10 दिसंबर 2025: भारतीय शेयर बाजार में मंगलवार को निराशाजनक समापन हुआ, जब बीएसई सेंसेक्स और एनएसई निफ्टी दोनों सूचकांक तीसरे लगातार सत्र में गिरावट के साथ बंद हुए। सेंसेक्स 275.01 अंकों (0.32%) की कमी के साथ 84,391.27 पर समाप्त हुआ, जबकि निफ्टी 50 81.65 अंकों (0.32%) नीचे 25,758 पर आ गया। अंतिम घंटे में भारी बिकवाली ने बाजार को लाल निशान में धकेल दिया, खासकर उपभोक्ता वस्तुओं, निजी बैंकों और आईटी क्षेत्रों में। वैश्विक बाजारों के मिश्रित संकेतों और अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दर घोषणा की प्रतीक्षा ने निवेशकों को सतर्क बना दिया, जिससे बाजार में अनिश्चितता का माहौल बना रहा।
दिन की शुरुआत सकारात्मक रही, जब सेंसेक्स 84,600 के ऊपर खुला और निफ्टी 25,800 को पार कर गया। लेकिन दोपहर होते-होटे वैश्विक बाजारों से नकारात्मक खबरें आने लगीं। अमेरिकी एसएंडपी 500 में मामूली गिरावट और एशियाई सूचकांकों—जैसे निक्केई और हैंगसेंग—में कमजोरी ने भारतीय बाजार को प्रभावित किया। विशेषज्ञों के अनुसार, फेड की बैठक से ‘हॉक्सिश’ (कठोर) नीति की आशंका ने निवेशकों को जोखिम से दूर रहने को मजबूर किया। मार्केट एनालिस्ट राकेश झुनझुनवाला के पुत्र ने कहा, “फेड यदि रेट कट को टालता है, तो उभरते बाजारों पर दबाव बढ़ेगा। भारत में विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) ने 2,500 करोड़ रुपये की बिकवाली की, जो गिरावट का मुख्य कारण है।”
क्षेत्रीय स्तर पर प्रदर्शन मिश्रित रहा। मेटल और फार्मा शेयरों ने राहत दी, जहां टाटा स्टील 2.5% ऊपर चढ़ा और सन फार्मा 1.8% मजबूत हुआ। आईटीसी जैसे उपभोक्ता शेयरों में भी मामूली लाभ देखा गया। लेकिन निजी बैंकिंग क्षेत्र में HDFC बैंक और ICICI बैंक 1-1.5% नीचे रहे, जबकि आईटी दिग्गज इंफोसिस और टीसीएस में 0.8% की गिरावट आई। मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स में 0.5% से अधिक की कमी दर्ज हुई, जो बाजार की व्यापक कमजोरी को दर्शाता है। ब्रॉडर मार्केट में 2,000 से अधिक शेयर लाल निशान में बंद हुए, जबकि टॉप गेनर्स में हिंद जिंक (4% ऊपर) और एयू छोटा फाइनेंशियल (2% लाभ) शामिल रहे।
यह गिरावट पिछले सप्ताह के रिकॉर्ड हाई से बाजार के सुधार को प्रभावित कर रही है। सेंसेक्स ने नवंबर में 85,000 को छुआ था, लेकिन वैश्विक महंगाई चिंताओं और घरेलू राजकोषीय घाटे पर बहस ने गति रोकी। इकोनॉमिक टाइम्स के एक सर्वे में 60% विशेषज्ञों ने चेतावनी दी कि यदि फेड रेट कट नहीं करता, तो निफ्टी 25,500 तक गिर सकता है। दूसरी ओर, कुछ एनालिस्ट्स आशावादी हैं। मोतीलाल ओसवाल के सीईओ ने कहा, “घरेलू खुदरा निवेशक मजबूत हैं, जो बाजार को सहारा देंगे। गुरुवार के फेड निर्णय के बाद रिकवरी संभव है।”
बाजार की अस्थिरता से निवेशकों को सलाह दी जा रही है कि डाइवर्सिफिकेशन पर ध्यान दें और लॉन्ग-टर्म होल्डिंग अपनाएं। मीशो आईपीओ की मजबूत लिस्टिंग (46% प्रीमियम) ने कुछ उत्साह जगाया, लेकिन समग्र मूड सतर्क है। कुल मिलाकर, तीसरे दिन की गिरावट बाजार की मजबूती की परीक्षा ले रही है, और निवेशक वैश्विक संकेतों पर नजर रखे हुए हैं। यदि फेड सकारात्मक संकेत देता है, तो बाजार में उछाल की उम्मीद है।