Israil Kills Hamas Senior Leader Raed Saad, 14 दिसंबर 2025 – गाजा पट्टी में शनिवार शाम को इज़राइली वायुसेना के एक सटीक हवाई हमले ने हमास के सैन्य विंग के प्रमुख हथियार उत्पादन प्रमुख रईद साद को मार गिराया। हमास ने रविवार को इसकी पुष्टि की, जबकि इज़राइल ने इसे ‘लंबे समय से चली आ रही खोज’ का परिणाम बताया। यह घटना अक्टूबर में लागू हुए युद्धविराम समझौते के बावजूद हुई, जिसने क्षेत्र में तनाव को फिर से भड़का दिया है। हमास के गाजा प्रमुख खलील अल-हय्या ने इसे ‘गंभीर उल्लंघन’ करार देते हुए चेतावनी दी कि इससे युद्धविराम खतरे में पड़ सकता है। हमले में साद के अलावा कम से कम चार अन्य फिलिस्तीनी मारे गए, जबकि 25 से अधिक घायल हुए। यह हत्या हमास के वरिष्ठ नेताओं पर इज़राइल की लक्षित कार्रवाई की श्रृंखला में सबसे प्रमुख है, जो संघर्ष की जटिलताओं को उजागर करती है।
घटना शनिवार शाम करीब 7 बजे घटी, जब इज़राइली वायुसेना ने गाजा सिटी के पश्चिमी हिस्से में राशिद रोड पर एक वाहन को निशाना बनाया। इज़राइल डिफेंस फोर्सेस (आईडीएफ) और शिन बेट सुरक्षा एजेंसी के संयुक्त बयान के अनुसार, रईद साद अपनी निजी सुरक्षा टीम के साथ उस वाहन में सवार थे। खुफिया जानकारी के आधार पर तत्काल हमला किया गया, जिसमें साद को मौके पर ही मार दिया गया। फिलिस्तीनी मीडिया के अनुसार, हमले से वाहन में आग लग गई, और आसपास के इलाके में धमाके की गूंज सुनाई दी। स्थानीय निवासियों ने बताया कि धुंध और धुएं के बीच लोग घायलों को बचाने के लिए दौड़े, लेकिन इज़राइली ड्रोन की मौजूदगी ने बचाव कार्य को जटिल बना दिया। कुल मिलाकर, हमले में पांच फिलिस्तीनी मारे गए, जिनमें साद के दो बॉडीगार्ड भी शामिल थे। घायलों को गाजा के अल-शिफा अस्पताल पहुंचाया गया, जहां कई की हालत गंभीर बताई जा रही है।
हमास ने रविवार को गाजा सिटी में साद के शव का अंतिम संस्कार आयोजित किया, जिसमें हजारों लोग शामिल हुए। कंधों पर शव को ले जाते हुए प्रदर्शनकारियों ने ‘शहीदों का बदला लेंगे’ के नारे लगाए। हमास के गाजा प्रमुख खलील अल-हय्या ने एक टेलीविजन संबोधन में साद की मौत की पुष्टि की और कहा, “रईद साद अपने भाइयों के साथ शहीद हो गया। यह इज़राइल का युद्धविराम का उल्लंघन है, जो हमारी प्रतिरोध क्षमता को कमजोर करने की कोशिश है।” अल-हय्या ने हमास की स्थापना की 38वीं वर्षगांठ पर बोलते हुए साद को ‘महान शहीद’ बताया और इज़राइल पर हमास के हथियार उत्पादन नेटवर्क को नष्ट करने की साजिश का आरोप लगाया। हमास ने चेतावनी दी कि यह घटना युद्धविराम को खतरे में डाल सकती है, और संगठन ‘उचित प्रतिक्रिया’ का अधिकार रखता है।
रईद साद कौन थे? 50 वर्षीय साद हमास के इज्जुद्दीन अल-कस्साम ब्रिगेड्स के वरिष्ठ कमांडर थे, जो संगठन के सैन्य विंग का हथियार उत्पादन और लॉजिस्टिक्स विभाग का प्रमुख था। इज़राइल के अनुसार, साद ने दशकों से रॉकेट, ड्रोन और अन्य हथियारों के उत्पादन का नेटवर्क संभाला था, जो गाजा से इज़राइल पर हमलों के लिए इस्तेमाल होते थे। आईडीएफ ने दावा किया कि साद 7 अक्टूबर 2023 के हमास हमले की योजना में शामिल था, जिसमें 1,200 इज़राइली मारे गए थे। साद को इज़राइल ने वर्षों से निशाना बनाने की कोशिश की थी – कम से कम तीन असफल हत्या प्रयास पहले हो चुके थे। तुर्की टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, साद को शनिवार शाम पहचाना गया, जब वह अपने गार्ड्स के साथ वाहन में सवार होकर जा रहे थे। यह हत्या इज़राइल की ‘लक्षित हत्या’ नीति का हिस्सा है, जो हमास के नेतृत्व को कमजोर करने पर केंद्रित है। साद की मौत से हमास के हथियार उत्पादन में गंभीर झटका लग सकता है, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि संगठन जल्द ही नया नेतृत्व नियुक्त कर लेगा।
इज़राइल की ओर से प्रतिक्रिया तीखी रही। आईडीएफ के प्रवक्ता ने कहा, “रईद साद एक खूंखार आतंकवादी था, जिसने निर्दोष इज़राइली नागरिकों की हत्या की साजिश रची। युद्धविराम के बावजूद, हम अपने नागरिकों की सुरक्षा के लिए ऐसी कार्रवाइयां जारी रखेंगे।” इज़राइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कैबिनेट बैठक में इसे ‘हमास के खिलाफ सफलता’ बताया, लेकिन युद्धविराम पर कोई टिप्पणी नहीं की। अमेरिकी विदेश विभाग ने हमले की निंदा नहीं की, बल्कि कहा कि इज़राइल को आत्मरक्षा का अधिकार है। संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने दोनों पक्षों से संयम बरतने की अपील की, जबकि कतर और मिस्र – जो युद्धविराम के मध्यस्थ हैं – ने इज़राइल से स्पष्टीकरण मांगा। हमास समर्थक ईरान ने इसे ‘नायी’ बताया, जबकि सऊदी अरब ने चुप्पी साधी।
यह घटना गाजा में अक्टूबर 2023 के बाद के युद्धविराम की नाजुकता को उजागर करती है। युद्धविराम के तहत इज़राइल ने गाजा पर घेराबंदी कम की थी, और मानवीय सहायता बढ़ाई गई थी, लेकिन सीमा पर छोटी-मोटी झड़पें जारी रहीं। हमास ने असहमति जताते हुए कहा कि इज़राइल ने 50 से अधिक उल्लंघन किए हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, साद की मौत से हमास आंतरिक रूप से मजबूत हो सकता है, लेकिन यह क्षेत्रीय तनाव बढ़ा सकता है – खासकर लेबनान और ईरान के साथ इज़राइल के संघर्ष के बीच। गाजा में पहले से ही 40,000 से अधिक मौतें हो चुकी हैं, और यह हमला शांति प्रयासों को पटरी से उतार सकता है।
अंत में, रईद साद की हत्या संघर्ष की अनिश्चितता को दर्शाती है। हमास ने प्रतिशोध की धमकी दी है, जबकि इज़राइल ने और लक्षित कार्रवाइयों का संकेत दिया। अंतरराष्ट्रीय समुदाय को अब मध्यस्थता तेज करनी होगी, वरना गाजा फिर से युद्ध की चपेट में आ सकता है। फिलिस्तीनी परिवारों का दर्द और इज़राइली सुरक्षा चिंताएं – दोनों ही वैश्विक ध्यान की मांग करती हैं।