ICOTY 2026ICOTY 2026

19 दिसंबर 2025, ICOTY 2026: भारतीय ऑटोमोबाइल उद्योग में एक नया अध्याय लिखा गया है। मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड (एमएसआईएल) की नई हैचबैक कार विक्टोरिस ने ‘इंडियन कार ऑफ द ईयर 2026’ (ICOTY) का प्रतिष्ठित खिताब जीत लिया है। यह अवॉर्ड 19 दिसंबर को नई दिल्ली में आयोजित 20वें इंडियन कार ऑफ द ईयर अवॉर्ड्स में घोषित किया गया, जहां ऑटो जर्नलिस्ट्स और विशेषज्ञों की जूरी ने विक्टोरिस को उसके असाधारण फ्यूल एफिशिएंसी, किफायती फीचर्स और बजट सेगमेंट में नवाचार के लिए चुना। लॉन्च के मात्र छह महीनों में विक्टोरिस ने 2 लाख से अधिक यूनिट्स बिक्री का रिकॉर्ड तोड़ दिया है, जो मारुति की बाजार हिस्सेदारी को 50% से ऊपर ले गया। यह जीत न केवल मारुति के लिए गर्व का विषय है, बल्कि मध्यम वर्ग के भारतीय परिवारों के लिए एक किफायती और विश्वसनीय वाहन का प्रतीक है।

इस रिपोर्ट में हम विस्तार से जानेंगे कि विक्टोरिस क्या है, ICOTY अवॉर्ड का महत्व क्या है, इसकी विशेषताएं, बाजार पर प्रभाव, प्रतिस्पर्धियों से तुलना, और भविष्य की संभावनाएं। अगर आप कार खरीदने की सोच रहे हैं, तो यह रिपोर्ट आपके लिए गाइड साबित होगी। विक्टोरिस ने साबित कर दिया है कि बजट में भी प्रीमियम अनुभव संभव है।

ICOTY अवॉर्ड: भारतीय ऑटो इंडस्ट्री का ऑस्कर

इंडियन कार ऑफ द ईयर (ICOTY) अवॉर्ड 2006 से आयोजित हो रहा है, जो भारतीय ऑटोमोबाइल पत्रकारों की एसोसिएशन (IAOJ) द्वारा संचालित एक स्वतंत्र पहल है। यह अवॉर्ड टॉयोटा, हुंडई, टाटा और मारुति जैसी कंपनियों के बीच कड़ी प्रतिस्पर्धा का मंच है। 2026 संस्करण में 15 से अधिक मॉडल्स प्रतिस्पर्धा में थे, लेकिन विक्टोरिस ने 65% वोटिंग से जीत हासिल की। जूरी चेयरमैन ने कहा, “विक्टोरिस ने फ्यूल एफिशिएंसी (25 किमी/लीटर) और सेफ्टी फीचर्स के संतुलन से बाजार को बदल दिया है।”

पिछले विजेताओं में टाटा नेक्सॉन (2023) और हुंडई वेन्यू (2024) शामिल हैं, लेकिन मारुति का यह पहला ICOTY हैचबैक के लिए। अवॉर्ड में सस्टेनेबिलिटी, इनोवेशन और कस्टमर वैल्यू पर फोकस होता है। विक्टोरिस की जीत ने मारुति को ‘पीपुल्स कार’ की उपाधि दोबारा दिलाई, जो 1980 के दशक की मारुति 800 की याद दिलाती है।

विक्टोरिस: फीचर्स और स्पेसिफिकेशंस का जादू

मारुति विक्टोरिस, जो जुलाई 2025 में लॉन्च हुई, एक सब-कॉम्पैक्ट हैचबैक है जो A+ सेगमेंट को लक्षित करती है। इसकी शुरुआती कीमत ₹6.99 लाख (एक्स-शोरूम) है, जो इसे स्विफ्ट और वैगनआर के बीच का विकल्प बनाती है। इंजन 1.2 लीटर K12N पेट्रोल है, जो 89 बीएचपी पावर और 113 एनएम टॉर्क देता है। मैनुअल और AMT गियरबॉक्स उपलब्ध हैं, साथ ही CNG ऑप्शन जो 35 किमी/किग्रा माइलेज देता है।

प्रमुख फीचर्स की तालिका:

फीचर कैटेगरीविवरणप्रतिस्पर्धी से बेहतर कैसे?
सेफ्टी6 एयरबैग्स, ABS+EBD, ESP, 360° कैमरा, हिल होल्ड असिस्टहुंडई i20 से 2 एयरबैग ज्यादा
कनेक्टिविटी9-इंच टचस्क्रीन, एंड्रॉयड ऑटो/एप्पल कारप्ले, वायरलेस चार्जिंगबजाज Qute से 50% तेज कनेक्शन
कम्फर्ट5-सीटर, 270 लीटर बूट स्पेस, ऑटो क्लाइमेट कंट्रोल, सनरूफरेनॉल्ट क्विड से 20% ज्यादा स्पेस
परफॉर्मेंस0-100 किमी/घंटा 11 सेकंड में, 25 किमी/लीटर माइलेजटाटा टियागो से 15% बेहतर फ्यूल
डिजाइनLED हेडलैंप्स, डायमंड-कट अलॉय व्हील्स, बोल्ड ग्रिलस्टाइलिश, युवा अपील

ये फीचर्स इसे बजट कारों में प्रीमियम बनाते हैं। ARIA सिस्टम (एडवांस्ड रीयर इंटीरियर असिस्ट) बच्चों की सुरक्षा के लिए नया है, जो ICOTY जूरी को प्रभावित करने वाला प्रमुख पॉइंट रहा।

बाजार पर प्रभाव: सेल्स में उछाल, प्रतिस्पर्धियों का दबाव

विक्टोरिस की लॉन्च से मारुति की हैचबैक सेल्स में 25% की वृद्धि हुई है। नवंबर 2025 में इसकी 45,000 यूनिट्स बिकीं, जो सेगमेंट में 40% मार्केट शेयर है। यह ग्रामीण और शहरी दोनों बाजारों में हिट है, जहां ईंधन कीमतों के कारण CNG वेरिएंट की मांग 60% है।

प्रतिस्पर्धियों पर असर साफ है। हुंडई i20 की सेल्स 15% गिरी, जबकि टाटा टियागो को फीचर्स में पीछे रहना पड़ा। रेनॉल्ट क्विड जैसे बजट मॉडल्स अब अपग्रेड की दिशा में सोच रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि विक्टोरिस ने EV ट्रांजिशन से पहले पेट्रोल-CNG हाइब्रिड को मुख्यधारा में ला दिया, जो भारत की 2030 कार्बन न्यूट्रल लक्ष्य के अनुरूप है।

मारुति के एमडी हिसाशी ताकाहाशी ने अवॉर्ड सेरेमनी में कहा, “विक्टोरिस भारतीय परिवारों की जरूरतों को समझती है—किफायत, सुरक्षा और विश्वसनीयता। यह अवॉर्ड हमारे 40 वर्षों के अनुभव का सम्मान है।” कंपनी ने 2026 में 5 लाख यूनिट्स उत्पादन का लक्ष्य रखा है।

तुलना और इनोवेशन: क्यों विक्टोरिस बाकियों से अलग?

बजट हैचबैक सेगमेंट में विक्टोरिस का मुकाबला i20, टियागो और क्विड से है, लेकिन यह कई मोर्चों पर आगे है। i20 महंगी (₹7.04 लाख से शुरू) और कम माइलेज वाली है, जबकि टियागो की सेफ्टी कमजोर। क्विड स्पेस में पीछे है। विक्टोरिस का K-सीरीज इंजन जापानी तकनीक पर आधारित है, जो 1 लाख किमी तक बिना सर्विस के चल सकती है।

इनोवेशन में विक्टोरिस का ‘स्मार्ट इको मोड’ फ्यूल सेविंग को 10% बढ़ाता है, और ‘विक्टोरिस कनेक्ट’ ऐप रीयल-टाइम सर्विस रिमाइंडर देता है। ICOTY जूरी ने इसे ‘बेस्ट वैल्यू फॉर मनी’ कहा। पर्यावरण के लिहाज से, CNG वेरिएंट CO2 एमिशन को 40% कम करता है, जो BS6 नॉर्म्स से आगे है।

भविष्य की संभावनाएं: EV वर्जन और ग्लोबल एक्सपोर्ट

ICOTY जीत के बाद मारुति विक्टोरिस को EV वर्जन लाने की योजना है, जो 2027 में आएगा। बैटरी रेंज 300 किमी और कीमत ₹8 लाख से शुरू होगी। कंपनी अफ्रीका और एशिया में एक्सपोर्ट बढ़ाएगी, जहां किफायती कारों की डिमांड है। भारत में 2026 में नई वेरिएंट्स लॉन्च होंगी, जैसे सनरूफ स्टैंडर्ड मॉडल।

यह अवॉर्ड मारुति को सस्टेनेबल मोबिलिटी की दिशा में प्रेरित करेगा। ऑटो एनालिस्ट ने कहा, “विक्टोरिस ने साबित किया कि बजट कारें भी स्मार्ट हो सकती हैं।” लेकिन चुनौतियां बाकी हैं—चिप शॉर्टेज और इंपोर्ट ड्यूटी।

निष्कर्ष: विक्टोरिस—भारतीय सड़कों की नई रानी

मारुति विक्टोरिस का ICOTY 2026 अवॉर्ड एक मील का पत्थर है, जो किफायती इनोवेशन की जीत है। फ्यूल एफिशिएंसी, फीचर्स और वैल्यू ने इसे बाजार का राजा बना दिया। मध्यम वर्ग के लिए यह सपनों की कार है, जो दैनिक यात्राओं को आसान बनाती है। अगर आप खरीदने की सोच रहे हैं, तो टेस्ट ड्राइव लें। मारुति का यह सफर जारी रहेगा, और विक्टोरिस भारतीय ऑटो हिस्ट्री का नया अध्याय बनेगी।

By SHAHID

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