15 दिसंबर 2025, Ukraine claims: को यूक्रेन ने एक ऐतिहासिक दावा किया, जो आधुनिक नौसेना युद्ध को नया मोड़ दे सकता है। यूक्रेन की सुरक्षा सेवा (एसबीयू) ने घोषणा की कि उन्होंने काला सागर के नोवोरोसिस्क नौसेना अड्डे पर रूसी इम्प्रूव्ड किलो-क्लास (प्रोजेक्ट 636.3 वर्शाव्यानका) पनडुब्बी पर पहली बार पानी के नीचे ड्रोन से हमला किया। यह ‘सब सी बेबी’ नामक अंडरवाटर ड्रोन का उपयोग करके किया गया हमला था, जो युद्ध में मानवरहित जलयान (यूयूवी) की पहली सफल एंटी-शिप कार्रवाई माना जा रहा है। वीडियो फुटेज, जो कथित तौर पर हैक की गई रूसी सुरक्षा कैमरों से लिया गया, हमले के दौरान विस्फोट दिखाता है।
यह घटना यूक्रेन-रूस युद्ध के काला सागर थिएटर में एक महत्वपूर्ण मोड़ है, जहां यूक्रेन ने पारंपरिक नौसेना की कमी को ड्रोन तकनीक से पूरा किया है। रूस ने हमले को असफल बताते हुए इनकार किया, लेकिन सैटेलाइट इमेजरी से क्षति के संकेत मिले हैं। यह रिपोर्ट हमले के विवरण, तकनीकी पहलुओं, प्रभावों और वैश्विक निहितार्थों पर विस्तार से चर्चा करेगी। आपकी वेबसाइट के पाठकों के लिए यह रिपोर्ट सैन्य रणनीति और तकनीकी नवाचारों की गहन समझ प्रदान करेगी। स्रोतों में डिफेंस न्यूज, सीएनएन, बीबीसी वेरिफाई और एक्स (पूर्व ट्विटर) पोस्ट शामिल हैं।
हमले का विवरण
हमला 15 दिसंबर 2025 को नोवोरोसिस्क बंदरगाह पर हुआ, जो रूस का काला सागर में प्रमुख नौसेना अड्डा है। एसबीयू के अनुसार, यह संयुक्त अभियान था जिसमें एसबीयू की 13वीं मुख्य निदेशालय (मिलिट्री काउंटरइंटेलिजेंस) और यूक्रेनी नौसेना शामिल थी। ‘सब सी बेबी’ ड्रोन ने बंदरगाह के संरक्षित क्षेत्र में प्रवेश किया और पनडुब्बी के स्टर्न (पिछले हिस्से) के पास विस्फोट किया। वीडियो में दिखाया गया है कि ड्रोन ने संकुचित जगहों में कई मोड़ लिए, जो इसकी स्वायत्त नेविगेशन क्षमता को दर्शाता है।
एसबीयू ने कहा, “इतिहास में पहली बार, पानी के नीचे ड्रोन ‘सब सी बेबी’ ने रूसी 636.3 क्लास पनडुब्बी को उड़ा दिया – विस्फोट से गंभीर क्षति हुई और यह निष्क्रिय हो गई।” यह पनडुब्बी पहले से ही सेवस्तोपोल खाड़ी से विस्थापित हो चुकी थी, जहां यूक्रेन के सरफेस ड्रोन ‘सी बेबी’ ने रूसी जहाजों को खदेड़ा था। हमले के लिए रूसी बंदरगाह के कैमरों को हैक किया गया, जिससे यूक्रेन को वास्तविक समय की निगरानी मिली। एक्स पर एक पोस्ट में बिजनेस यूक्रेन मैगजीन ने लिखा, “यूक्रेन ने रूसी पोर्ट कैमरों को हैक करके हमले की अच्छी फुटेज हासिल की!”
सीएनएन की रिपोर्ट के अनुसार, बंदरगाह के प्रवेश द्वार पर तीन बड़े बार्जेस लगे थे, जिससे सतह पर हमला कठिन था। इसलिए, पानी के नीचे का रास्ता चुना गया। यह अभियान हथियार विकास, योजना और सूचना लीक रोकने के लिए गोपनीय था। यूक्रेनी नौसेना के प्रवक्ता Dmytro Pletenchuk ने इसे युद्ध में दूसरी नष्ट रूसी पनडुब्बी बताया, पिछले साल रोस्तोव-ऑन-डॉन के बाद।
तकनीकी पहलू: सब सी बेबी ड्रोन
‘सब सी बेबी’ यूक्रेन का एक गोपनीय यूयूवी है, जो एसबीयू के लिए विशेष रूप से विकसित किया गया। यह एक स्वायत्त टॉरपीडो की तरह काम करता है, जो वेइपॉइंट्स पर निर्देशित होकर अंतिम चरण में स्वतंत्र रूप से नेविगेट करता है। डिफेंस न्यूज के अनुसार, इसकी क्षमताओं के बारे में बहुत कम जानकारी सार्वजनिक है; निर्माता ने खुद को प्रकट नहीं किया। एक अनाम उद्योग स्रोत ने कहा कि यह गैर-सार्वजनिक प्रोजेक्ट है, जिसमें सीमित पहुंच है। हमले में एक से अधिक ड्रोन का उपयोग हुआ।
यह ड्रोन सरफेस ‘सी बेबी’ का जलवायु संस्करण प्रतीत होता है, जो पहले रूसी जहाजों पर सफल रहा। तकनीकी रूप से, यह संकुचित बंदरगाहों में नेविगेट करने में सक्षम है, जो एआई-आधारित ऑब्स्टेकल अवॉइडेंस और सेंसर पर निर्भर करता है। विस्फोट स्टर्न क्षेत्र में हुआ, जहां प्रोपेलर और रडर जैसे महत्वपूर्ण हिस्से हैं। बीबीसी वेरिफाई के विशेषज्ञों ने कहा कि फुटेज वास्तविक लगता है, और सैटेलाइट इमेज से पुष्टि होती है।
क्षति मूल्यांकन और सत्यापन
यूक्रेन का दावा है कि पनडुब्बी को गंभीर क्षति हुई, जिससे यह युद्ध-अयोग्य हो गई। किलो-क्लास पनडुब्बी, जिसे ‘ब्लैक होल’ कहा जाता है, सनर-एवेडिंग हल वाली डीजल-इलेक्ट्रिक पनडुब्बी है जो कलिब्र क्रूज मिसाइलें लॉन्च करती है। इसकी कीमत 400-500 मिलियन डॉलर है। सैटेलाइट इमेजरी (प्लैनेट लैब्स और वैंटर) से पियर के कोने पर क्षति दिखाई देती है, जहां ड्रोन 20-25 मीटर दूर फटा। पनडुब्बी स्टर्न पर ‘भारी बैठी’ हुई दिख रही है।
बीबीसी वेरिफाई के अनुसार, मायर और जेन्स के विशेषज्ञों ने प्रोपेलर, हाइड्रोप्लेन्स और रडर को नष्ट होने का अनुमान लगाया। जेन्स ने कहा, “नाव स्टर्न पर भारी बैठी है।” रूस ने कहा कि हमला विफल रहा और कोई क्षति नहीं हुई। रूसी टीवी ने स्टर्न न दिखाते हुए वीडियो प्रसारित किया। सीएनएन ने स्वतंत्र सत्यापन न कर पाने की बात कही, लेकिन इमेजरी से पुष्टि होती है कि पनडुब्बी हिली नहीं, जबकि अन्य स्थानांतरित हो गईं। एक्स पर पोस्ट्स में उत्साह दिखा, जैसे “यूक्रेन ने इतिहास रच दिया!”
पृष्ठभूमि: यूक्रेन-रूस युद्ध में काला सागर
यह हमला यूक्रेन की ‘ड्रोन युद्ध’ रणनीति का हिस्सा है, जो 2022 के मॉस्कवा क्रूजर डूबने से शुरू हुआ। रूस ने अपनी नौसेना सेवस्तोपोल से नोवोरोसिस्क स्थानांतरित की, लेकिन यूक्रेन के ड्रोन ने वहां भी पहुंच बनाई। रोस्तोव-ऑन-डॉन की क्षति के बाद यह दूसरी पनडुब्बी है। काला सागर में रूस की मिसाइल क्षमता कम हुई है, जिससे यूक्रेन को अनाज निर्यात में राहत मिली।
हाल ही में बर्लिन में यूएस-यूक्रेन वार्ताओं में शांति गारंटी पर चर्चा हुई, जहां जेलेंस्की ने निगरानी की मांग की। जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज ने यूएस ऑफर पर आशावाद जताया। यह हमला युद्ध के बीच डिप्लोमेसी को प्रभावित कर सकता है।
प्रतिक्रियाएं और अंतरराष्ट्रीय प्रभाव
यूक्रेन ने इसे ‘ऐतिहासिक’ बताया, जबकि रूस के ब्लैक सी फ्लीट प्रेस सर्विस हेड एलेक्सी रुलेव ने कहा, “दुश्मन का यूयूवी हमला विफल रहा।” एक्स पर ड्रोनलैंडिंग ने लिखा, “नौसेना युद्ध में प्रमुख विकास!” नाटो और यूएस ने चुप्पी साधी, लेकिन विशेषज्ञ इसे यूयूवी युग की शुरुआत मान रहे हैं।
रणनीतिक निहितार्थ
यह हमला यूक्रेन की असममित युद्ध क्षमता दिखाता है, जो रूसी नौसेना को बंदरगाहों में कैद कर रहा है। भविष्य में, यूयूवी पनडुब्बी शिकार में क्रांति ला सकते हैं। रूस को नई रक्षा प्रणालियों की जरूरत पड़ेगी।
निष्कर्ष
यह हमला युद्ध की तकनीकी दौड़ को तेज करता है। यूक्रेन की नवाचार क्षमता प्रेरणादायक है, लेकिन शांति वार्ताओं के बीच तनाव बढ़ा सकता है। आपकी वेबसाइट पर यह रिपोर्ट पाठकों को वैश्विक सुरक्षा की झलक देगी।