भारतीय एविएशन उद्योग में हलचल मच गई है, जब इंडिगो (इंटरग्लोब एविएशन) के शेयरों में भारी गिरावट दर्ज की गई, वहीं स्पाइसजेट के शेयरों ने जोरदार उछाल मारा। इंडिगो की लगातार उड़ान रद्दीकरण और देरी की समस्या सातवें दिन भी बनी रही, जिसके चलते डीजीसीए ने सीईओ को शो-कॉज नोटिस जारी किया। इस संकट से कंपनी का मार्केट कैप $4.3 बिलियन (करीब ₹36,000 करोड़) गिर गया। दूसरी ओर, स्पाइसजेट ने इस अवसर का फायदा उठाते हुए अतिरिक्त उड़ानें जोड़ीं, जिससे उसके शेयर 14% तक उछल गए। यह घटनाक्रम निवेशकों के बीच चिंता और अवसर दोनों पैदा कर रहा है।

इंडिगो का संकट: उड़ान बाधाओं से शेयरों में 8% की गिरावट

इंडिगो, जो भारत की सबसे बड़ी एयरलाइन है, पिछले एक सप्ताह से स्टाफिंग संकट और परिचालन समस्याओं का सामना कर रही है। 30 नवंबर से शुरू हुई यह समस्या अब सातवें दिन प्रवेश कर चुकी है, जिसमें सैकड़ों उड़ानें रद्द या विलंबित हो चुकी हैं। नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने कंपनी के सीईओ पीटर एल्बर्स को 24 घंटे के अंदर स्पष्टीकरण मांगा है, जिसमें प्लानिंग में चूक और यात्री असुविधा पर सवाल उठाए गए हैं।

मंडे के ट्रेडिंग सेशन में इंडिगो के शेयर एनएसई पर 8% तक लुढ़क गए, जो फरवरी 2022 के बाद का सबसे बड़ा सिंगल-डे फॉल है। शेयर कीमत ₹4,941 के निचले स्तर पर पहुंच गई, जबकि दिन की शुरुआत ₹5,300 के आसपास हुई थी। ब्रोकरेज फर्मों जैसे मोटिलाल ओसवाल और जेएम फाइनेंशियल ने टारगेट प्राइस कट किया, जिसमें कुछ ने ₹5,800 से घटाकर ₹5,200 कर दिया। दिसंबर 2025 में अब तक शेयर 13.5% नीचे हैं, और कंपनी का मार्केट कैप ₹2.28 लाख करोड़ से घटकर ₹1.92 लाख करोड़ रह गया।

इस संकट से यात्री परेशान हैं – दिल्ली एयरपोर्ट ने चेतावनी जारी की है कि देरी जारी रह सकती है। कंपनी ने ₹610 करोड़ के रिफंड की तैयारी की है, लेकिन लागत बढ़ने से लाभप्रदता पर असर पड़ेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि यह स्टाफिंग और मौसमी चुनौतियों का मिश्रण है, जो इंडिगो की बाजार हिस्सेदारी (60% से अधिक) को प्रभावित कर सकता है।

स्पाइसजेट की भारी उड़ान: 17% का दो सेशन रैली, इंडिगो संकट से फायदा

इंडिगो की मुश्किलों के बीच स्पाइसजेट ने बाजार में अपनी मजबूती दिखाई। कंपनी ने अतिरिक्त उड़ानें जोड़कर क्षमता बढ़ाई, जिससे यात्रियों का रुझान उसकी ओर हुआ। सोमवार को शेयर बीएसई पर 14% उछलकर ₹35.50 के इंट्राडे हाई पर पहुंच गए, जो दो सेशनों में कुल 17% की बढ़त है। 52-वीक लो ₹28.13 (अक्टूबर 2025) से रिकवर करते हुए यह उछाल निवेशकों का भरोसा बहाल कर रहा है।

स्पाइसजेट ने एफवाई27 के लिए मजबूत रिवाइवल प्लान की घोषणा की, जिसमें फ्लीट एक्सपैंशन और क्षमता दोगुनी करने का लक्ष्य है। क्यू2 में 55 करोड़ ASK (Available Seat Kilometers) से दिसंबर 2025 तक 110 करोड़ पहुंच चुकी है, और 2026 तक 220 करोड़ का लक्ष्य है। यह पॉजिटिव फोरकास्ट ने भी शेयरों को बूस्ट दिया। हालांकि, कंपनी अभी भी कर्ज और कानूनी मुद्दों से जूझ रही है, लेकिन इंडिगो का संकट उसके लिए ‘लिफ्ट-ऑफ’ साबित हो रहा है।

प्रमुख आंकड़े और हाइलाइट्स

कंपनीशेयर मूवमेंट (8 दिसंबर 2025)मार्केट कैप प्रभावकारण
इंडिगो-8% (₹4,941 तक गिरावट)-$4.3 बिलियनउड़ान रद्दीकरण, डीजीसीए नोटिस
स्पाइसजेट+14% (₹35.50 तक उछाल)+₹1,200 करोड़अतिरिक्त उड़ानें, रिवाइवल प्लान
  • इंडिगो: दिसंबर में 13.5% गिरावट; ब्रोकरेज टारगेट कट।
  • स्पाइसजेट: दो सेशनों में 17% गेन; 52-वीक हाई ₹62.50 (दिसंबर 2024) की ओर।
  • सेक्टर प्रभाव: एविएशन इंडेक्स 2% नीचे; निवेशक अन्य एयरलाइंस जैसे एयर इंडिया पर नजर।

विशेषज्ञों की राय

ब्रोकरेज एनालिस्ट ने कहा, “इंडिगो का संकट अल्पकालिक लगता है, लेकिन लागत बढ़ेगी। स्पाइसजेट को छोटा फायदा मिलेगा, लेकिन सस्टेनेबिलिटी पर सवाल।” (मोटिलाल ओसवाल)। इंडिगो सीईओ ने बयान जारी कर कहा, “हम समस्या का समाधान कर रहे हैं और यात्री विश्वास बहाल करेंगे।”

यह घटनाक्रम भारतीय एविएशन को नई दिशा दे सकता है, जहां प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी। निवेशकों को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है।

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By SHAHID

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