेसिस पॉइंट्स की दर कटौती की उम्मीद ने जोखिम भरी संपत्तियों को आकर्षित किया। एशिया में निक्केई 1.2% और हैंगसेंग 0.9% ऊपर रहे। यूरोपीय बाजारों में भी सकारात्मक शुरुआत हुई।

भारत के संदर्भ में, यह रैली वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच एक चमकदार स्पॉट है। ट्रंप प्रशासन की व्यापार नीतियों की आशंकाओं के बावजूद, भारत की जीडीपी ग्रोथ प्रोजेक्शन 7% पर स्थिर है, जो एफआईआई को लुभा रही है।

भविष्य का आउटलुक: सतर्क आशावाद, लेकिन जोखिम बरकरार

विश्लेषकों का आकलन है कि Sensex 86,000 के स्तर को टेस्ट कर सकता है, यदि एफआईआई फ्लो जारी रहा। हालांकि, अमेरिकी इन्फ्लेशन डेटा और घरेलू केंद्रीय बैंक की नीति समीक्षा जोखिम पैदा कर सकती है। लॉन्ग-टर्म निवेशकों को आईटी, डिफेंस और कंज्यूमर गुड्स सेक्टर्स पर फोकस करने की सलाह दी जा रही है।

कुल मिलाकर, आज का सत्र भारतीय बाजार की लचीलापन को प्रमाणित करता है। निवेशकों को सलाह है कि शॉर्ट-टर्म उतार-चढ़ाव के बावजूद, फंडामेंटल्स मजबूत रखें। यह रैली न केवल आंकड़ों की कहानी है, बल्कि भारत की उभरती अर्थव्यवस्था की जीवंतता का प्रतीक है।

By Mohd Abdush Shahid

Mohd Abdush Shahid is Founder and content creator at www.views24.in, specializing in news analysis, feature reporting, and in-depth storytelling. With a keen eye for detail and a passion for uncovering impactful narratives, Mohd Abdush Shahid delivers trusted, engaging content that keeps readers informed and inspired.

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