Bihar Fog Accident 2025

बिहार में कोहरे से 7 गाड़ियां टकराईं: पटना-आरा रोड पर घना कोहरा बन गया मौत का सौदा। Bihar Fog Accident 2025 की पूरी डिटेल्स, कारण, प्रभाव, रेस्क्यू और सावधानियां। Dense Fog Bihar Road Crash, Patna Ara Collision News। (Bihar Winter Accidents, NH 30 Fog Incident)

5 दिसंबर 2025: बिहार की सर्दी ने एक बार फिर अपना रौद्र रूप दिखाया है। घने कोहरे की चादर ने न केवल जनजीवन को ठप कर दिया, बल्कि सड़कों पर खौफनाक हादसों को जन्म दे दिया। पटना-आरा नेशनल हाईवे (NH-30) पर सुबह के अंधेरे में 7 गाड़ियां आपस में टकरा गईं, जिसमें एक ट्रक ड्राइवर की मौके पर मौत हो गई और कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। यह Bihar Fog Accident 2025 की घटना ने पूरे राज्य को हिला दिया है। मौसम विभाग की चेतावनी के बावजूद ड्राइवरों की लापरवाही और जीरो विजिबिलिटी ने इस चेन रिएक्शन को जन्म दिया। आइए, इस रिपोर्ट में Bihar Dense Fog Road Crash के पूरे घटनाक्रम, कारणों, प्रभावों, रेस्क्यू ऑपरेशन और भविष्य की सावधानियों पर विस्तार से चर्चा करें। यह हादसा न केवल सड़क सुरक्षा का मुद्दा उठाता है, बल्कि सर्दियों में Bihar Winter Road Safety की चुनौतियों को भी उजागर करता है।

पटना-आरा NH पर Bihar Fog Accident 2025: घटना का पूरा विवरण

घटना 14 दिसंबर 2025 की सुबह करीब 5:30 बजे घटी, जब पटना से आरा की ओर जा रही ट्रक और अन्य वाहन घने कोहरे में फंस गए। NH-30 के बिहटा के पास एक ट्रक अचानक रुक गया, जिसके बाद पीछे आ रही एक कार ने उसे टक्कर मार दी। यह चेन रिएक्शन इतना तेज था कि अगले 10 मिनटों में कुल 7 वाहन – दो ट्रक, तीन कारें, एक बोलेरो और एक पिकअप वैन – आपस में उलझ गए। सबसे भयानक दृश्य तब आया जब एक ट्रक की बॉडी पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई, और ड्राइवर अंदर फंस गया। स्थानीय लोगों ने बताया कि कोहरे की वजह से विजिबिलिटी महज 10-15 मीटर थी, जो सामान्य से 90% कम थी।

पुलिस और NDRF की टीम को सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचा। ट्रक को काटकर ड्राइवर को बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक देर हो चुकी थी। मृतक की पहचान 35 वर्षीय राजेश कुमार के रूप में हुई, जो मुजफ्फरपुर से आरा लोडेड सामान लेकर जा रहे थे। अन्य घायलों में दो महिलाएं और एक बच्चा शामिल हैं, जिन्हें सदर अस्पताल आरा में भर्ती कराया गया। ट्रैफिक जाम ने 5 किलोमीटर लंबा सिलसिला बना दिया, जिसे साफ करने में 4 घंटे लगे। यह घटना Patna Ara Collision 2025 का हिस्सा बनी, जो बिहार की सर्दी की पहली बड़ी दुर्घटना है।

घने कोहरे का कहर: Bihar Dense Fog Road Crash के मुख्य कारण

बिहार में सर्दियों का कोहरा कोई नई बात नहीं, लेकिन इस बार यह असामान्य रूप से घना रहा। मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, 14 दिसंबर को पटना का न्यूनतम तापमान 8 डिग्री सेल्सियस रहा, जबकि कोहरे ने विजिबिलिटी को जीरो के करीब पहुंचा दिया। विशेषज्ञों का कहना है कि हिमालय से आ रही ठंडी हवाओं और नमी के मिश्रण ने इस स्थिति को बनाया। NH-30 जैसे व्यस्त हाईवे पर जहां रोजाना हजारों वाहन गुजरते हैं, वहां स्पीड लिमिट का पालन न करना और फॉग लाइट्स का इस्तेमाल न करना मुख्य कारण बने।

ट्रैफिक पुलिस के एसपी आरा ने बताया, “ड्राइवरों ने 80 किमी/घंटा की स्पीड में गाड़ियां चला रही थीं, जबकि कोहरे में यह 30 किमी/घंटा से अधिक नहीं होनी चाहिए।” इसके अलावा, सड़क पर खराब लाइटिंग और अनियमित पार्किंग ने हादसे को बढ़ावा दिया। पिछले साल बिहार में कोहरे से 150 से अधिक दुर्घटनाएं हुईं, जिनमें 50 मौतें दर्ज की गईं। यह आंकड़ा Bihar Winter Accidents 2025 को और भयावह बना रहा है। जलवायु परिवर्तन के विशेषज्ञ डॉ. रवि शंकर सिंह कहते हैं, “ग्लोबल वार्मिंग से कोहरे की तीव्रता बढ़ रही है, जो सड़क सुरक्षा के लिए खतरा है।”

प्रभाव और नुकसान: Bihar Fog Accident 2025 का मानवीय और आर्थिक असर

इस हादसे ने न केवल जानें लीं, बल्कि परिवारों को भी तोड़ा। मृतक राजेश कुमार के दो बच्चे अनाथ हो गए, और उनकी पत्नी ने अस्पताल में रो-रोकर बयान दिया। घायलों में से तीन की हालत गंभीर है, जिन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया। आर्थिक नुकसान की बात करें तो वाहनों को करोड़ों का नुकसान हुआ – ट्रक की लोडेड माल (सीमेंट) सड़क पर बिखर गया, जिसकी कीमत 20 लाख से अधिक बताई जा रही है। ट्रैफिक जाम से आरा-पटना मार्ग पर 2 घंटे की देरी हुई, जिससे सैकड़ों यात्री प्रभावित हुए।

राज्य स्तर पर, बिहार में पिछले 48 घंटों में कोहरे से 15 से अधिक छोटे-मोटे हादसे दर्ज हो चुके हैं, जिनमें 5 मौतें और 30 घायल शामिल हैं। यह घटना NH पर यातायात को प्रभावित कर रही है, जहां दैनिक कारोबार 500 करोड़ का है। विशेष रूप से ट्रक ड्राइवर समुदाय में दहशत फैल गई है, जो रातोंरात यात्रा करते हैं।

रेस्क्यू ऑपरेशन: पुलिस और NDRF की तत्परता की मिसाल

हादसे की खबर मिलते ही आरा पुलिस, पटना ट्रैफिक यूनिट और NDRF की 20 सदस्यीय टीम मौके पर पहुंची। गैस कटर से ट्रक काटा गया और फंसे ड्राइवर को 20 मिनट में बाहर निकाला गया, लेकिन चोटें गंभीर साबित हुईं। स्थानीय ग्रामीणों ने भी मदद की, जिन्होंने घायलों को कंबल और पानी उपलब्ध कराया। एसपी ने बताया कि CCTV फुटेज से जांच चल रही है, और लापरवाह ड्राइवरों पर FIR दर्ज होगी। यह रेस्क्यू Bihar Road Crash Response का एक अच्छा उदाहरण है।

मौसम विभाग की चेतावनी: Bihar Winter Fog Forecast 2025

IMD ने 15-17 दिसंबर के लिए पटना, आरा, मुजफ्फरपुर समेत 20 जिलों में डेंस फॉग अलर्ट जारी किया है। तापमान 6-10 डिग्री रहेगा, और विजिबिलिटी 50 मीटर से कम हो सकती है। पूर्वी बिहार में लाइट रेन की संभावना भी है। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि सुबह 6 से 10 बजे तक यात्रा टालें।

सावधानियां: Dense Fog Bihar Road Safety Tips

कोहरे में सुरक्षित ड्राइविंग के लिए:

  • फॉग लाइट्स चालू रखें और हेडलाइट्स डिम मोड पर।
  • स्पीड 40 किमी/घंटा से कम रखें।
  • रेडियो पर ट्रैफिक अपडेट सुनें।
  • इमरजेंसी किट (टॉर्च, पानी) साथ रखें।
  • कन्वॉय सिस्टम अपनाएं।

ट्रैफिक पुलिस ने NH पर स्पीड कैमरे बढ़ाए हैं।

निष्कर्ष: Bihar Fog Accident 2025 से सबक

यह हादसा सड़क सुरक्षा और मौसम जागरूकता की आवश्यकता दर्शाता है। सरकार को फॉग वार्निंग सिस्टम मजबूत करने चाहिए। बिहारवासियों से अपील है – सावधानी बरतें, जान बचाएं।

By SHAHID

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