10 दिसंबर 2025: बिहार में शराबबंदी कानून को मजबूती प्रदान करने के उद्देश्य से पुलिस ने सीमांचल क्षेत्र में तस्करी के खिलाफ अभियान को नई गति दी है। नई एनडीए सरकार के गठन के बाद शुरू हुई यह मुहिम अब चरम पर पहुंच चुकी है, जिसमें 570 से अधिक भूखंडों और वाहनों को जब्त कर राजसात (नीलामी) करने की योजना बनाई गई है। पूर्णिया जिले में सबसे अधिक प्रभाव पड़ने की संभावना है, जहां पिछले एक वर्ष में 200 से ज्यादा मामले दर्ज हो चुके हैं। इस कार्रवाई से न केवल तस्करों का कारोबार ध्वस्त होगा, बल्कि राजस्व में भी वृद्धि होगी।

अभियान की शुरुआत नवंबर 2025 से हुई, जब डीजीपी एसआरएस कल्याण ने सीमांचल के सभी जिलों—पूर्णिया, किशनगंज, अररिया, कटिहार और सहरसा—के एसपी को विशेष निर्देश जारी किए। पुलिस ने संयुक्त रूप से एसआईटी (स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम) का गठन किया, जो नेपाल और पश्चिम बंगाल सीमा से हो रही तस्करी पर नजर रख रही है। मंगलवार को ही पूर्णिया के फारबिसगंज में एक बड़े ऑपरेशन में 50 लीटर विदेशी शराब और दो ट्रक जब्त किए गए, जबकि तीन तस्कर गिरफ्तार हुए। एसपी सिद्धार्थ साह ने बताया, “हमारा लक्ष्य शून्य सहनशीलता है। जब्त संपत्तियों की नीलामी से प्राप्त धनराशि शराबबंदी जागरूकता अभियान में लगाई जाएगी। पूर्णिया में 150 भूखंड और 100 वाहन नीलामी के दायरे में हैं।”

सीमांचल की भौगोलिक स्थिति इसे शराब तस्करी का हॉटस्पॉट बनाती है। नेपाल सीमा से सस्ती शराब की तस्करी आसान है, जबकि बंगाल से आने वाले रूट्स पर ट्रकों का इस्तेमाल होता है। आंकड़ों के अनुसार, 2025 में अब तक 1,200 लीटर से अधिक शराब जब्त हुई है, जो पिछले वर्ष से 40% अधिक है। किशनगंज में हाल ही में एक गोदाम से 200 कार्टन देशी शराब बरामद हुई, जिसकी कीमत 50 लाख रुपये बताई जा रही है। अररिया के एसपी ने कहा, “स्थानीय मुखबिरों की मदद से हम रीयल-टाइम मॉनिटरिंग कर रहे हैं। ड्रोन और जीपीएस ट्रैकिंग का उपयोग बढ़ाया गया है।” इस अभियान में ग्रामीण पुलिस और बीआरसी (बिहार पुलिस रिजर्व कॉर्प्स) की टीमें भी शामिल हैं।

विपक्षी दलों ने कार्रवाई की सराहना की, लेकिन आरजेडी नेता ने कहा, “शराबबंदी का पालन कराने के लिए आर्थिक विकल्प दें, वरना ग्रामीण बेरोजगार युवा तस्करी की ओर मुड़ेंगे।” विशेषज्ञों का मानना है कि यह मुहिम सफल होगी यदि अंतरराज्यीय समन्वय बढ़े। सीएम नीतीश कुमार ने विधानसभा में कहा, “शराबबंदी बिहार का गौरव है, इसे तोड़ने वालों को कोई छूट नहीं।” जब्त संपत्तियों की नीलामी से अनुमानित 20 करोड़ रुपये की आय होने की उम्मीद है, जो स्वास्थ्य और शिक्षा पर खर्च होंगे।

यह अभियान न केवल कानून व्यवस्था मजबूत करेगा, बल्कि सीमांचल के सामाजिक ताने-बाने को भी सुदृढ़ बनाएगा। तस्करी से जुड़े अपराध जैसे चोरी और हिंसा में कमी आई है। हालांकि, चुनौतियां बाकी हैं—सीमावर्ती इलाकों में निगरानी बढ़ाने की जरूरत है। कुल मिलाकर, पुलिस का यह सख्त कदम शराब मुक्त बिहार की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।

By SHAHID

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