Paper Solving Racket Busted, 14 दिसंबर 2025: बिहार के रोहतास जिले में प्रतियोगी परीक्षाओं के काले कारोबार ने एक नया रूप धारण कर लिया है। केंद्रीय चयन पर्षद (सीएसबीसी) द्वारा आयोजित बिहार पुलिस चालक कांस्टेबल भर्ती परीक्षा के दौरान डेहरी-ऑन-सोन के डीएवी पब्लिक स्कूल परीक्षा केंद्र पर सॉल्वर गैंग का भंडाफोड़ हो गया। नकली मजिस्ट्रेट बनकर केंद्र में घुसे गैंग के चार सदस्यों को इंद्रपुरी थाना पुलिस ने रंगे हाथों पकड़ लिया। इनमें पटना के एक कोचिंग शिक्षक सहित एक अभ्यर्थी भी शामिल है। पुलिस ने चार मोबाइल फोन और नकली आईडी कार्ड बरामद किए हैं। यह घटना न केवल परीक्षा प्रणाली की कमजोरियों को उजागर करती है, बल्कि बिहार में नकल माफिया के संगठित नेटवर्क पर भी सवाल खड़े करती है। रोहतास एसएसपी राकेश कुमार ने बताया कि यह गिरोह लंबे समय से सक्रिय था और विभिन्न परीक्षाओं में सॉल्वर सेवा प्रदान कर रहा था।
घटना 11 दिसंबर को दोपहर करीब 2 बजे की है, जब परीक्षा केंद्र पर हड़कंप मच गया। खुद को पटना सचिवालय का ‘वरीय कोषागार पदाधिकारी’ बताने वाले अशोक कुमार सिंह केंद्र में घुस आए। उनके पास नकली आईडी कार्ड था, जिसमें सरकारी चिह्न और हस्ताक्षर जड़े हुए थे। अशोक, जो पटना के महेंद्रू घाट में एक कोचिंग सेंटर चलाते हैं, ने अभ्यर्थियों को भ्रमित कर ओएमआर शीट भरवाई। विकास कुमार नामक अभ्यर्थी, जो जहानाबाद के घोसी का निवासी है, को वे सॉल्वर के रूप में मदद कर रहे थे। पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि केंद्र के बाहर एक संदिग्ध वाहन खड़ा है, जिसमें गैंग के अन्य सदस्य इंतजार कर रहे थे। तत्काल छापेमारी में अशोक, विकास, और दो अन्य सहयोगी—राहुल कुमार और संजय पासवान—को गिरफ्तार कर लिया गया। एसएसपी ने कहा, “ये लोग केंद्र में घुसकर अभ्यर्थियों को सही उत्तर बताने और मोबाइल से कॉपी करने की सुविधा दे रहे थे। चारों मोबाइल सेटों से सॉल्वर एप्स और परीक्षा पेपर की कॉपी मिली है।”
यह गैंग का तरीका बेहद चालाकी भरा था। नकली मजिस्ट्रेट बनकर वे केंद्र प्रभारी को धमकाते और जांच का बहाना बनाते। अशोक कुमार सिंह मास्टरमाइंड था, जो कोचिंग के माध्यम से अभ्यर्थियों से 50 हजार से 1 लाख रुपये तक वसूलता। विकास कुमार जैसे अभ्यर्थी इनके संपर्क में आते और परीक्षा से पहले ‘डील’ तय हो जाती। गिरोह के अन्य सदस्य बाहर वाहन में बैठे रहते, ताकि सॉल्वर को बाहर निकाल सकें। पुलिस जांच में पता चला कि यह गैंग पिछले छह महीनों में पटना, गया और रोहतास में कम से कम 20 परीक्षाओं में सक्रिय था। बरामद मोबाइलों से चैट हिस्ट्री में अन्य जिलों के सॉल्वरों के संपर्क नंबर भी मिले हैं। एक अधिकारी ने बताया, “ये आईईडी की तरह काम करते हैं—छिपे हुए, लेकिन घातक। नकली दस्तावेजों से वे सिस्टम को चकमा देते हैं।”
बिहार में सॉल्वर गैंग्स का उदय चिंताजनक है। राष्ट्रीय स्तर पर प्रतियोगी परीक्षाओं में नकल के मामले बढ़ रहे हैं। एनसीआरबी के आंकड़ों के अनुसार, 2020 से 2024 तक बिहार में 500 से अधिक नकल संबंधी मामले दर्ज हुए, जिनमें सॉल्वर गैंग्स का हाथ था। हाल ही में गोपालगंज में सिपाही भर्ती पेपर लीक में चार सॉल्वर गिरफ्तार हुए थे। विशेषज्ञों का कहना है कि कोचिंग इंडस्ट्री का काला पक्ष इसमें भूमिका निभा रहा है। पटना के एक शिक्षा विशेषज्ञ ने कहा, “ये गैंग्स अब डिजिटल हो गए हैं—ऑनलाइन पेपर लीक, ब्लूटूथ डिवाइस और नकली आईडी। परीक्षा सुधार के बावजूद सेंटर मैनेजमेंट कमजोर है।” इस घटना से प्रभावित अभ्यर्थी निराश हैं। एक उम्मीदवार ने कहा, “हम रात-दिन पढ़ते हैं, लेकिन ये लोग सब बर्बाद कर देते हैं। न्यायिक जांच होनी चाहिए।”
प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई की। रोहतास पुलिस ने चारों आरोपियों के खिलाफ आईपीसी की धारा 419 (धोखाधड़ी), 420 (छल), 511 (आपराधिक प्रयास) और परीक्षा अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज की। कोर्ट ने उन्हें 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। एसएसपी ने अन्य जिलों को अलर्ट जारी किया है। सीएसबीसी ने परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी, जामर और बायोमेट्रिक चेक बढ़ाने का फैसला लिया। लेकिन विपक्ष ने सरकार पर निशाना साधा। आरजेडी नेता ने कहा, “नीतीश सरकार का ‘सुशासन’ सिर्फ नारे है। सॉल्वर गैंग्स फल-फूल रहे हैं, जबकि युवा बेरोजगार।” शिक्षा मंत्री ने जवाब दिया, “हम सख्ती करेंगे। डिजिटल सॉल्वर ट्रैकिंग सिस्टम ला रहे हैं।”
यह पर्दाफाश बिहार की युवा पीढ़ी के भविष्य पर खतरे की घंटी है। प्रतियोगी परीक्षाएं लाखों युवाओं का सपना हैं, लेकिन नकल माफिया उन्हें कुचल रहा है। दीर्घकालिक समाधान के लिए परीक्षा प्रक्रिया को पारदर्शी बनाना, कोचिंग पर निगरानी और सख्त सजा जरूरी है। यदि ऐसे गैंग्स को कुचला न गया, तो मेरिट का सिस्टम ही खत्म हो जाएगा। रोहतास पुलिस की यह कार्रवाई सराहनीय है, लेकिन यह अंत नहीं, शुरुआत होनी चाहिए। युवाओं को न्याय मिले, तभी बिहार प्रगति करेगा।