21 दिसंबर 2025, Asia Cup: युवा क्रिकेट के मैदान पर एक बार फिर पाकिस्तान ने भारत को करारी शिकस्त दी। एशिया क्रिकेट काउंसिल (ACC) के तहत आयोजित अंडर-19 एशिया कप 2025 के फाइनल में पाकिस्तान ने टॉस हारने के बावजूद पहले बल्लेबाजी करते हुए 347/8 रन का पहाड़ जैसा स्कोर खड़ा किया। जवाब में भारत की युवा ब्रिगेड मात्र 26.2 ओवर में 156 रन पर सिमट गई, जिससे पाकिस्तान को 191 रनों की ऐतिहासिक जीत नसीब हुई। यह जीत न केवल टूर्नामेंट का खिताब दिलाई, बल्कि दोनों देशों के बीच क्रिकेट की जंग में पाकिस्तान को एक और बढ़त प्रदान की। मैच का स्टार रहा पाकिस्तान के ऑलराउंडर समीर मिन्हास, जिनकी 113 गेंदों पर 172 रनों की विस्फोटक पारी ने न केवल टीम को मजबूत आधार दिया, बल्कि उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच और प्लेयर ऑफ द सीरीज का सम्मान भी दिलाया।
मैच दुबई के आईसीसी एकेडमी ग्राउंड पर खेला गया, जहां मौसम साफ था और पिच बल्लेबाजी के लिए अनुकूल साबित हुई। भारत के कप्तान आयुष म्हात्रे ने टॉस जीतकर गेंदबाजी चुनी, जो बाद में एक बड़ी भूल साबित हुई। पाकिस्तान के कप्तान फरहान यूसुफ ने अपनी टीम को आक्रामक शुरुआत दिलाने का फैसला किया, और उनकी रणनीति बिल्कुल सही निकली। पहले विकेट के लिए हामजा जाहूर और समीर मिन्हास ने 31 रनों की साझेदारी की, लेकिन 3.3 ओवर में ही हेनिल पटेल की गेंद पर जाहूर 18 रन (14 गेंद, 1 चौका, 2 छक्के) बनाकर आउट हो गए। यहां से मिन्हास ने कमान संभाली।
समीर मिन्हास की पारी को शब्दों में बयां करना मुश्किल है। उन्होंने 113 गेंदों का सामना करते हुए 17 चौकों और 9 छक्कों की मदद से 172 रन ठोके, जो स्ट्राइक रेट 152.21 का रहा। उनका 50 रन 29 गेंदों में (7 चौके, 2 छक्के) आया, जबकि शतक 71 गेंदों में (12 चौके, 4 छक्के) पूरा किया। 150 रन तो 105 गेंदों में ही ठोक दिए थे। मिन्हास ने पहले उस्मान खान के साथ तीसरे विकेट के लिए 137 रनों की साझेदारी की, जिसमें उस्मान ने 35 रन (45 गेंद, 3 चौके, 1 छक्का) जोड़े। फिर अहमद हुसैन के साथ चौथे विकेट के लिए 137 रनों की और साझेदारी बुनी, जहां हुसैन ने शानदार 56 रन (72 गेंद, 3 चौके, 1 छक्का) बनाए। हुसैन का अर्धशतक 69 गेंदों में आया। मिन्हास की पारी का अंत 42.5 ओवर में दीपेश देवेंद्रन की गेंद पर कैच आउट के रूप में हुआ, लेकिन तब तक वे पाकिस्तान को 302/4 पर पहुंचा चुके थे।
पाकिस्तान की पारी के अंतिम चरण में कुछ झटके आए। फरहान यूसुफ 19 रन (18 गेंद, 2 चौके, 1 छक्का) बनाकर आउट हुए, जबकि हूजैफा अहसन बिना खाता खोले ही कनिष्क चौहान का शिकार बने। मोहम्मद शायन ने 7 रन (6 गेंद) जोड़े, लेकिन अब्दुल सुब्हान मात्र 2 रन पर लौटे। निचले क्रम में निका शफीक 12* (17 गेंद) और मोहम्मद सय्याम 13* (8 गेंद, 1 छक्का) ने नाबाद रहकर स्कोर को 347/8 तक पहुंचाया। एक्स्ट्रा में 13 रन (12 वाइड) भी जोड़े गए। कुल मिलाकर, पाकिस्तान ने 50 ओवर में 6.94 की रन रेट से स्कोर बनाया, जो चेज के लिहाज से चुनौतीपूर्ण था।
भारत की गेंदबाजी शुरुआत में ठीक रही, लेकिन मध्य overs में ढीली पड़ गई। खीलन पटेल ने दो विकेट (44 रन देकर) लिए, जबकि हेनिल पटेल और दीपेश देवेंद्रन को दो-दो विकेट मिले। देवेंद्रन ने हालांकि 83 रन लुटाए, जो महंगे साबित हुए। कनिष्क चौहान को एक विकेट मिला, लेकिन 72 रन खर्च हुए। आयुष म्हात्रे ने भी 5 ओवर में 35 रन दिए बिना विकेट लिया। कुल 8 विकेट गिरे, लेकिन पाकिस्तान को रोकना नामुमकिन साबित हुआ। पावरप्ले 1 में पाकिस्तान ने 79/1 बनाए, पावरप्ले 2 में 197/2, और अंतिम 10 ओवरों में 71/5।
अब बारी आई भारत की चेज की, जो एकतरफा साबित हुई। 348 रनों का लक्ष्य हासिल करने उतरी भारतीय टीम को शुरुआत में वैभव सूर्यवंशी ने आक्रामक रुख अपनाया। उन्होंने 10 गेंदों पर 26 रन (1 चौका, 3 छक्के) ठोके, स्ट्राइक रेट 260 का। लेकिन 4.1 ओवर में अली रजा की गेंद पर कैच आउट हो गए। कप्तान आयुष म्हात्रे मात्र 2 रन (7 गेंद) बनाकर 2.2 ओवर में फरहान यूसुफ का शिकार बने। आरोन जॉर्ज ने 16 रन (9 गेंद, 4 चौके) जोड़े, लेकिन 3.6 ओवर में मोहम्मद सय्याम की गेंद पर आउट। पहले पावरप्ले में ही 68/5 हो चुकी थी भारत, जो एक रिकॉर्ड टूटा।
मध्यक्रम में विहान मल्होत्रा 7 रन (13 गेंद), वेदांत त्रिवेदी 9 रन (14 गेंद), अभिग्यान कुंडू 13 रन (20 गेंद, 1 छक्का) और कनिष्क चौहान 9 रन (23 गेंद) जैसे योगदान आए, लेकिन कोई स्थिरता न दिखी। छठे विकेट के लिए कुंडू और चौहान ने 14 रनों की साझेदारी की, जबकि सातवें के लिए 12 रन। खीलन पटेल ने 19 रन (23 गेंद, 2 छक्के) बनाए, लेकिन 21.4 ओवर में हूजैफा अहसान का शिकार बने। हेनिल पटेल 6 रन (19 गेंद) पर 23.2 ओवर में आउट हुए। अंत में दीपेश देवेंद्रन ने कुछ हल्ला मचाया, 16 गेंदों पर 36 रन (6 चौके, 2 छक्के) ठोककर स्ट्राइक रेट 225 का, लेकिन 26.2 ओवर में अली रजा ने उन्हें 156 पर आउट कर भारत को ऑलआउट कर दिया। किशन सिंह 3* (6 गेंद) नाबाद रहे। एक्स्ट्रा में 10 रन (5 वाइड) जोड़े गए।
पाकिस्तान की गेंदबाजी ने कमाल किया। अली रजा ने 6.2 ओवर में 42 रन देकर 4 विकेट झटके, जो मैच का टर्निंग पॉइंट साबित हुए। अब्दुल सुब्हान ने 8 ओवर में 29 रन देकर 2 विकेट लिए, जबकि मोहम्मद सय्याम (5 ओवर, 38/2) और हूजैफा अहसान (2 ओवर, 12/2) ने भी शानदार प्रदर्शन किया। निका शफीक बिना विकेट के 32 रन लुटाए। फॉल ऑफ विकेट्स से साफ था कि भारत कभी दौड़ में नहीं था—पहले 5 विकेट 68/5 पर, फिर 94/7 पर सातवां। आखिरी विकेट के लिए सिंह और देवेंद्रन ने 36 रनों की साझेदारी की, लेकिन बहुत देर हो चुकी थी।
यह जीत पाकिस्तान के लिए खास है, क्योंकि U-19 एशिया कप में वे लगातार दूसरी बार फाइनल जीते हैं। समीर मिन्हास की सीरीज में 471 रन की फॉर्म ने उन्हें स्टार बनाया। भारत के लिए यह निराशाजनक अंत रहा, जहां युवा प्रतिभाओं को और मैच प्रैक्टिस की जरूरत दिखी। वैभव सूर्यवंशी और दीपेश देवेंद्रन जैसे खिलाड़ी भविष्य की उम्मीद हैं, लेकिन आज पाकिस्तान का दिन था। क्रिकेट प्रेमियों के लिए यह मैच यादगार रहेगा, जहां एक सेंचुरी ने इतिहास रचा।