10 दिसंबर 2025: बिहार सरकार ने सीमांचल क्षेत्र की बढ़ती सुरक्षा चुनौतियों को देखते हुए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। राज्य पुलिस मुख्यालय ने पूर्णिया जिले में आतंकवाद निरोधी दस्ता (एटीएस) का नया सेंटर स्थापित करने की मंजूरी दे दी है। यह सेंटर 2026 के पहले तीन महीनों में पूरी तरह सक्रिय हो जाएगा, जिसमें 40 विशेष प्रशिक्षित कमांडो तैनात किए जाएंगे। इस कदम से सीमांचल—जो नेपाल, बांग्लादेश और पश्चिम बंगाल की सीमाओं से घिरा है—की सुरक्षा व्यवस्था में नया आयाम जुड़ेगा। एटीएस सेंटर रॉ (रिसर्च एंड एनालिसिस विंग) और आईबी (इंटेलिजेंस ब्यूरो) जैसी राष्ट्रीय खुफिया एजेंसियों के साथ सीधा तालमेल रखेगा, जिससे संदिग्ध गतिविधियों पर त्वरित नजर रखी जा सकेगी।

यह निर्णय उप मुख्यमंत्री-सह-गृह मंत्री सम्राट चौधरी के प्रयासों का परिणाम है, जिन्होंने हाल ही में विधानसभा में सीमांचल की संवेदनशीलता पर जोर दिया था। पूर्णिया में पहले से ही एसटीएफ (स्पेशल टास्क फोर्स) का कमांड सेंटर कार्यरत है, जहां 80 जवान तैनात हैं। लेकिन एटीएस सेंटर की स्थापना से प्रतिक्रिया समय को घटाकर मात्र एक घंटे तक सीमित करने का लक्ष्य हासिल होगा। डीजीपी एसआरएस कल्याण ने कहा, “पूर्णिया एयरपोर्ट और गैस रिफिलिंग प्लांट जैसे महत्वपूर्ण स्थलों की मौजूदगी को देखते हुए यह सेंटर जरूरी था। 40 कमांडो राज्य पुलिस के विशेष दस्ते से चुने जाएंगे, जो आतंकवाद, शराब-हथियार तस्करी और आपराधिक गिरोहों से निपटने में निपुण होंगे।” यह सेंटर न केवल पूर्णिया बल्कि किशनगंज, अररिया, कटिहार और सहरसा जैसे आसपास के जिलों को कवर करेगा।

सीमांचल की भौगोलिक स्थिति इसे आतंकी गतिविधियों का हॉटस्पॉट बनाती है। हाल के वर्षों में सीमा पार तस्करी और संदिग्ध मॉड्यूल्स के मामले बढ़े हैं, जिसके चलते केंद्र सरकार ने भी बिहार को हाई-अलर्ट जोन घोषित किया है। एटीएस सेंटर से इंटेलिजेंस शेयरिंग तेज होगी, और आधुनिक हथियारों व निगरानी उपकरणों से लैस टीम 24×7 अलर्ट मोड में रहेगी। स्थानीय एसपी सिद्धार्थ साह ने बताया, “यह सेंटर स्थानीय पुलिस के साथ मिलकर जॉइंट ऑपरेशन चलाएगा। ट्रेनिंग के लिए जवानों को दिल्ली और हैदराबाद के एटीएस सेंटर्स में भेजा जाएगा।” विपक्षी दलों ने इसकी सराहना की है, लेकिन आरजेडी नेता ने कहा, “सुरक्षा के साथ-साथ विकास पर भी ध्यान दें, वरना ये प्रयास अधूरे रहेंगे।”

यह मंजूरी बिहार में एटीएस की विस्तार योजना का हिस्सा है, जो 2013 में स्थापित इस दस्ते को और मजबूत करेगी। वर्तमान में पटना, मुजफ्फरपुर और भागलपुर में एटीएस यूनिट्स हैं, लेकिन सीमांचल के लिए समर्पित सेंटर पहली बार है। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे न केवल आतंकी खतरे कम होंगे, बल्कि सीमा सुरक्षा में भी सहायता मिलेगी। पूर्णिया के निवासियों में उत्साह है, जो लंबे समय से बेहतर सुरक्षा की मांग कर रहे थे। कुल मिलाकर, यह कदम राज्य की आंतरिक सुरक्षा को नई दिशा देगा, और 2026 तक पूर्णिया एटीएस हब के रूप में उभरेगा।

By SHAHID

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *