11 दिसंबर 2025: स्मार्टफोन मार्केट में एप्पल का जलवा बरकरार है। काउंटरपॉइंट रिसर्च की लेटेस्ट रिपोर्ट के मुताबिक, आईफोन 16 तीसरी तिमाही (जुलाई-सितंबर 2025) में ग्लोबल बेस्ट-सेलिंग स्मार्टफोन बन गया है। यह लगातार तीसरी तिमाही है जब यह मॉडल नंबर वन पोजीशन पर काबिज है। कुल 4% वॉल्यूम शेयर के साथ, आईफोन 16 ने न सिर्फ एप्पल के प्रोडक्ट्स में लीडरशिप हासिल की, बल्कि पूरी इंडस्ट्री में छाई हुई है। दूसरी ओर, सैमसंग के फ्लैगशिप मॉडल्स जैसे गैलेक्सी एस सीरीज और गूगल पिक्सल पूरी तरह टॉप 10 से बाहर हो गए हैं, जो एंड्रॉइड मार्केट के लिए एक बड़ा झटका है।
रिपोर्ट के अनुसार, ग्लोबल टॉप 10 बेस्ट-सेलिंग स्मार्टफोन्स में एप्पल और सैमसंग ने बराबरी की है—दोनों के पास पांच-पांच मॉडल्स हैं। लेकिन यह साझेदारी धोखे वाली है। एप्पल ने टॉप फोर पोजीशन्स पर कब्जा जमाया है, जिसमें आईफोन 16 पहले, उसके बाद आईफोन 16 प्लस, आईफोन 16 प्रो और आईफोन 16 प्रो मैक्स शामिल हैं। दसवें नंबर पर आईफोन 17 प्रो मैक्स ने एंट्री मारी है, जो लिमिटेड अवेलेबिलिटी के बावजूद सितंबर 2025 में बेस्ट-सेलर बना। सैमसंग के मॉडल्स सभी मिड-रेंज गैलेक्सी ए सीरीज के हैं—जैसे गैलेक्सी ए16 5G (बेस्ट-सेलिंग एंड्रॉइड), ए36, ए56, ए16 4G और ए06। इनका फोकस इमर्जिंग मार्केट्स जैसे लैटिन अमेरिका और मिडिल ईस्ट-एशिया पर है, जहां अफोर्डेबल प्राइसिंग और लॉन्ग सॉफ्टवेयर सपोर्ट ने बिक्री बढ़ाई। लेकिन सैमसंग के प्रीमियम फ्लैगशिप्स, जैसे गैलेक्सी एस25 सीरीज, टॉप 10 में कहीं नहीं दिखे। इसी तरह, गूगल का पिक्सल सीरीज—जो AI फीचर्स के लिए जाना जाता है—पूरी तरह गायब है, जो इसके लिमिटेड मार्केट रीच को हाइलाइट करता है।
इस सफलता के पीछे कई फैक्टर्स हैं। आईफोन 16 की सेल्स इंडिया और जापान में फेस्टिव प्रोमोशन्स से बूस्ट हुई, जहां बेस मॉडल ने iPhone 17 लॉन्च के बाद भी डिमांड बरकरार रखी। एप्पल की प्रीमियम सेगमेंट ($600+) में डोमिनेंस साफ दिख रही है, जहां 5G फोन ने पहली बार टॉप फाइव स्पॉट्स पर कब्जा किया। काउंटरपॉइंट के ग्लोबल मंथली हैंडसेट मॉडल सेल्स ट्रैकर से पता चलता है कि एप्पल की शिपमेंट्स 2025 में 10% ग्रोथ पर हैं, मार्केट शेयर 19.4% तक पहुंच सकता है। सैमसंग की मिड-रेंज स्ट्रैटेजी ने कुल वॉल्यूम का 20% कवर किया, लेकिन फ्लैगशिप्स की कमजोरी AI इंटीग्रेशन और फास्ट चार्जिंग जैसे फीचर्स के बावजूद उभर रही है। पिक्सल की अनुपस्थिति अमेरिका और यूरोप में मजबूत होने के बावजूद ग्लोबल स्केल पर चैलेंज दिखाती है।
यह ट्रेंड स्मार्टफोन इंडस्ट्री के शिफ्ट को दर्शाता है। कंज्यूमर्स अब प्रीमियम एक्सपीरियंस और इकोसिस्टम इंटीग्रेशन को प्राथमिकता दे रहे हैं, जहां एप्पल लीड कर रहा है। 2025 के अंत तक, आईफोन 17 सीरीज की डिमांड और बढ़ने की उम्मीद है, खासकर US, UK और चाइना में। सैमसंग को फ्लैगशिप्स में इनोवेशन बढ़ाना होगा, जबकि गूगल को ग्लोबल एक्सपैंशन पर फोकस। कुल मिलाकर, आईफोन 16 की जीत एप्पल की स्ट्रैटेजी की पुष्टि करती है—क्वालिटी ओवर क्वांटिटी।