10 दिसंबर 2025: सूडान के पूर्वी हिस्से में एक भयानक सैन्य विमान दुर्घटना ने युद्धग्रस्त देश को झकझोर दिया है। मंगलवार को पोर्ट सूडान एयरबेस पर एक सैन्य ट्रांसपोर्ट विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया, जिसमें सभी चालक दल के सदस्य मारे गए। यह घटना रैपिड सपोर्ट फोर्सेस (आरएसएफ) द्वारा पश्चिमी कोर्डोफान में रणनीतिक तेल सुविधा पर कब्जे के बीच हुई, जो देश के गृहयुद्ध को और जटिल बना रही है। संयुक्त राष्ट्र ने मानवीय संकट पर गहरी चिंता जताई है, जबकि सूडानी सेना ने इसे ‘दुर्भाग्यपूर्ण हादसा’ करार दिया है।
दुर्घटना की जानकारी सैन्य स्रोतों से मिली है। रिपोर्ट के अनुसार, यह एक आईएल-76 कार्गो विमान था, जो पूर्वी सूडान के एयरबेस पर लैंडिंग की कोशिश के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। विमान में सवार सभी चालक दल के सदस्यों की मौत हो गई, हालांकि सटीक संख्या का खुलासा नहीं किया गया। एएफपी की रिपोर्ट में स्रोतों ने पुष्टि की कि विमान लैंडिंग के दौरान क्रैश हुआ, लेकिन कारण स्पष्ट नहीं है—क्या यह तकनीकी खराबी थी या युद्ध संबंधी हमला? टास एजेंसी के मुताबिक, यह हादसा विमान के टेकऑफ के तुरंत बाद भी हो सकता है, जो पोर्ट सूडान एयरपोर्ट से उड़ान भर रहा था।
सूडान का गृहयुद्ध अप्रैल 2023 से चल रहा है, जिसमें सूडानी सशस्त्र बल (एसएएफ) और आरएसएफ के बीच खूनी संघर्ष हो रहा है। इस दुर्घटना ने सैन्य लॉजिस्टिक्स को झटका दिया है, क्योंकि आईएल-76 जैसे विमान सैनिकों और हथियारों की आपूर्ति के लिए महत्वपूर्ण हैं। अल जजीरा की रिपोर्ट में कहा गया है कि आरएसएफ ने हाल ही में एक अन्य आईएल-76 को चीनी एफके-2000 एयर डिफेंस सिस्टम से मार गिराने का दावा किया था, जो नवंबर 2025 की घटना थी। क्या यह दुर्घटना भी इसी तरह की तोपखाने या ड्रोन हमले का नतीजा है? सैन्य विशेषज्ञों का मानना है कि युद्ध के कारण हवाई संचालन जोखिम भरा हो गया है।
इस बीच, युद्ध का असर आम नागरिकों पर भारी पड़ रहा है। एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, एक ड्रोन हमले में बाजार और आवासीय क्षेत्रों पर 60 से अधिक लोग मारे गए और 100 घायल हुए, जो पोर्ट सूडान के पास ही हुआ। संयुक्त राष्ट्र के अनुसार, सूडान में 25 मिलियन से अधिक लोग मानवीय सहायता पर निर्भर हैं, और विमान दुर्घटना ने राहत कार्यों को और बाधित किया है। रेड क्रॉस जैसी संस्थाएं बचाव और जांच में जुटी हैं, लेकिन गोलीबारी के कारण पहुंच मुश्किल है।
अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया तीव्र है। अमेरिका और यूरोपीय संघ ने युद्धविराम की अपील की है, जबकि रूस—जो सूडानी सेना को हथियार सप्लाई करता है—ने जांच की मांग की। एल अरबिया के स्रोतों ने बताया कि यह हादसा सैन्य विमानों की कमी को उजागर करता है, जो पहले से ही युद्ध से प्रभावित हैं। विशेषज्ञ चेतावनी दे रहे हैं कि यदि संघर्ष नहीं रुका, तो सूडान की अर्थव्यवस्था—जो तेल पर निर्भर है—पूरी तरह ढह जाएगी।
यह दुर्घटना सूडान के लिए एक और दुखद अध्याय है। चालक दल के सदस्यों को श्रद्धांजलि देते हुए, दुनिया को अब शांति प्रयासों पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। क्या यह घटना युद्ध समाप्ति की दिशा में मोड़ लाएगी? समय बताएगा, लेकिन लाखों सूडानियों की जिंदगी दांव पर है।