10 दिसंबर 2025: भारतीय शेयर बाजार में ई-कॉमर्स सेक्टर को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाने वाली मीशो लिमिटेड ने मंगलवार को अपने आईपीओ के जरिए शानदार डेब्यू किया। कंपनी ने 111 रुपये के इश्यू मूल्य पर लिस्टिंग की, जो बाजार मूल्यांकन के हिसाब से 46.4% प्रीमियम पर खुला। बीएसई पर शेयर 163 रुपये पर खुले, जबकि एनएसई पर 162.50 रुपये के स्तर पर ट्रेडिंग शुरू हुई। दिन के अंत तक शेयर में 35% से अधिक की तेजी बनी रही, जिससे कंपनी का मार्केट कैप 25,000 करोड़ रुपये को पार कर गया। यह लिस्टिंग न केवल निवेशकों का उत्साह दर्शाती है, बल्कि भारतीय स्टार्टअप इकोसिस्टम की मजबूती का प्रमाण भी है।
मीशो, जो सोशल कॉमर्स मॉडल पर आधारित है, ने 2021 में अपनी स्थापना के बाद से रीसेलर-आधारित प्लेटफॉर्म के रूप में तेजी से विस्तार किया। कंपनी महिलाओं को सशक्त बनाने के उद्देश्य से शुरू हुई, जहां कोई भी व्यक्ति उत्पादों को सोशल मीडिया पर बेच सकता है। आईपीओ के जरिए 1,200 करोड़ रुपये जुटाने वाली मीशो ने 1.5 करोड़ शेयरों की पेशकश की, जिसमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (क्यूआईबी) को 50% आवंटन मिला। आईपीओ को 25 गुना अधिक सब्सक्रिप्शन मिला, जिसमें रिटेल निवेशकों का रुझान सबसे ज्यादा रहा। सीईओ विद्या श्रीनिवास ने लिस्टिंग के बाद कहा, “यह हमारे 10,000 से अधिक रीसेलर्स की मेहनत का फल है। हमारा लक्ष्य भारत के टियर-2 और टियर-3 शहरों में ई-कॉमर्स को सुलभ बनाना है। आगे 5G और एआई एकीकरण से ग्रोथ दोगुनी होगी।”
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि मीशो की सफल लिस्टिंग अमेजन और फ्लिपकार्ट जैसे दिग्गजों के बीच एक नया विकल्प उभरने का संकेत है। कंपनी का अनोखा मॉडल, जहां कमीशन-फ्री रीसेलिंग होती है, ने 2025 में 50 करोड़ से अधिक यूजर्स को आकर्षित किया। वित्तीय आंकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष 2024-25 में मीशो का राजस्व 8,500 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले वर्ष से 40% अधिक है। हालांकि, घाटा 1,200 करोड़ पर स्थिर रहा, लेकिन आईपीओ फंड से वेयरहाउसिंग और टेक्नोलॉजी अपग्रेड पर निवेश होगा। एनालिस्ट शीतल बनर्जी ने कहा, “मीशो का वैल्यूएशन 20x फॉरवर्ड पी/ई पर उचित है। यदि अर्थव्यवस्था 7% ग्रोथ करती है, तो शेयर 200 रुपये तक पहुंच सकता है।”
यह लिस्टिंग सेंसेक्स की हालिया गिरावट के बीच एक सकारात्मक खबर साबित हुई। वैश्विक बाजारों में फेड रेट कट की अनिश्चितता के कारण निवेशक सतर्क थे, लेकिन मीशो ने खुदरा और क्यूआईबी सेगमेंट में विश्वास जगाया। जियो फाइनेंशियल सर्विसेज और मिराए एसेट जैसे बड़े निवेशकों ने आईपीओ में हिस्सेदारी ली। विपक्षी आवाजों में कुछ ने कहा कि ई-कॉमर्स टैक्सेशन पर स्पष्टता की जरूरत है, लेकिन कुल मिलाकर बाजार का मूड उत्साही रहा।
मीशो की सफलता स्टार्टअप इंडिया को प्रोत्साहित करेगी, खासकर जब 2025 में 50 से अधिक आईपीओ लाइन में हैं। कंपनी अब अंतरराष्ट्रीय विस्तार पर नजर डाल रही है, जहां दक्षिण एशिया के बाजारों में प्रवेश की योजना है। कुल मिलाकर, यह लिस्टिंग भारतीय डिजिटल अर्थव्यवस्था की ताकत को रेखांकित करती है, जहां नवाचार और समावेशी ग्रोथ का मेल निवेशकों को आकर्षित कर रहा है।