22 दिसंबर 2025, Air India – Air India की दिल्ली से मुंबई जाने वाली उड़ान एआई887 को सोमवार सुबह टेकऑफ के तुरंत बाद एक गंभीर तकनीकी खराबी का सामना करना पड़ा। बोइंग 777 विमान के दाएं इंजन में तेल दबाव अचानक शून्य पर पहुंच गया, जिसके कारण पायलटों को इंजन बंद करना पड़ा और विमान को दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर ही वापस लैंड करना पड़ा। सौभाग्य से, सभी 250 से अधिक यात्रियों और चालक दल के सदस्य सुरक्षित हैं, लेकिन यह घटना भारतीय विमानन क्षेत्र में सुरक्षा प्रोटोकॉल पर सवाल खड़े कर रही है। नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने तत्काल जांच के आदेश जारी कर दिए हैं, जबकि एयर इंडिया ने यात्रियों को वैकल्पिक उड़ानें और मुआवजा प्रदान करने का वादा किया है। यह घटना वाणिज्यिक उड़ानों में इंजन रखरखाव की चुनौतियों को उजागर करती है, खासकर जब एयर इंडिया टाटा समूह के अधिग्रहण के बाद अपनी फ्लीट को अपग्रेड करने की प्रक्रिया में है।
घटना की समयरेखा स्पष्ट रूप से डरावनी लगती है, लेकिन पायलटों की त्वरित प्रतिक्रिया ने किसी आपदा को टाल दिया। उड़ान AI887 सुबह करीब 10:15 बजे दिल्ली से रवाना हुई थी, जो मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के लिए निर्धारित थी। टेकऑफ के मात्र 10-15 मिनट बाद, कॉकपिट में चेतावनी सिग्नल बजा, जो दाएं इंजन (जो बोइंग 777-200LR मॉडल का GE90-110B1 इंजन है) में तेल दबाव के गिरने का संकेत दे रहा था। एयर इंडिया के प्रवक्ता ने बयान जारी कर कहा, “चालक दल ने तुरंत मानक प्रक्रिया का पालन किया और इंजन को सुरक्षित रूप से बंद कर दिया। विमान एक इंजन पर ही दिल्ली लौट आया, जहां आपातकालीन लैंडिंग की गई।” लैंडिंग सुबह 11:05 बजे के आसपास हुई, जो एक घंटे से कम समय में पूरी प्रक्रिया को संभाल लिया गया। विमान पर 238 यात्री और 12 चालक दल के सदस्य सवार थे, जिनमें से अधिकांश व्यापारी, परिवार और पर्यटक थे।
यात्रियों की प्रतिक्रियाएं मिश्रित रही हैं। सोशल मीडिया पर कई यात्रियों ने अपनी अनुभव साझा किए, जहां डर के साथ-साथ Air India के स्टाफ की प्रशंसा भी की गई। एक यात्री, मुंबई के व्यवसायी राहुल शर्मा ने ट्विटर पर लिखा, “टेकऑफ के बाद अचानक कंपन हुआ और कैप्टन ने शांत स्वर में घोषणा की। लैंडिंग स्मूथ थी, लेकिन अब डर लग रहा है। एयर इंडिया ने चाय-पानी दिया, लेकिन वैकल्पिक फ्लाइट दोपहर 3 बजे की है।” एक अन्य यात्री, दिल्ली की छात्रा नेहा कपूर ने कहा, “हम सब घबरा गए थे, लेकिन पायलटों ने कहा कि सब कंट्रोल में है। अब जांच होनी चाहिए कि ऐसा क्यों हुआ।” एयर इंडिया ने यात्रियों को लाउंज एक्सेस, भोजन और अगली उड़ान पर पूर्ण रिफंड का विकल्प दिया। कंपनी ने माफी मांगते हुए कहा, “हमारी प्राथमिकता हमेशा सुरक्षा रही है, और यह घटना दुर्लभ है।” हालांकि, कुछ यात्रियों ने देरी के लिए शिकायत की, जो पूरे दिन की यात्रा को प्रभावित कर रही है।
DGCA की जांच अब विमानन सुरक्षा के केंद्र में है। महानिदेशालय ने एयर इंडिया को नोटिस जारी कर विमान को ग्राउंडेड कर दिया है, जब तक कि तकनीकी रिपोर्ट न आ जाए। DGCA के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, “इंजन तेल दबाव गिरना GE90 इंजनों में कभी-कभी देखा जाता है, लेकिन शून्य स्तर गंभीर है। हम ब्लैक बॉक्स डेटा, मेंटेनेंस रिकॉर्ड और चालक दल के बयानों की जांच करेंगे।” यह जांच 10 दिसंबर 2025 से 10 फरवरी 2026 तक चल सकती है, जैसा कि हालिया Air India मामलों में देखा गया। बोइंग 777, जो एयर इंडिया की लंबी दूरी की फ्लीट का हिस्सा है, को 2022 में टाटा द्वारा अधिग्रहण के बाद अपग्रेड किया जा रहा है। लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि पुरानी फ्लीट में रखरखाव की कमी ऐसी घटनाओं का कारण हो सकती है। एविएशन कंसल्टेंट कैप्टन मोहन रंगनाथन ने कहा, “एक इंजन फेलियर पर बोइंग 777 उड़ान भर सकता है, लेकिन तेल दबाव समस्या सेंसर फेलियर या लीकेज का संकेत देती है। एयर इंडिया को अपनी मेंटेनेंस चेन मजबूत करनी होगी।”
यह घटना भारतीय विमानन उद्योग के लिए एक चेतावनी है। 2025 में ही एयर इंडिया के साथ कई घटनाएं जुड़ी हैं, जैसे अगस्त में एक दुबई उड़ान का इंजन धुआं और अक्टूबर में एक घरेलू फ्लाइट का ब्रेक फेलियर। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर, बोइंग 777 को सुरक्षित माना जाता है, लेकिन GE इंजनों में तेल मुद्दे FAA द्वारा निगरानी में हैं। भारत में, DGCA ने 2024 में एयरलाइंस के लिए सख्त रखरखाव मानक लागू किए, लेकिन कार्यान्वयन पर सवाल हैं। इंडियन कमर्शियल पायलट्स एसोसिएशन (ICPA) के अध्यक्ष कैप्टन डी पी शर्मा ने कहा, “पायलट ट्रेनिंग अच्छी है, लेकिन ग्राउंड सपोर्ट में कमी है। ऐसी घटनाओं से यात्री विश्वास कम होता है।” Air India, जो अब टाटा के नेतृत्व में विस्तार कर रही है, ने 470 नए विमानों का ऑर्डर दिया है, लेकिन पुरानी फ्लीट का प्रबंधन चुनौतीपूर्ण है।
अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया भी आई है। अमेरिकी FAA ने बोइंग से संपर्क साधा, जबकि IATA ने भारतीय एयरलाइंस को सतर्क रहने की सलाह दी। यात्रियों के अधिकारों के तहत, एविएशन रेगुलेटरी बिल के अनुसार, एयरलाइन को 24 घंटे के भीतर मुआवजा देना होगा। सोशल मीडिया पर #AirIndiaEngineFail ट्रेंड कर रहा है, जहां नेटिजेंस सुरक्षा पर बहस कर रहे हैं। एक यूजर ने लिखा, “Air India सुधार रही है, लेकिन ऐसी खबरें डराती हैं।”
कुल मिलाकर, यह घटना एक सकारात्मक अंत के साथ समाप्त हुई, लेकिन यह विमानन क्षेत्र को आत्मचिंतन के लिए मजबूर करती है। DGCA की जांच से सच्चाई सामने आएगी, और उम्मीद है कि इससे बेहतर सुरक्षा मानक बनेंगे। यात्रियों की सुरक्षा सर्वोपरि है, और Air India जैसे प्रमुख कैरियर को अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी। क्या यह घटना फ्लीट अपग्रेड को तेज करेगी? समय बताएगा। लेकिन फिलहाल, दिल्ली हवाई अड्डे पर सामान्य बहाल हो गई है।