16 दिसंबर 2025, IPL 2026 Auction: भारतीय प्रीमियर लीग (आईपीएल) की दुनिया में हमेशा कुछ न कुछ सरप्राइज छिपे होते हैं। 2026 सीजन की नीलामी, जो जेद्दाह, सऊदी अरब में आयोजित हो रही है, ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि क्रिकेट में कभी-कभी राजनीति और खेल का अनोखा मेल देखने को मिलता है। कल, नीलामी के पहले दिन का एक ऐसा ही पल था जब कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) ने बिहार के पूर्णिया से निर्दलीय सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव के बेटे सार्थक रंजन को उनके बेस प्राइस 30 लाख रुपये में खरीद लिया। यह खरीद न केवल सार्थक के लिए एक सपने जैसी शुरुआत है, बल्कि बिहार के युवा क्रिकेटरों के लिए प्रेरणा का स्रोत भी बन गई है। इस रिपोर्ट में हम इस ऐतिहासिक पल की गहराई में उतरेंगे, सार्थक के सफर को जानेंगे, KKR की रणनीति पर नजर डालेंगे और इसकी व्यापक प्रभावों का विश्लेषण करेंगे।
नीलामी का भव्य आगाज: KKR की आक्रामक बोली
आईपीएल 2026 नीलामी की शुरुआत ही धमाकेदार रही। 10 टीमों के पास कुल 150 करोड़ रुपये का पर्स था, और पहले ही दिन बड़े-बड़े सितारों पर खर्च हो गया। ऑस्ट्रेलियाई ऑलराउंडर कैमरन ग्रीन पर मुंबई इंडियंस ने 18 करोड़ रुपये की बोली लगाई, जबकि श्रीलंकाई तेज गेंदबाज मथीशा पथिराना को KKR ने 12 करोड़ में अपने पाले में लिया। लेकिन इन सबके बीच एक शांत लेकिन महत्वपूर्ण बोली ने सबका ध्यान खींचा – सार्थक रंजन की। नीलामी कमेंटेटरों ने जब सार्थक का नाम पुकारा, तो हॉल में सन्नाटा छा गया। अनकैप्ड खिलाड़ियों की श्रेणी में उनका बेस प्राइस मात्र 30 लाख था, और KKR ने बिना किसी हिचकिचाहट के इसे स्वीकार कर लिया। यह बोली इतनी तेज थी कि अन्य टीमों को सोचने का मौका ही नहीं मिला। KKR के मेंटॉर गौतम गंभीर ने बाद में कहा, “हमें युवा प्रतिभाओं पर दांव लगाना पसंद है, और सार्थक जैसा ओपनिंग बल्लेबाज हमारी बल्लेबाजी को नई ताजगी देगा।”
नीलामी का यह दिन KKR के लिए स्वर्णिम रहा। टीम ने कुल 12 खिलाड़ियों को साइन किया, जिनमें दो विदेशी खिलाड़ी शामिल हैं। उनका कुल खर्च 64.30 करोड़ रुपये रहा, जिससे पर्स में अभी 22 करोड़ बाकी हैं। अन्य प्रमुख खरीदों में भारतीय अनकैप्ड गेंदबाज परथ रेखाड़े को भी 30 लाख में लिया गया, जो सार्थक के साथ ही टीम की युवा कोर का हिस्सा बनेंगे। KKR की यह रणनीति साफ है – अनुभवी सितारों के साथ-साथ घरेलू प्रतिभाओं को मौका देकर एक संतुलित स्क्वाड बनाना। शाहरुख खान की फ्रेंचाइजी, जो तीन बार आईपीएल चैंपियन रह चुकी है, हमेशा से ही ऐसी खरीदों के लिए जानी जाती है जो लंबे समय तक फल-फूलें।
सार्थक रंजन: राजनीतिक खानदान से क्रिकेट के मैदान तक
सार्थक रंजन का नाम सुनते ही जेहन में पप्पू यादव की छवि उभरती है – बिहार की राजनीति के एक ऐसे योद्धा जो सामाजिक न्याय और बिहारी अस्मिता की आवाज बने हुए हैं। लेकिन सार्थक ने अपने पिता की छाया से बाहर निकलकर क्रिकेट को अपना रंगमंच चुना। 29 वर्षीय यह युवा ओपनिंग बल्लेबाज दिल्ली के लिए रणजी ट्रॉफी खेलता है, जहां उसने अपनी आक्रामक बल्लेबाजी से कोचों का दिल जीता है। सार्थक का जन्म पूर्णिया में हुआ, लेकिन क्रिकेट की ट्रेनिंग के लिए वह दिल्ली चले गए। रणजी में उनका औसत 45 से ऊपर है, और हाल ही में बिहार प्रीमियर लीग में उन्होंने 300 रन से अधिक की पारी खेली, जिसमें तीन अर्धशतक शामिल थे।
सार्थक का सफर आसान नहीं था। पिता पप्पू यादव की राजनीतिक व्यस्तताओं के बीच, सार्थक ने अंडर-19 स्तर से संघर्ष किया। बिहार क्रिकेट एसोसिएशन (BCA) के साथ मतभेदों के कारण उन्हें दिल्ली का रास्ता अपनाना पड़ा। फिर भी, उन्होंने कभी हार नहीं मानी। “क्रिकेट मेरे लिए जुनून है, राजनीति नहीं,” सार्थक ने एक इंटरव्यू में कहा था। उनकी बल्लेबाजी शैली विराट कोहली से प्रेरित है – सॉलिड डिफेंस के साथ आक्रामक शॉट्स। आईपीएल नीलामी सूची में शामिल होने से पहले, सार्थक को बिहार के पांच खिलाड़ियों में से एक माना जा रहा था, जिनमें शकीब, इजहार आदि शामिल थे। उनकी बेस प्राइस 30 लाख तय की गई थी, जो अनकैप्ड खिलाड़ियों के लिए स्टैंडर्ड है।
पप्पू यादव की प्रतिक्रिया दिल छू लेने वाली रही। इंस्टाग्राम पर पोस्ट करते हुए उन्होंने लिखा, “मेरे बेटे सार्थक को बहुत-बहुत बधाई। यह बिहार के युवाओं की जीत है।” पप्पू यादव, जो पूर्णिया से सांसद हैं, ने हमेशा बिहारी क्रिकेटरों को प्रोत्साहित किया है। उनके समर्थन से बिहार में कई क्रिकेट एकेडमी खुली हैं, और सार्थक का चयन इसी का फल है। यह खरीद न केवल पारिवारिक गौरव की बात है, बल्कि बिहार क्रिकेट के पुनरुत्थान का संकेत भी।
KKR की युवा रणनीति: सार्थक क्यों बने चॉइस?
KKR ने इस नीलामी में कुल 150 करोड़ के पर्स का 40% से अधिक खर्च कर लिया, लेकिन उनकी नजरें हमेशा लंबी दौड़ पर रहती हैं। सार्थक की खरीद कोच चंद्रकांत पंडित की सिफारिश पर हुई, जो दिल्ली रणजी को देखते हैं। सार्थक की फिटनेस और फील्डिंग स्किल्स ने उन्हें अलग बनाया। KKR की मौजूदा स्क्वाड में श्रेयस अय्यर कप्तान हैं, लेकिन ओपनिंग में रिंकू सिंह और नितीश राणा जैसे खिलाड़ी हैं। सार्थक एक बैकअप के रूप में परफेक्ट फिट लगते हैं।
IPL 2026 Auction के आंकड़ों पर नजर डालें तो अनकैप्ड खिलाड़ियों पर कुल 15% खर्च हुआ, और KKR ने इसमें अग्रणी भूमिका निभाई। अन्य टीमों ने भी बिहारी प्रतिभाओं पर नजर रखी – सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) ने क्रेन फुलेट्रा और प्रफुल हिंगे को 30 लाख प्रत्येक में लिया। लेकिन KKR की यह चुपचाप की गई बोली ने सोशल मीडिया पर तहलका मचा दिया। #SarthakRanjan और #PappuYadavSon ट्रेंड करने लगे, जहां फैंस बिहार की क्रिकेट क्रांति की बात कर रहे हैं।
बिहार क्रिकेट का नया अध्याय: व्यापक प्रभाव
यह खरीद बिहार के लिए मील का पत्थर है। लंबे समय से बिहार क्रिकेट संघर्ष कर रहा था – इंफ्रास्ट्रक्चर की कमी, राजनीतिक हस्तक्षेप। लेकिन पप्पू यादव जैसे नेताओं के प्रयासों से अब बदलाव आ रहा है। सार्थक के चयन से अन्य युवा प्रेरित होंगे। बिहार प्रीमियर लीग (BPL) में भाग लेने वाले 50 से अधिक खिलाड़ी अब आईपीएल का सपना देख रहे हैं।
राष्ट्रीय स्तर पर, यह अनकैप्ड खिलाड़ियों की महत्वता को रेखांकित करता है। IPL 2026 में कुल 200 से अधिक खिलाड़ी नीलामी में उतरेंगे, और 30% अनकैप्ड होंगे। सार्थक जैसी कहानियां दिखाती हैं कि मेहनत और टैलेंट से कोई भी स्टेज हासिल की जा सकती है। KKR के लिए, यह एक स्मार्ट इन्वेस्टमेंट है – यदि सार्थक ने अच्छा प्रदर्शन किया, तो अगले सीजन में उनका मूल्य दोगुना हो सकता है।
नीलामी के दूसरे दिन की ओर बढ़ते हुए, KKR अभी भी स्पिनरों और डेथ ओवर स्पेशलिस्ट की तलाश में है। लेकिन सार्थक की एंट्री ने टीम को एक नई ऊर्जा दी है। शाहरुख खान ने ट्वीट किया, “वेलकम टू द नाइट राइडर्स, सार्थक! बिहार का जज्बा अब कोलकाता में।”
निष्कर्ष: सपनों का पीछा कभी न रुके
IPL 2026 Auction का यह अध्याय साबित करता है कि क्रिकेट सिर्फ खेल नहीं, बल्कि सपनों का पुल है। सार्थक रंजन से पप्पू यादव के बेटे के रूप में जाना जाता था, लेकिन अब वह KKR का योद्धा बन चुके हैं। 30 लाख की यह बोली न केवल आंकड़ा है, बल्कि बिहार की युवा पीढ़ी के लिए आशा की किरण है। जैसे-जैसे नीलामी आगे बढ़ेगी, हम देखेंगे कि कैसे ये युवा सितारे चमकेंगे। क्रिकेट प्रेमियों के लिए, यह एक नई कहानी की शुरुआत है – जहां राजनीति की धूल से निकलकर मैदान पर बल्ला चमकता है।