21 दिसंबर 2025, Araria DM Vinod Duhan : बिहार के अररिया जिले में बढ़ती ठंड ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। सहरसा से सटे इस सीमांत जिले में न्यूनतम तापमान 6 डिग्री सेल्सियस तक लुढ़क गया है, जिससे सांस संबंधी बीमारियां, निमोनिया और अन्य श्वसन संक्रमण के मामले सदर अस्पताल में तेजी से बढ़ रहे हैं। ऐसे में जिला पदाधिकारी DM Vinod Duhan ने शनिवार रात करीब 8 बजे सदर अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। देर शाम का यह अचानक दौरा अस्पताल प्रशासन के लिए चुनौतीपूर्ण साबित हुआ, जहां डीएम ने मरीजों से सीधे बातचीत की, स्वास्थ्य सेवाओं की कमियों का जायजा लिया और डॉक्टरों व स्टाफ को ठंड के मौसम में बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित करने के सख्त निर्देश दिए। यह निरीक्षण न केवल स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता पर नजर रखने का प्रयास है, बल्कि जिला प्रशासन की सक्रियता का भी प्रतीक है।
अररिया सदर अस्पताल, जो जिले का प्रमुख स्वास्थ्य केंद्र है, ठंड के इस मौसम में मरीजों की भारी भीड़ का सामना कर रहा है। ग्रामीण इलाकों से आने वाले सैकड़ों मरीज रोजाना यहां इलाज के लिए पहुंचते हैं, लेकिन संसाधनों की कमी और ठंड से जुड़ी चुनौतियां व्यवस्था को प्रभावित कर रही हैं। DM Vinod Duhan, जो हाल ही में पदभार संभाल चुके हैं, ने निरीक्षण के दौरान सबसे पहले इमरजेंसी वार्ड, ओपीडी और आईसीयू का दौरा किया। उन्होंने देखा कि क्या मरीजों को पर्याप्त गर्म कपड़े, हीटर और कंबल उपलब्ध कराए जा रहे हैं। एक बुजुर्ग मरीज, जो सांस की तकलीफ से जूझ रहे थे, ने डीएम को बताया, “साहब, रात में ठंड इतनी तेज है कि नींद नहीं आती। दवा तो मिल जाती है, लेकिन गर्माहट की कमी से हालत बिगड़ जाती है।” डीएम ने तुरंत सिविल सर्जन को निर्देश दिया कि अगले 48 घंटों में सभी वार्डों में हीटर की व्यवस्था हो और गरीब मरीजों के लिए कंबल वितरण अभियान शुरू किया जाए।
निरीक्षण के दौरान डीएम ने मातृ-शिशु इकाई पर विशेष ध्यान दिया। ठंड के कारण नवजात शिशुओं में हाइपोथर्मिया के केस बढ़ गए हैं, और यहां 20 से अधिक डिलीवरी रोजाना हो रही हैं। उन्होंने वार्ड में मौजूद एक नवमां को देखा, जो अपने नवजात को गोद में लिए रो रही थीं। “डॉक्टर साहब ने कहा कि बच्चे को गर्म रखना है, लेकिन इंक्यूबेटर में जगह नहीं है,” उन्होंने शिकायत की। डीएम ने सिविल सर्जन डॉ. आर.के. सिंह को फटकार लगाते हुए कहा, “महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा प्राथमिकता है। इंक्यूबेटर की संख्या बढ़ाएं और स्टाफ को 24×7 ड्यूटी पर रखें। कोई लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी।” इसके अलावा, डीएम ने अस्पताल की साफ-सफाई, दवा उपलब्धता और एम्बुलेंस सेवाओं का भी जायजा लिया। उन्होंने पाया कि कुछ वार्डों में सफाई की कमी है, जिससे संक्रमण का खतरा बढ़ रहा है। “ठंड में इम्यूनिटी कमजोर होती है, इसलिए स्वच्छता पर कोई समझौता न हो,” उन्होंने जोर देकर कहा।
यह निरीक्षण जिला प्रशासन की एक सुनियोजित रणनीति का हिस्सा है। DM Vinod Duhan ने पिछले सप्ताह ही सभी थानों और ब्लॉकों को ठंड से निपटने के लिए अलर्ट जारी किया था। अररिया, जो नेपाल सीमा से सटा हुआ है, यहां ठंड की लहरें पहाड़ों से आती हैं, जिससे ग्रामीणों का बुरा हाल है। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पिछले 10 दिनों में सदर अस्पताल में भर्ती मरीजों की संख्या 30 प्रतिशत बढ़ गई है। खासकर बुजुर्गों और बच्चों में ब्रोंकाइटिस और फ्लू के केस आम हो गए हैं। डीएम ने निरीक्षण के बाद एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा, “बढ़ती ठंड को देखते हुए अस्पतालों में आवश्यक तैयारी सुनिश्चित की जाए। मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करना हमारी जिम्मेदारी है।” सिविल सर्जन डॉ. सिंह ने आश्वासन दिया कि निर्देशों का पालन होगा और अगले सप्ताह एक फॉलो-अप निरीक्षण होगा।
अस्पताल प्रशासन के एक वरिष्ठ डॉक्टर ने नाम न छापने की शर्त पर बताया, “डीएम का यह दौरा समय पर था। हम पहले से ही दवाओं का स्टॉक बढ़ा चुके हैं, लेकिन ठंड के कारण स्टाफ की उपस्थिति प्रभावित हो रही है। अब हम रोटेशनल ड्यूटी लागू करेंगे।” एक अन्य मरीज, जो जोकीहाट से आए थे, ने कहा, “डीएम साहब ने खुद मेरी रिपोर्ट चेक की और दवा दिलवाई। इससे विश्वास बढ़ा है।” यह घटना स्थानीय लोगों में प्रशासन के प्रति सकारात्मक संदेश दे रही है। अररिया जिले में स्वास्थ्य सेवाएं लंबे समय से एक चुनौती रही हैं। 2024 में एक रिपोर्ट के अनुसार, सदर अस्पताल में डॉक्टरों की 20 प्रतिशत कमी थी, जिससे मरीजों को परेशानी होती थी। लेकिन डीएम दूहन के नेतृत्व में अब सुधार के संकेत दिख रहे हैं। उन्होंने सिविल सर्जन को निर्देश दिया कि जनवरी तक अतिरिक्त डॉक्टरों की भर्ती प्रक्रिया पूरी की जाए।
ठंड का यह मौसम न केवल स्वास्थ्य के लिए खतरा है, बल्कि आर्थिक रूप से भी प्रभावित कर रहा है। ग्रामीण मजदूर काम पर नहीं जा पा रहे, जिससे गरीबी बढ़ रही है। जिला प्रशासन ने आंगनबाड़ी केंद्रों पर गर्म भोजन वितरण और स्कूलों में छुट्टी का ऐलान किया है। डीएम ने कहा, “हमारा लक्ष्य जीरो मॉर्टेलिटी है। ठंड से जुड़ी मौतों को रोकने के लिए हर संभव कदम उठाएंगे।” स्थानीय एनजीओ ‘स्वास्थ्य जागृति मंच’ के संयोजक ने सराहना करते हुए कहा, “ऐसे निरीक्षण से सिस्टम में पारदर्शिता आती है। उम्मीद है कि अन्य अस्पतालों में भी यही होगा।”
यह औचक निरीक्षण अररिया के स्वास्थ्य तंत्र को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। ठंड की लहरें अभी जारी रहेंगी, लेकिन प्रशासन की सतर्कता से मरीजों को राहत मिलेगी। जिला निवासियों को सलाह दी जाती है कि घर पर गर्म कपड़े पहनें, धूम्रपान से बचें और लक्षण दिखने पर तुरंत अस्पताल पहुंचें। डीएम दूहन की यह पहल निश्चित रूप से अन्य जिलों के लिए उदाहरण बनेगी, जहां ठंड ने स्वास्थ्य सेवाओं को परखा जा रहा है।