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19 दिसंबर 2025, Sensex & NIFTY– भारतीय शेयर बाजार ने आज एक शानदार वापसी की है। चार दिनों की लगातार गिरावट के बाद बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 447.55 अंकों की तेजी के साथ 0.53 प्रतिशत ऊपर चढ़कर 84,929.36 पर बंद हुआ। इसी तरह, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी इंडेक्स 150.85 अंकों (0.58 प्रतिशत) की बढ़त के साथ 25,966.40 के स्तर पर समाप्त हुआ। यह उछाल मुख्य रूप से अमेरिकी महंगाई दर के नरम आंकड़ों से प्रेरित है, जिसने फेडरल रिजर्व (फेड) द्वारा ब्याज दरों में कटौती की उम्मीदों को मजबूत किया और वैश्विक बाजारों में सकारात्मक माहौल पैदा कर दिया।

इस रिपोर्ट में हम विस्तार से चर्चा करेंगे कि आज का बाजार प्रदर्शन क्या दर्शाता है, इसके पीछे की वजहें क्या हैं, प्रमुख क्षेत्रों और शेयरों का विश्लेषण, वैश्विक प्रभाव तथा भविष्य की संभावनाएं। निवेशकों के लिए यह एक महत्वपूर्ण संकेत है कि बाजार में अस्थिरता के बावजूद अवसर मौजूद हैं।

बाजार की गिरावट से उबरने की कहानी: चार दिनों का ड्रामा

पिछले चार ट्रेडिंग सेशन्स में भारतीय बाजार ने निराशाजनक प्रदर्शन किया था। सेंसेक्स लगभग 1,200 अंकों की गिरावट के साथ 84,500 के आसपास लुढ़क गया था, जबकि निफ्टी 25,800 के स्तर को छू चुका था। इस गिरावट के पीछे घरेलू कारकों जैसे विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की बिकवाली, कॉर्पोरेट आय के कमजोर अनुमान और वैश्विक व्यापार तनाव प्रमुख थे। लेकिन आज का सत्र एक नया अध्याय लिख गया। सुबह के घंटों में ही बाजार ने तेजी पकड़ी, और दोपहर तक सेंसेक्स 500 अंकों के ऊपर चढ़ चुका था। अंतिम घंटे में कुछ लाभ बुकिंग हुई, लेकिन समापन सकारात्मक रहा।

यह उछाल निवेशकों के बीच विश्वास की बहाली का संकेत है। बाजार विश्लेषकों का मानना है कि यह ‘रिबाउंड रैली’ वैश्विक संकेतों पर आधारित है, न कि घरेलू मजबूती पर। फिर भी, यह चार दिनों की हानि को काफी हद तक कवर कर गया। उदाहरण के लिए, यदि कोई निवेशक सोमवार से आज तक होल्ड कर रहा होता, तो उसकी हानि लगभग 1.4 प्रतिशत से घटकर 0.9 प्रतिशत रह जाती।

अमेरिकी महंगाई डेटा: वैश्विक बाजारों का ट्रिगर

आज के उछाल का मुख्य सूत्रधार अमेरिका से आए महंगाई दर (CPI) के आंकड़े हैं। नवंबर 2025 के लिए जारी CPI डेटा में कोर महंगाई दर 0.2 प्रतिशत रही, जो अपेक्षित 0.3 प्रतिशत से कम थी। कुल CPI भी 2.7 प्रतिशत पर स्थिर रहा, जो फेड के 2 प्रतिशत के लक्ष्य के करीब है। इस नरम डेटा ने निवेशकों को आश्वस्त किया कि फेड जनवरी 2026 में ब्याज दरों में 25-50 बीपीएस की कटौती कर सकता है।

वॉल स्ट्रीट ने इसकी सराहना की – डाउ जोन्स 1.2 प्रतिशत ऊपर, नैस्डैक 1.5 प्रतिशत चढ़ा। एशियाई बाजारों में निक्केई (टोक्यो) 0.8 प्रतिशत और हैंग सेंग (हॉन्गकॉन्ग) 0.6 प्रतिशत ऊपर रहे। यूरोपीय सूचकांक जैसे FTSE 100 और DAX भी 0.4-0.5 प्रतिशत की बढ़त के साथ खुले। भारतीय बाजार ने इस वैश्विक सकारात्मकता को पूरी तरह अपना लिया। विशेषज्ञों का कहना है कि फेड की नीतियां अब उभरते बाजारों के लिए ‘टेलविंड’ का काम कर रही हैं, क्योंकि कम ब्याज दरें विदेशी पूंजी को भारत जैसे बाजारों की ओर मोड़ देंगी।

हालांकि, यह उम्मीदें जोखिमपूर्ण भी हैं। यदि फेड अपनी नीति में बदलाव करता है, तो बाजार फिर से अस्थिर हो सकता है। फिर भी, आज का प्रदर्शन दर्शाता है कि वैश्विक कनेक्टिविटी कितनी मजबूत हो चुकी है।

क्षेत्रीय प्रदर्शन: कहां चमका, कहां लुढ़का?

आज के सत्र में अधिकांश क्षेत्रों ने हरी झंडी दिखाई। आईटी सेक्टर ने सबसे ज्यादा चमक दिखाई, जो वैश्विक टेक रैली से प्रेरित था। निफ्टी आईटी इंडेक्स 1.2 प्रतिशत ऊपर रहा, जिसमें TCS, इंफोसिस और विप्रो जैसे दिग्गज 2-3 प्रतिशत चढ़े। अमेरिकी टेक स्टॉक्स जैसे नाइके और एप्पल की तेजी ने भारतीय आईटी कंपनियों को बूस्ट दिया, क्योंकि इनकी कमाई अमेरिकी बाजारों पर निर्भर है।

बैंकिंग और फाइनेंशियल सर्विसेज सेक्टर ने भी मजबूत प्रदर्शन किया, निफ्टी बैंक 0.7 प्रतिशत ऊपर। HDFC बैंक, ICICI बैंक और SBI जैसे बैंकिंग शेयरों में 1-1.5 प्रतिशत की बढ़त देखी गई। यह तेजी फेड रेट कट की उम्मीदों से जुड़ी है, जो उधार दरों को कम करेगी और ऋण वितरण को बढ़ावा देगी।

ऑटो सेक्टर में मिश्रित रुझान रहा। टाटा मोटर्स और मारुति सुजुकी 1.5 प्रतिशत ऊपर रहे, लेकिन महिंद्रा एंड महिंद्रा थोड़ा नीचे बंद हुआ। EV (इलेक्ट्रिक व्हीकल) थीम पर आधारित शेयरों जैसे ओला इलेक्ट्रिक ने 10 प्रतिशत की जबरदस्त छलांग लगाई, जो सरकारी सब्सिडी की खबरों से प्रेरित थी।

कंज्यूमर गुड्स और फार्मा सेक्टर में मामूली बढ़त रही। रिलायंस इंडस्ट्रीज (RIL) ने 0.8 प्रतिशत की तेजी दिखाई, जो इसके रिटेल और एनर्जी बिजनेस की मजबूती को दर्शाता है। हालांकि, मेटल और रियल्टी सेक्टर थोड़े कमजोर रहे, क्योंकि वैश्विक कमोडिटी कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी है। कुल मिलाकर, बाजार ब्रेड्थ सकारात्मक रही – लगभग 2,200 शेयर ऊपर, जबकि 1,100 नीचे।

प्रमुख शेयरों का विश्लेषण: विजेता और हारने वाले

आज के टॉप गेनर्स में BEL (भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड) 4 प्रतिशत ऊपर रहा, जो डिफेंस सेक्टर की मजबूती को दिखाता है। सरकारी डिफेंस बजट 2026 के लिए 6 लाख करोड़ के पार होने की अटकलों ने इसे बूस्ट दिया। इसी तरह, ग्रो (Growth Stocks) कैटेगरी में ओला इलेक्ट्रिक ने 10 प्रतिशत की रैली लगाई, जबकि टाटा मोटर्स PV (पैसेंजर व्हीकल) यूनिट ने 2.5 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की।

लूजर्स की बात करें तो कुछ मिडकैप स्टॉक्स जैसे अशोक लेलैंड 1.5 प्रतिशत नीचे रहे, जो ऑटो सेक्टर की चक्रीय प्रकृति को दर्शाता है। RIL ने हालांकि स्थिरता दिखाई, लेकिन इसके सहयोगी Jio प्लेटफॉर्म्स पर 5G निवेश की चिंताओं ने हल्की दबाव डाला। कुल मिलाकर, ब्लूचिप शेयरों ने बाजार को लीड किया, जो लंबे समय के निवेशकों के लिए सकारात्मक है।

वैश्विक और घरेलू कारक: एक संतुलित दृष्टिकोण

वैश्विक स्तर पर, यूक्रेन-रूस संघर्ष के निपटारे की प्रगति और मध्य पूर्व में तेल कीमतों के स्थिर रहने ने जोखिम भरी संपत्तियों को समर्थन दिया। तेल की कीमतें 75 डॉलर प्रति बैरल पर अटकीं, जो भारतीय आयात बिल को नियंत्रित रखेगी। घरेलू मोर्चे पर, RBI की मौद्रिक नीति समिति (MPC) की अगली बैठक से पहले बाजार सतर्क है, लेकिन आज का डेटा सकारात्मक मूड बनाए रखेगा।

FIIs ने आज नेट 1,200 करोड़ रुपये की खरीदारी की, जबकि DIIs (घरेलू संस्थागत निवेशक) ने 800 करोड़ का समर्थन दिया। यह प्रवाह बाजार की गहराई को मजबूत कर रहा है। हालांकि, कॉर्पोरेट आय सीजन (Q3 FY26) की शुरुआत में कंपनियों के मार्जिन पर दबाव की आशंका बनी हुई है।

भविष्य की संभावनाएं: सावधानी और अवसर

विश्लेषकों के अनुसार, सेंसेक्स अगले सप्ताह 85,500 के स्तर को टेस्ट कर सकता है, यदि फेड की मीटिंग मिनट्स सकारात्मक रहें। लेकिन, यदि अमेरिकी जॉब डेटा मजबूत आता है, तो रेट कट की उम्मीदें कम हो सकती हैं। लंबे समय में, भारत की GDP ग्रोथ 7 प्रतिशत के आसपास रहने की उम्मीद है, जो बाजार को समर्थन देगी।

निवेशकों को सलाह है कि डाइवर्सिफिकेशन पर फोकस करें – आईटी, बैंकिंग और EV जैसे सेक्टरों में अवसर हैं। रिटेल निवेशकों के लिए SIP (सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान) एक सुरक्षित रणनीति बनी रहेगी। बाजार की अस्थिरता को देखते हुए, स्टॉप-लॉस ऑर्डर का उपयोग अनिवार्य है।

निष्कर्ष: आशावादी लेकिन सतर्क रहें

आज का बाजार प्रदर्शन भारतीय अर्थव्यवस्था की लचीलापन को रेखांकित करता है। अमेरिकी महंगाई डेटा ने न केवल वैश्विक बाजारों को उभारा, बल्कि भारतीय सूचकांकों को नई ऊंचाइयों की ओर धकेला। सेंसेक्स का 84,929.36 पर बंद होना एक माइलस्टोन है, जो 2025 के लिए सकारात्मक ट्रेंड सेट करता है। लेकिन, जियोपॉलिटिकल जोखिम और कॉर्पोरेट आय जैसे कारकों को नजरअंदाज न करें।

By SHAHID

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