16 दिसंबर 2025, Under-19 Asia Cup – एशियाई क्रिकेट परिषद (एसीसी) अंडर-19 एशिया कप 2025-26 के ग्रुप ए के दसवें मैच में भारत ने मलेशिया को 315 रनों से करारी शिकस्त दी। आयुष म्हात्रे की कप्तानी वाली भारतीय टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 50 ओवरों में 7 विकेट पर 408 रन बनाए, जिसमें विकेटकीपर-बल्लेबाज अभिग्यान कुंडू की 125 गेंदों पर नाबाद 209 रनों की ऐतिहासिक पारी मुख्य रही। जवाब में मलेशिया की पारी 32.1 ओवरों में 93 रनों पर ढेर हो गई, जिसमें दीपेश देवेंद्रन ने 7 ओवरों में 5 विकेट लिए। यह भारत की यूथ ओडीआई इतिहास की दूसरी सबसे बड़ी जीत है, जो युगांडा के खिलाफ 326 रनों की जीत के बाद आती है। कुंडू को प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया।
यह मैच दुबई इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में खेला गया, जो आधिकारिक यूथ ओडीआई का दर्जा नहीं रखता, लेकिन कुंडू की पारी को भारतीय यूथ क्रिकेट में एक मील का पत्थर माना जा रहा है। ग्रुप ए में भारत ने अपनी तीसरी लगातार जीत दर्ज की, जिससे वे 6 अंकों के साथ +4.289 की नेट रन रेट के साथ शीर्ष पर बने हुए हैं। वहीं, मलेशिया 3 मैचों में 0 अंकों के साथ +4.694 की नकारात्मक नेट रन रेट के साथ सबसे निचले पायदान पर खिसक गया। भारत ने इससे पहले यूएई और पाकिस्तान को हराया था, जबकि मलेशिया को यूएई और पाकिस्तान के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा।
भारत की बल्लेबाजी: कुंडू का तूफान और साझेदारियां
टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम ने अपनी पारी का आगाज धमाकेदार तरीके से किया। ओपनर वैभव सूर्यवंशी ने मात्र 26 गेंदों पर 5 चौकों और 3 छक्कों की मदद से 50 रन ठोक दिए, जो 11वें ओवर तक चली। लेकिन शुरुआती झटके लगे – विहान मल्होत्रा 7 रन और कप्तान आयुष म्हात्रे 14 रन बनाकर आउट हो गए। मलेशियाई गेंदबाज मुहम्मद अकरम ने शुरुआती विकेटों को झटका, लेकिन वे खुद 10 ओवरों में 5/89 के महंगे आंकड़े पर समाप्त हुए।
11वें ओवर में बल्लेबाजी करने उतरे अभिग्यान कुंडू ने पारी को संभाला। बाएं हाथ के इस बल्लेबाज ने वेदांत त्रिवेदी के साथ चौथे विकेट के लिए 209 रनों की शानदार साझेदारी की, जो 11वें से 41वें ओवर तक चली। त्रिवेदी ने 106 गेंदों पर 7 चौकों की मदद से 90 रन बनाए, लेकिन जब वे जाश्विन कृष्णमूर्ति को रिटर्न कैच देकर लौटे, तब कुंडू 92 गेंदों पर 128 रन बना चुके थे। इसके बाद कुंडू ने कनिष्क चौहान के साथ पांचवें विकेट के लिए 87 रनों की साझेदारी निभाई, जिसमें उन्होंने अपना शतक और फिर दोहरा शतक पूरा किया।
कुंडू की पारी का आकर्षण उनकी आक्रामकता और संतुलन में था। उन्होंने 125 गेंदों का सामना करते हुए 17 चौके और 9 छक्के लगाए, साथ ही 55 सिंगल्स लेकर स्ट्राइक रोटेट किया। विशेष रूप से लेग साइड पर उनकी शॉट्स लाजवाब रहीं। अंतिम 10 ओवरों में उन्होंने मात्र 33 गेंदों पर 81 रन जोड़े, जिससे भारत का स्कोर 400 के पार पहुंचा। यह न केवल भारत का टूर्नामेंट में सबसे बड़ा स्कोर था, बल्कि कुंडू की यह पारी यूथ ओडीआई में भारत की ओर से पहला दोहरा शतक था। इससे पहले दक्षिण अफ्रीका के जोरिच वैन शाल्कवाइक ने जिम्बाब्वे के खिलाफ 153 गेंदों पर 215 रन बनाए थे। कुंडू ने यूएई के खिलाफ 17 गेंदों पर नाबाद 32 और पाकिस्तान के खिलाफ 32 गेंदों पर 22 रन बनाए थे, लेकिन यहां उन्होंने अपनी क्षमता का पूर्ण प्रदर्शन किया।
अन्य योगदानकर्ताओं में हर्षवंश पांगलिया और अन्य निचले क्रम के बल्लेबाजों ने छोटे-छोटे योगदान दिए, लेकिन कुंडू की एकलौसरी ने पारी को विशाल ऊंचाई दी। भारत का कुल स्कोर 408/7 रहा, जिसमें एक्स्ट्रा रनों की भी भरमार थी। मलेशिया की फील्डिंग ढीली रही, जिससे भारत को फायदा हुआ।
मलेशिया की बल्लेबाजी: दीपेश का जलवा और पतन
409 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी मलेशियाई टीम की शुरुआत ही खराब रही। ओपनर आजिब वज्दी और मोहम्मद हैरिल दोनों शून्य पर आउट हो गए। दीपेश देवेंद्रन ने अपनी शुरुआती पांचों ओवरों में एक-एक विकेट लेकर मलेशिया को हिलाकर रख दिया। 38/7 का स्कोरबोर्ड तब तक आ चुका था, जब मध्यक्रम पूरी तरह ढह गया।
उधव मोहन ने 7.1 ओवरों में 2/24 लिए, जबकि किशन सिंह ने 6-2-17-1 का किफायती स्पेल डाला। खीलन पटेल ने 9-3-21-1 और कनिष्क चौहान ने 3-1-7-1 के साथ सहयोग किया। मलेशिया के बल्लेबाजों का प्रदर्शन निराशाजनक रहा – एमएआरएम अफिनिद 12, डीपीडीके पेट्रो 13, मुहम्मद आलीफ 1, मुहम्मद फातुल मुइन 6, मुहम्मद अकरम 0, एन सथनाकुमारन 5। केवल हमजा पंगी ने 35 रनों की पारी खेली, जो जाश्विन कृष्णमूर्ति के साथ दसवें विकेट के लिए 36 रनों की साझेदारी में आई। लेकिन अंत में मुहम्मद नुरहानिफ 0 पर नाबाद रह गए। मलेशिया का कुल स्कोर 93/10 रहा, जिसमें 11 एक्स्ट्रा (2 लेग बाई, 9 वाइड) शामिल थे।
यह पतन मलेशिया की बल्लेबाजी की कमजोरी को उजागर करता है, खासकर भारतीय तेज गेंदबाजों के खिलाफ। दीपेश की राइट-आर्म मीडियम पेस ने मध्यक्रम को चूर-चूर कर दिया, जो टूर्नामेंट में उनकी तीसरी लगातार हार को और कड़वा बना दिया।
रिकॉर्ड्स, विश्लेषण और भविष्य की संभावनाएं
अभिग्यान कुंडू की 209 रनों की पारी ने कई रिकॉर्ड तोड़े। यह यूथ ओडीआई में भारत का पहला दोहरा शतक है, और कुल मिलाकर यू-19 स्तर पर दूसरा 200+ स्कोर। उनकी स्ट्रोक-प्ले ने आईपीएल 2026 नीलामी में उनकी संभावनाओं को मजबूत कर दिया है। वेदांत त्रिवेदी की 90 रनों की पारी ने साझेदारी को मजबूत किया, जबकि वैभव सूर्यवंशी की आक्रामक शुरुआत ने टोन सेट किया। गेंदबाजी में दीपेश देवेंद्रन का 5/22 का स्पेल शानदार था, जो भारत की गेंदबाजी की गहराई दिखाता है।
कप्तान आयुष म्हात्रे ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला सही साबित हुआ। भारत की फील्डिंग और बॉलिंग अटैक ने मलेशिया को दबाव में रखा। विश्लेषकों का मानना है कि यह जीत भारत को सेमीफाइनल में मजबूत स्थिति में ले जाती है, जहां वे ग्रुप स्टेज की टॉप टीम के रूप में उतरेंगे। मलेशिया के लिए यह हार निराशाजनक है, लेकिन युवा टीमों के विकास के लिए सीखने का मौका।
भारतीय यूथ क्रिकेट में कुंडू जैसे टैलेंट का उभरना सकारात्मक है। उनकी पारी ने न केवल स्कोरबोर्ड पर आंकड़े जोड़े, बल्कि टीम की मानसिकता को मजबूत किया। टूर्नामेंट में भारत अब अजेय मुद्रा में है, और अगले मैचों में वे अपनी फॉर्म बरकरार रखने को बेताब होंगे।
निष्कर्ष: भारत का प्रभुत्व और युवा आशा
यह 315 रनों की जीत भारत के अंडर-19 क्रिकेट के प्रभुत्व को रेखांकित करती है। अभिग्यान कुंडू की पारी भविष्य की स्टार का वादा करती है, जबकि दीपेश देवेंद्रन की गेंदबाजी ने गेंदबाजी इकाई की ताकत दिखाई। एशिया कप में भारत का सफर शानदार रहा है, और यह जीत सेमीफाइनल की राह आसान कर देती है। युवा क्रिकेटरों के लिए यह टूर्नामेंट न केवल प्रतिस्पर्धा का मैदान है, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर चमकने का अवसर भी। उम्मीद है कि कुंडू और उनके साथी सीनियर स्तर पर भी यही जलवा बिखेरेंगे।